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लेडी किलर कौन, टोल पर टिकी पुलिस की जांच

Sat, 13 Aug 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो, अमर उजालाप मथुरा
ब्यूरो, अमर उजालाप मथुरा Updated Sat, 13 Aug 2016 11:56 PM IST
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police investigate murder case
ईडी ने नारंग की दो करोड़ उनतीस लाख चवालीस हजार से ज्यादा की संपत्ति एवं बैंक धनराशि को जब्त किया है।
संभावना
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एक- हत्यारों ने फरह टोल पार नहीं किया और आगरा की ओर से लाकर शव फेंक दिए
दो- शव फेंकने के बाद हत्यारे फरह टोल पार कर हाईवे पर दिल्ली की ओर निकल गए
तीन-हत्यारे शव लेकर दिल्ली की ओर से आए और शव फेंककर आगरा की ओर गए

दो दिन, हाईवे पर दो किलोमीटर का फासला और बैग में बंद दो लाश। यह एक ऐसी अनसुलझी गुत्थी जिसने पुलिस की नींद उड़ा दी है। शवों की शिनाख्त नहीं हुई, सुराग के नाम पर पुलिस के पास वे दो बैग है,जिनमें एक महिला (40) और युवती (25) की लाश बंद कर फेंक दी गई। दोनों लाशों की ठिकाने लगाने के लिए इस्तेमाल की गई कार की पुलिस को तलाश है। इसके लिए टोल प्लाजा से पास होने वाले वाहनों के  नंबर और सीसीटीवी फुटेज को पुलिस खंगाल रही है। 

हत्या और शव ठिकाने लगाने का तरीका भी एक ही जैसा है। दोनों शव फरह टोल से आगरा की ओर मिले हैं। ऐसे में एक संभावना यह भी है कि आगरा की ओर से लाकर शवों को फेंका गया हो। लेकिन आगरा और आसपास के जिलों में एक ही परिवार या रिश्ते की इस उम्र की महिला और युवती गुमशुदाओं की सूची में फिलहाल नहीं है।
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दूसरी संभावना नोएडा दिल्ली की ओर से इन्हें घुमाने के बहाने आगरा लाया गया हो और वापसी में हत्या कर शव फेंक दिए गए।  कार से हत्यारोपी आराम के साथ टोल पार कर निकल गए। नोएडा और दिल्ली में भी लापता चल रही इस उम्र की महिला व युवतियों के बारे में जानकारी जा रही है।
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पहली दोनों ही संभावनाओं में शव आगरा की ओर से लाकर फेंके जाने की बात। तीसरी संभावना नोएडा दिल्ली से लाकर शव फेंकने की, लेकिन रास्ते में कम से कम तीन से चार टोल पार करने का रिस्क और पुलिस की चेकिंग, यह इस लाइन को कमजोर कर रही है। फिलहाल पुलिस की जांच अब टोल पर टिक गई है। यहां लगे कैमरों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।

अब तक की डिटेल के अनुसार पुलिस को टोल पर कोई ऐसा संदिग्ध वाहन या व्यक्ति नजर नहीं आया है जो यहां से गुजरा हो। पुलिस मान रही है कि हो सकता है कि हत्यारों ने टोल को पार ही नहीं किया हो और बदमाश गाड़ी लेकर आगरा की तरफ से आए हों। इस मामले में क्राइम ब्रांच और एसओजी के साथ कई दूसरी एजेंसियों को भी लगाया गया है।

एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरे चेक कराए जा रहे हैं। अभी तक कहीं भी कोई संदिग्ध नजर नहीं आ रहा है। इससे लगता है कि अपराधियों ने टोल पार नहीं किया है। यह भी हो सकता है कि आगरा की तरफ से यह लोग आए हों।


पुलिस की सुस्ती से असुरक्षित हुए हाईवे
प्रदेश के हाईवे ‘क्राइम प्वाइंट’ में तब्दील हो गए हैं। हत्या, लूट और बलात्कार जैसे क्राइम अब सड़कों पर होने लगे हैं। चाहे बुलंदशहर का रेप कांड हो या फिर मथुरा में बैग में बंद करके फेंके गए महिला और युवती के शव। आए दिन इस प्रकार की वारदातें हो रही हैं। दौड़ती गाड़ियों से शव फेंके जा रहे हैं। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक तीन महीनों में 50 से भी अधिक शव हाईवे पर मिल चुके हैं।

रफ्तार के प्रोजेक्ट यमुना एक्सप्रेसवे पर ही जनवरी से अगस्त तक लूट की 10 वारदातें हो चुकी हैं। बदमाशों ने गाड़ी में लिफ्ट ली और मौका देखकर वारदात को अंजाम दे दिया। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी लूट की कई वारदातें हो चुकी हैं।

दो दिन में दो महिलाओं के शव यहां से बरामद किए जा चुके हैं। लूट की भी दो वारदातें हो गईं। एक इंजीनियर को लूटा गया और एक कारोबारी को। अलीगढ़ से मुरादाबाद तक जाने वाले हाईवे पर भी कई वारदातें हो चुकी हैं। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर भी आए दिन घटनाएं हो रही हैं। प्रदेश भर में यही स्थिति है। बढ़ती घटनाओं को देख हाईकोर्ट को संज्ञान लेना पड़ा। अदालत ने माना है कि पुलिस की लापरवाही से सड़कों पर वारदातें हो रही हैं।


चेकिंग नहीं सड़कों पर वसूली करती है पुलिस
हाईवे पर पेट्रोलिंग और गश्त की पूरी व्यवस्था है। अब तो पुलिस को नए-नए वाहन और अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं, लेकिन पुलिस चेकिंग कर ही कहां रही है। पूर्व डीजीपी ब्रजलाल का कहना है कि हाईवे पर थाने और चौकियां बेची जाती हैं। जब तक नेता या अधिकारी को पैसा नहीं मिलेगा हाईवे के किसी थाने का चार्ज नहीं मिलेगा। पुलिस वाले भी वसूली में ही लगे दिखाई देते हैं या ढाबों के पास गाड़ियां खड़ी करके सो जाते हैं। सीनियर अधिकारी तो कभी हाईवे की ड्यूटियों को चेक करने के लिए निकलते ही नहीं हैं।
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