{"_id":"575094784f1c1b8c49108c6a","slug":"operation-jawahar-bagh","type":"story","status":"publish","title_hn":"फायरिंग की आवाज जहां तक गई फैली दहशत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फायरिंग की आवाज जहां तक गई फैली दहशत
अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 03 Jun 2016 02:00 AM IST
विज्ञापन
फायरिंग की आवाज जहां तक गई फैली दहशत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जवाहर बाग पर कब्जा जमाए लोगों को खदेड़ने की कोशिश बीते कई महीनों से चल रही थी लेकिन गुरुवार शाम प्रशासन एक्शन मोड पर आ गया। भारी फोर्स को लेकर अधिकारी बाग को खाली कराने पहुंचे। भीड़ ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस की तरफ से भी फायरिंग की गई। जहां तक लोग फायरिंग की आवाज सुन रहे थे दहशत फैल रही थी।
गुरुवार शाम को करीब साढ़े पांच बजे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी फोर्स के साथ जवाहर बाग में घुस गए थे। अचानक फोर्स को देख भीड़ ने पथराव कर दिया। फायरिंग की गई। काफी देर तक बवाल होता रहा। जवाहर बाग का पूरा इलाका सील कर दिया गया था। आसपास के रास्तों पर आवाजाही रोक दी गई। हर तरफ फोर्स ही फोर्स नजर आ रहा था।
देर शाम तक यह आपरेशन चलता रहा। पूरा इलाका धांय धांय से गूंजता रहा। गोलियों की आवाज जहां भी पहुंच रही थी वहीं सनसनी फैलती चली गई। आसपास के इलाकों में लोग अपने घरों में कैद हो गए। एक दूसरे को फोन करके मामले की जानकारी देते रहे। बवाल बढ़ने पर आसपास के जिलों से भी पुलिस को बुला लिया गया था। पुलिस के सभी बड़े अफसर मौके पर मौजूद रहकर शासन को पल पल की रिपोर्ट देते रहे।
विज्ञापन
कई इलाकों में अघोषित कर्फ्यू
मथुरा। आपरेशन जवाहर बाग से पहले पुलिस ने पूरा इलाका सील कर दिया था। सिविल लाइंस के कई इलाकों में तो अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति रही। सड़कों पर खाकी के अलावा कोई नजर नहीं आ रहा था। पुलिस की गाड़ियां इधर उधर दौड़ती नजर आईं।
जवाहर बाग को खाली कराने की प्लानिंग गुरुवार को सुबह ही तैयार कर ली गई थी। जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके इरादे साफ कर दिए। दोपहर से ही पुलिस सड़क पर आ गई और पूरा इलाका घेर लिया।
जवाहर बाग के आसपास वाले रास्ते सिविल लाइंस, टैंक चौराहा, आर्मी एरिया के साथ ही आसपास के मुहल्लों में पुलिस तैनात हो गई। इन रास्तों पर पूरी तरह से आवाजाही को रोक दिया। पुलिस ने मोर्चा संभालकर जवाहर बाग को कवर कर लिया। लोग मकान की छतों से माहौल जानने की कोशिश करते रहे। पुलिस भी लोगों को इस तरफ नहीं जाने को कहती रही। कुछ ही देर में यह खबर आग की तरह पूरे मथुरा में फैल गई।
विज्ञापन
गुरुवार शाम को करीब साढ़े पांच बजे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी फोर्स के साथ जवाहर बाग में घुस गए थे। अचानक फोर्स को देख भीड़ ने पथराव कर दिया। फायरिंग की गई। काफी देर तक बवाल होता रहा। जवाहर बाग का पूरा इलाका सील कर दिया गया था। आसपास के रास्तों पर आवाजाही रोक दी गई। हर तरफ फोर्स ही फोर्स नजर आ रहा था।
विज्ञापन
देर शाम तक यह आपरेशन चलता रहा। पूरा इलाका धांय धांय से गूंजता रहा। गोलियों की आवाज जहां भी पहुंच रही थी वहीं सनसनी फैलती चली गई। आसपास के इलाकों में लोग अपने घरों में कैद हो गए। एक दूसरे को फोन करके मामले की जानकारी देते रहे। बवाल बढ़ने पर आसपास के जिलों से भी पुलिस को बुला लिया गया था। पुलिस के सभी बड़े अफसर मौके पर मौजूद रहकर शासन को पल पल की रिपोर्ट देते रहे।
विज्ञापन
कई इलाकों में अघोषित कर्फ्यू
मथुरा। आपरेशन जवाहर बाग से पहले पुलिस ने पूरा इलाका सील कर दिया था। सिविल लाइंस के कई इलाकों में तो अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति रही। सड़कों पर खाकी के अलावा कोई नजर नहीं आ रहा था। पुलिस की गाड़ियां इधर उधर दौड़ती नजर आईं।
जवाहर बाग को खाली कराने की प्लानिंग गुरुवार को सुबह ही तैयार कर ली गई थी। जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके इरादे साफ कर दिए। दोपहर से ही पुलिस सड़क पर आ गई और पूरा इलाका घेर लिया।
जवाहर बाग के आसपास वाले रास्ते सिविल लाइंस, टैंक चौराहा, आर्मी एरिया के साथ ही आसपास के मुहल्लों में पुलिस तैनात हो गई। इन रास्तों पर पूरी तरह से आवाजाही को रोक दिया। पुलिस ने मोर्चा संभालकर जवाहर बाग को कवर कर लिया। लोग मकान की छतों से माहौल जानने की कोशिश करते रहे। पुलिस भी लोगों को इस तरफ नहीं जाने को कहती रही। कुछ ही देर में यह खबर आग की तरह पूरे मथुरा में फैल गई।