फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   public attack on police station in mathura

पुलिस पर हमला कर थाने में बंद हत्यारोपी को छुड़ाया

Mon, 06 Mar 2017 11:58 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Mon, 06 Mar 2017 11:58 PM IST
विज्ञापन
public attack on police station in mathura
police - फोटो : Demo Pic
दलित किशोर की हत्या के आरोपी की गिरफ्तारी के विरोध में थाना मांट के बाहर लगाए गए जाम को खुलवाने के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। ग्रामीणों ने थाने में घुसकर पुलिस कर्मियों को पीटना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से घबराए पुलिस कर्मी थाने से भाग खड़े हुए। ग्रामीण पुलिस कस्टडी से हत्यारोपी को छुड़ाकर फरार हो गए। मामले में गांव नानकपुर निवासी 14 लोगों और 30-35 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन


घटनाक्रम रविवार का है। फजीहत से बचने के लिए पुलिस मामले को दबाए रही और आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास करती रही, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आए है। थाना नौहझील के गांव नानकपुर में 24 दिसंबर 2016 को दलित किशोर बलवीर (13) का शव मिला था।
विज्ञापन


इस मामले में गांव के ही एक युवक रमेश का नाम जांच में सामने आ रहा था। रविवार को थाना नौहझील पुलिस ने उसे पकड़ लिया और हंगामे की आशंका के चलते पुलिस उसे लेकर थाना मांट चली गई। रमेश पक्ष के लोग थाना मांट पर पहुंच गए। पहले उसे छुड़ाने के लिए हंगामा किया, उसके बाद थाने के बाहर जाम लगा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने जाम खुलवाने और थाने के बाहर से उन्हें हटाने का  प्रयास किया तो ग्रामीणों ने उनपर हमला बोल दिया। पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हमले में नौहझील थाने के तीन सिपाही पंकज सिंह, विजय यादव और मुकेश घायल हो गए। ग्रामीणों के रमेश को छुड़ाकर फरार हो जाने बाद छिप गए पुलिसकर्मी बाहर आए और घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक नौहझील राघवेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।

ढाई माह पूर्व मिला था किशोर का शव
थाना नौहझील के गांव नानकपुर में 24 दिसंबर 2016 को दलित किशोर बलवीर (13) का शव मिला था। प्रभारी निरीक्षक थाना नौहझील ने बताया कि किशोर की हत्या में रमेश का नाम जांच के बाद प्रकाश में आया था। इसे पुलिस पकड़कर थाना मांट ले गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने थाने में पुलिस पर हमला बोला है।


पुलिस हमले में यह हुए नामजद
रमेश, जीवन, रोशन मास्टर, पप्पू, दिगंबर, रिंकू, पूरन, आनंद, हरकेश, बिजेंद्र, दीवान, सतेंद्र, नेम सिंह, रंधीर और 30-35 अज्ञातों पर धारा 147, 148, 332, 353, 307, 504, 506, 225, 224 के अलावा 188 आईपीसी में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

-हत्यारोपी को पकड़कर लाई पुलिस पर हुए हमले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। नामजद आरोपी को छुड़ाकर ले गए हैं। जल्द ही हमलावरों की गिरफ्तारी की जाएगी।
-अरुण कुमार सिंह, एसपी देहात

पूर्व में हुए पुलिस पर हमले
-मई 2013 में बरसाना के गांव हाथिया में स्वाट टीम पर हमले में सिपाही सतीश परिहार की हत्या।
-जुलाई 2014 में श्रीधाम एक्सप्रेस ट्रेन में पुलिस पर हमला, सिपाही और आरोपी को मारा, राइफल लूटी।

-मार्च 2015 में अंबेडकर प्रतिमा तोड़ने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने जमुनापार पुलिस पर किया हमला।
-जुलाई 2015 में फरह के गांव परखम पुलिस पर हमलाकर आरोपी छुड़ाए।
-नवंबर 2015 गोकुल बैराज पर हुआ पुलिस पर हमला, छह पुलिसकर्मी हुए घायल।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed