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वाई श्रेणी से ज्यादा था शैलेंद्र का सुरक्षा घेरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 02 May 2015 11:17 PM IST
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शहर कोतवाली क्षेत्र के डैंपियर नगर निवासी शैलेन्द्र अग्रवाल खुद को समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय स्तर के नेता साबित करता रहा है। पहले उसके पास सपा व्यापार सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद था। लोगों पर हनक जताने के लिए उसने 11 गनर ले रखे थे। उसे यह सुविधा गनर की सैलरी की सिर्फ दस प्रतिशत अदायगी पर मिली थी।
मथुरा में बड़ी तेजी के साथ सुर्खियों में आया शैलेंद्र वर्ष 2006 में सपा व्यापार सभा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बन बैठा। इसके बाद वह आगरा में रहने लगा। आगरा में रहने के दौरान उसने दो साल पूर्व अपने परिवारीजनों की सुरक्षा का हवाला देकर गनर देने के आदेश कराए।
इसमें उसने अपने पिता मुरारीलाल, चाचा बनवारीलाल, भाई नितेन्द्र अग्रवाल और जमुना कोल्ड स्टोरेज के डायरेक्टर मनमोहन शर्मा के नाम की सुरक्षा का हवाला दिया। इसमें चार गनर मथुरा पुलिस लाइन से दिए गए। मथुरा की जनपदीय समिति से दो गनर और दो गनर डीआईजी आगरा की ओर से गठित मंडलीय समिति की संस्तुति पर दिए गए। हर तीन माह बाद उनका रिन्युअल किया जाता रहा।
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31 मार्च को समयावधि पूरी होने के बाद चार अप्रैल को मथुरा के चारों गनर वापस ले लिए गए। वहीं आगरा की पुलिस लाइन से उसने छह गनर लिए थे। यह गनर उसने अपने, पत्नी और अपने दो सचिव सहित परिवार के छह लोगों की सुरक्षा के नाम पर लिए। गनर को लेने के लिए उसने शासन से संस्तुति कराई। एक गनर कन्नौज की पुलिस लाइन से लिया गया।
गनर की संस्तुति के लिए शासन से पड़ा दबाव
शैलेन्द्र के प्रार्थना पत्रों को जनपद की स्थानीय समिति ने कई बार गनर न देने की संस्तुति की तो उसने लखनऊ से दबाव बनवाया। इसके लिए सचिवालय और सीएम कार्यालय से पत्र भी भेजे गए।
आधी रात को डैंपियर नगर स्थित घर पर दबिश
दरोगा और शहर के धनी लोगों से करोड़ों की ठगी कराने के मामले में आगरा डीआईजी के निर्देश पर मथुरा पुलिस ने देर रात शैलेन्द्र अग्रवाल के डैंपियर नगर स्थित आवास पर दबिश दी। एसपी देहात अजय कुमार के नेतृत्व में दी गई दबिश में सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी, कोतवाली प्रभारी, गोविंद नगर, कृष्णानगर पुलिस व एलआईयू के लोग शामिल हुए। उसका मकान बंद मिला। एक कमरे का शीशा पुलिस को टूटा मिला। कमरे में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के पदनाम लिखी गाड़ियों पर लगाने वाली और गेट पर लटकाने वाली प्लेट मिली। कुछ नकदी मिलने की भी चर्चा है।
आगरा से अधिकारियों के निर्देश पर शैलेन्द्र अग्रवाल के डैंपियर नगर स्थित आवास पर दबिश दी गई थी। दबिश में कुछ खास नहीं मिला। उसके बारे में मथुरा से कुछ जानकारी भी मांगी गई थी।
- मंजिल सैनी, एसएसपी मथुरा
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मथुरा में बड़ी तेजी के साथ सुर्खियों में आया शैलेंद्र वर्ष 2006 में सपा व्यापार सभा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बन बैठा। इसके बाद वह आगरा में रहने लगा। आगरा में रहने के दौरान उसने दो साल पूर्व अपने परिवारीजनों की सुरक्षा का हवाला देकर गनर देने के आदेश कराए।
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इसमें उसने अपने पिता मुरारीलाल, चाचा बनवारीलाल, भाई नितेन्द्र अग्रवाल और जमुना कोल्ड स्टोरेज के डायरेक्टर मनमोहन शर्मा के नाम की सुरक्षा का हवाला दिया। इसमें चार गनर मथुरा पुलिस लाइन से दिए गए। मथुरा की जनपदीय समिति से दो गनर और दो गनर डीआईजी आगरा की ओर से गठित मंडलीय समिति की संस्तुति पर दिए गए। हर तीन माह बाद उनका रिन्युअल किया जाता रहा।
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31 मार्च को समयावधि पूरी होने के बाद चार अप्रैल को मथुरा के चारों गनर वापस ले लिए गए। वहीं आगरा की पुलिस लाइन से उसने छह गनर लिए थे। यह गनर उसने अपने, पत्नी और अपने दो सचिव सहित परिवार के छह लोगों की सुरक्षा के नाम पर लिए। गनर को लेने के लिए उसने शासन से संस्तुति कराई। एक गनर कन्नौज की पुलिस लाइन से लिया गया।
गनर की संस्तुति के लिए शासन से पड़ा दबाव
शैलेन्द्र के प्रार्थना पत्रों को जनपद की स्थानीय समिति ने कई बार गनर न देने की संस्तुति की तो उसने लखनऊ से दबाव बनवाया। इसके लिए सचिवालय और सीएम कार्यालय से पत्र भी भेजे गए।
आधी रात को डैंपियर नगर स्थित घर पर दबिश
दरोगा और शहर के धनी लोगों से करोड़ों की ठगी कराने के मामले में आगरा डीआईजी के निर्देश पर मथुरा पुलिस ने देर रात शैलेन्द्र अग्रवाल के डैंपियर नगर स्थित आवास पर दबिश दी। एसपी देहात अजय कुमार के नेतृत्व में दी गई दबिश में सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी, कोतवाली प्रभारी, गोविंद नगर, कृष्णानगर पुलिस व एलआईयू के लोग शामिल हुए। उसका मकान बंद मिला। एक कमरे का शीशा पुलिस को टूटा मिला। कमरे में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के पदनाम लिखी गाड़ियों पर लगाने वाली और गेट पर लटकाने वाली प्लेट मिली। कुछ नकदी मिलने की भी चर्चा है।
आगरा से अधिकारियों के निर्देश पर शैलेन्द्र अग्रवाल के डैंपियर नगर स्थित आवास पर दबिश दी गई थी। दबिश में कुछ खास नहीं मिला। उसके बारे में मथुरा से कुछ जानकारी भी मांगी गई थी।
- मंजिल सैनी, एसएसपी मथुरा