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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आपरेशन जवाहर बाग
अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 04 Jun 2016 01:16 AM IST
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- फोटो : getty images
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जवाहर बाग को लेकर पुलिस और कब्जाधारियों के बीच हुआ खूनी संघर्ष सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। फेसबुक और व्हाट्सएप यूजर्स एक दूसरे से इससे जुड़ी हर खबर शेयर करते रहे। इससे अफवाहों का बाजार भी खूब गर्म हुआ।
गुरुवार को जैसे ही जवाहर बाग पर कब्जा करने वाले और पुलिस के बीच संघर्ष की शुरूआत हुई तो व्हाट्सएप पर सूचनाओं की झड़ी लग गई। खासकर ग्रुप में लोग पल-पल का अपडेट करने लगे। इससे मथुरा सहित आसपास के जिलों में जवाहर बाग को लेकर लोगों की जिज्ञासा अचानक बढ़ गई। घरों पर बैठे लोग टीवी सेट खोलकर न्यूज चैनल देखने लगे।
फेसबुक पर भी यह घटना देखते ही देखते छा गई। अनेक लोगों ने फेसबुक पर जवाहर बाग में लग रही आग और आसपास की गतिविधियों के फोटो डाउनलोड कर दिए। व्हाट्सएप पर तो भ्रामक सूचनाओं की भी झड़ी लगा दी। इस संघर्ष के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के मरने की सूचनाएं हवा की तरह फैलने लगी।
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पुलिस अधिकारियों के बारे में भी व्हाट्सएप पर सूचनाएं आईं। इसमें से कई सूचनाएं प्रशासनिक पुष्टि से पहले ही लोगों तक पहुंच गईं। इसमें एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ फरह संतोष कुमार की मौत भी शामिल रही।
सोशल मीडिया की इस सक्रियता के चलते मथुरा का जवाहर बाग देखते ही देखते देश भर की सुर्खियों में आ गया। मथुरा जिले के लोगों के रिश्तेदार और परिचितों के फोन दिल्ली, राजस्थान, मुंबई आदि स्थानों से आने लगे।
फेसबुक पर दी गई श्रद्धांजलि
शनिवार को इन दोनों जाबांज अफसरों को सोशल मीडिया ने श्रद्धांजलि भी दी। दोनों के साथ अपने-अपने अनुभव लोगों ने साझा किए। खासकर मुकुल द्विवेदी के मधुर व्यवहार ने लोगों को सोशल मीडिया पर भी रुला दिया।
प्रशासनिक अनुभव में मुुकुल द्विवेदी एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में मिले, जो एक मुलाकात में किसी को भी अपना बना लेते थे।
- विश्वभूषण मिश्रा, एसडीएम
मुकुल द्विवेदी और संतोष कुमार का व्यक्तित्व बहुत ही मिलनसार था। दोनों ही अफसरों के साथ रहकर इसका अहसास ही नहीं होता कि ये भी पुलिस का चेहरा हैं।
- रमाकांत भारद्वाज, एडवोकेट
भ्रातसम कर्तव्यनिष्ठ, लोकप्रिय, जाबांज और हरदिल अजीज मुकुल द्विवेदी लोगों में प्रिय पुलिस अधिकारी थे। दोनों ही अफसरों की शहादत दिल को झकझोरने वाली है।
- पवन चतुर्वेदी, समाजसेवी
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गुरुवार को जैसे ही जवाहर बाग पर कब्जा करने वाले और पुलिस के बीच संघर्ष की शुरूआत हुई तो व्हाट्सएप पर सूचनाओं की झड़ी लग गई। खासकर ग्रुप में लोग पल-पल का अपडेट करने लगे। इससे मथुरा सहित आसपास के जिलों में जवाहर बाग को लेकर लोगों की जिज्ञासा अचानक बढ़ गई। घरों पर बैठे लोग टीवी सेट खोलकर न्यूज चैनल देखने लगे।
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फेसबुक पर भी यह घटना देखते ही देखते छा गई। अनेक लोगों ने फेसबुक पर जवाहर बाग में लग रही आग और आसपास की गतिविधियों के फोटो डाउनलोड कर दिए। व्हाट्सएप पर तो भ्रामक सूचनाओं की भी झड़ी लगा दी। इस संघर्ष के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के मरने की सूचनाएं हवा की तरह फैलने लगी।
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पुलिस अधिकारियों के बारे में भी व्हाट्सएप पर सूचनाएं आईं। इसमें से कई सूचनाएं प्रशासनिक पुष्टि से पहले ही लोगों तक पहुंच गईं। इसमें एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ फरह संतोष कुमार की मौत भी शामिल रही।
सोशल मीडिया की इस सक्रियता के चलते मथुरा का जवाहर बाग देखते ही देखते देश भर की सुर्खियों में आ गया। मथुरा जिले के लोगों के रिश्तेदार और परिचितों के फोन दिल्ली, राजस्थान, मुंबई आदि स्थानों से आने लगे।
फेसबुक पर दी गई श्रद्धांजलि
शनिवार को इन दोनों जाबांज अफसरों को सोशल मीडिया ने श्रद्धांजलि भी दी। दोनों के साथ अपने-अपने अनुभव लोगों ने साझा किए। खासकर मुकुल द्विवेदी के मधुर व्यवहार ने लोगों को सोशल मीडिया पर भी रुला दिया।
प्रशासनिक अनुभव में मुुकुल द्विवेदी एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में मिले, जो एक मुलाकात में किसी को भी अपना बना लेते थे।
- विश्वभूषण मिश्रा, एसडीएम
मुकुल द्विवेदी और संतोष कुमार का व्यक्तित्व बहुत ही मिलनसार था। दोनों ही अफसरों के साथ रहकर इसका अहसास ही नहीं होता कि ये भी पुलिस का चेहरा हैं।
- रमाकांत भारद्वाज, एडवोकेट
भ्रातसम कर्तव्यनिष्ठ, लोकप्रिय, जाबांज और हरदिल अजीज मुकुल द्विवेदी लोगों में प्रिय पुलिस अधिकारी थे। दोनों ही अफसरों की शहादत दिल को झकझोरने वाली है।
- पवन चतुर्वेदी, समाजसेवी