{"_id":"57b9f23d4f1c1bf654d4f191","slug":"police-arrest-six-person-in-act-420","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी बोर्ड के फर्जी फार्म भरने वाले दबोचे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
यूपी बोर्ड के फर्जी फार्म भरने वाले दबोचे
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 22 Aug 2016 12:09 AM IST
विज्ञापन
शिक्षा माफिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में फर्जी प्रवेश फार्म भरने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक कालेज के संचालक सहित छह लोगों को पकड़ा गया है। इनके कब्जे से चार लैपटॉप, 80,000 रुपये, भारी संख्या में मार्कशीट की काफी और प्रवेश फार्म बरामद किए हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में फर्जी प्रवेश फार्म भरकर रुपये ऐंठने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने रविवार शाम भरतपुरिया पेच में किशोर के मकान पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान मकान के एक कमरे में हिंदुस्तान इंटर कालेज पैगांव के मालिक ओमप्रकाश, पैगांव निवासी टिंकू, नागल जाट बहीन निवासी सोमदत्त, फालैन निवासी धीरज, पंकज और सुपाना निवासी महावीर को पकड़ लिया।
पुलिस ने कमरे से चार लैपटॉप, 80,000 रुपये, 534 प्रवेश फार्म, 28 बंडल मार्कशीट छायाप्रति, दो नेट सेटर बरामद किए। एसपी ग्रामीण अरुण कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अन्य कालेजों की जांच के लिए अधीनस्थों को कहा गया है। फर्जीवाडे़ में शामिल कालेज संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
वित्तविहीन कालेज संचालकों ने निकाला यह फार्मूला
वित्तविहीन कालेज संचालक यूपी बोर्ड में प्रतिवर्ष लाखों विद्यार्थियों को अन्य प्रांतों के कालेज के रजिस्ट्रेशन के आधार पर बोर्ड की परीक्षा फार्म भरवा कर लाखों रुपये ऐंठ रहे थे। लेकिन इस वर्ष यूपी बोर्ड की वेबसाइट इस वर्ष अन्य प्रांतों के छात्रों का रजिस्ट्रेशन एसेप्ट ही नहीं कर रही है।
अब कालेज संचालकों ने वर्ष 2005 से पूर्व फेल हुए अन्य कालेज के छात्रों की लिस्ट निकलवा ली है। यूपी बोर्ड ने 2005 से पूर्व के छात्रों के माता और पिता का नाम वेबसाइट पर नहीं दिया है। अत: ऐसे छात्र खोजे गए जिनका नाम लिस्ट में मौजूद था, उनके साथ अन्य छात्र के माता-पिता का नाम डालकर वेबसाइट पर अपलोड कर दिया। इसे वेबसाइट ने फेल छात्र मानकर स्वीकार कर लिया।
इस तरह के मामले पूरे प्रदेश में लाखों की संख्या में हैं। नियमानुसार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का फार्म भरने के लिए नौवीं और ग्यारहवीं का रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। पकड़े गए ज्यादातर फार्म हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के छात्रों के हैं। सूत्रों के मुताबिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास तक ऐसी जानकारी है, लेकिन वह अनजान बने हुए हैं।
पुलिस टीम को इनाम
एसएसपी बबलू कुमार ने गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम को पांच हजार रुपये इनाम की घोषणा की। टीम में कोटवन चौकी प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा, इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार यादव, लोकेश भाटी, प्रदीप कुमार, कांस्टेबल अभिजीत, अजय कुमार, संजीव कुमार, अभिषेक कुमार, सुधीर कुमार, दीप सिंह आदि थे।
विज्ञापन
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में फर्जी प्रवेश फार्म भरकर रुपये ऐंठने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने रविवार शाम भरतपुरिया पेच में किशोर के मकान पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान मकान के एक कमरे में हिंदुस्तान इंटर कालेज पैगांव के मालिक ओमप्रकाश, पैगांव निवासी टिंकू, नागल जाट बहीन निवासी सोमदत्त, फालैन निवासी धीरज, पंकज और सुपाना निवासी महावीर को पकड़ लिया।
विज्ञापन
पुलिस ने कमरे से चार लैपटॉप, 80,000 रुपये, 534 प्रवेश फार्म, 28 बंडल मार्कशीट छायाप्रति, दो नेट सेटर बरामद किए। एसपी ग्रामीण अरुण कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अन्य कालेजों की जांच के लिए अधीनस्थों को कहा गया है। फर्जीवाडे़ में शामिल कालेज संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
वित्तविहीन कालेज संचालकों ने निकाला यह फार्मूला
वित्तविहीन कालेज संचालक यूपी बोर्ड में प्रतिवर्ष लाखों विद्यार्थियों को अन्य प्रांतों के कालेज के रजिस्ट्रेशन के आधार पर बोर्ड की परीक्षा फार्म भरवा कर लाखों रुपये ऐंठ रहे थे। लेकिन इस वर्ष यूपी बोर्ड की वेबसाइट इस वर्ष अन्य प्रांतों के छात्रों का रजिस्ट्रेशन एसेप्ट ही नहीं कर रही है।
अब कालेज संचालकों ने वर्ष 2005 से पूर्व फेल हुए अन्य कालेज के छात्रों की लिस्ट निकलवा ली है। यूपी बोर्ड ने 2005 से पूर्व के छात्रों के माता और पिता का नाम वेबसाइट पर नहीं दिया है। अत: ऐसे छात्र खोजे गए जिनका नाम लिस्ट में मौजूद था, उनके साथ अन्य छात्र के माता-पिता का नाम डालकर वेबसाइट पर अपलोड कर दिया। इसे वेबसाइट ने फेल छात्र मानकर स्वीकार कर लिया।
इस तरह के मामले पूरे प्रदेश में लाखों की संख्या में हैं। नियमानुसार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का फार्म भरने के लिए नौवीं और ग्यारहवीं का रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। पकड़े गए ज्यादातर फार्म हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के छात्रों के हैं। सूत्रों के मुताबिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास तक ऐसी जानकारी है, लेकिन वह अनजान बने हुए हैं।
पुलिस टीम को इनाम
एसएसपी बबलू कुमार ने गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम को पांच हजार रुपये इनाम की घोषणा की। टीम में कोटवन चौकी प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा, इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार यादव, लोकेश भाटी, प्रदीप कुमार, कांस्टेबल अभिजीत, अजय कुमार, संजीव कुमार, अभिषेक कुमार, सुधीर कुमार, दीप सिंह आदि थे।