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खुलासा न दे जाए टेंशन
अमर उजाला, पुनीत शर्मा
Updated Wed, 01 Jun 2016 11:43 PM IST
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जांच
- फोटो : demopic
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बिसाहड़ा में इकलाख के घर मिले मांस की जांच करने वाली मथुरा वेटरनेरी विवि की फोरेंसिक लैब में इस समय बीस से भी ज्यादा सैंपल की जांच की जा रही है। संबंधित जिलों से इनके बारे में पूछा भी जा रहा है। कुछ मामलों की जांच रिपोर्ट तो लिफाफे में बंद है। माना जा रहा है कि इनका खुलासा सियासत और तनाव की वजह बन सकता है।
दादरी के बिसाहाड़ा गांव में इकलाख के घर से बरामद मांस बीफ होने की पुष्टि के बाद प्रदेश की सियासत गरमाने लगी है। कई संगठन और पार्टियां इसे मुद्दा बनाकर बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। मथुरा वेटरनेरी विश्वविद्यालय की फोरेंसिक लैब में इस तरह के मामलों जांच चल रही है।
बीस सैंपल तोे वह हैं जिनकी रिपोर्ट को लेकर संबंधित जिलों से लगातार पूछा जा रहा है, वहां भी घटना तनाव की वजह बनी थी। विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने जांच के लिए सैंपल फोरेंसिक लैब मथुरा को भिजवाए। इनमें पूर्वांचल के सात जिलों से सैंपल आए है, अन्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हैं।
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इनमें से कई मामले तो काफी चर्चित भी हैं। जब भी इन सैंपल की रिपोर्ट संबंधित जनपदों में पहुंचेगी तो हंगामा होना तय माना जा रहा है। प्रयोगशाला के अफसरों का कहना है कि क्रमवार सभी सैंपलों की जांच करने के बाद रिपोर्ट भेजी जा रही है।
लैब में बढ़ी नमूनों की संख्या
इस फारेंसिक लैंब में अचानक सैंपल की संख्या बढ़ गई है। नाम न छापने की शर्त पर यहां के अफसरों का कहना है कि अब तो चार से पांच सैंपल हर रोज आ रहे हैं। जबकि पहले एक माह में दो या तीन ही सैंपल आया करते थे। जो भी नमूने आ रहे हैं उनमें यही पूछा जा रहा है कि मांस बीफ का है या फिर कोई दूसरा। कुछ जनपदों से कानून व्यवस्था का हवाला देकर रिपोर्ट जल्द देने का भी आग्रह किया जा रहा है।
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दादरी के बिसाहाड़ा गांव में इकलाख के घर से बरामद मांस बीफ होने की पुष्टि के बाद प्रदेश की सियासत गरमाने लगी है। कई संगठन और पार्टियां इसे मुद्दा बनाकर बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। मथुरा वेटरनेरी विश्वविद्यालय की फोरेंसिक लैब में इस तरह के मामलों जांच चल रही है।
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बीस सैंपल तोे वह हैं जिनकी रिपोर्ट को लेकर संबंधित जिलों से लगातार पूछा जा रहा है, वहां भी घटना तनाव की वजह बनी थी। विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने जांच के लिए सैंपल फोरेंसिक लैब मथुरा को भिजवाए। इनमें पूर्वांचल के सात जिलों से सैंपल आए है, अन्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हैं।
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इनमें से कई मामले तो काफी चर्चित भी हैं। जब भी इन सैंपल की रिपोर्ट संबंधित जनपदों में पहुंचेगी तो हंगामा होना तय माना जा रहा है। प्रयोगशाला के अफसरों का कहना है कि क्रमवार सभी सैंपलों की जांच करने के बाद रिपोर्ट भेजी जा रही है।
लैब में बढ़ी नमूनों की संख्या
इस फारेंसिक लैंब में अचानक सैंपल की संख्या बढ़ गई है। नाम न छापने की शर्त पर यहां के अफसरों का कहना है कि अब तो चार से पांच सैंपल हर रोज आ रहे हैं। जबकि पहले एक माह में दो या तीन ही सैंपल आया करते थे। जो भी नमूने आ रहे हैं उनमें यही पूछा जा रहा है कि मांस बीफ का है या फिर कोई दूसरा। कुछ जनपदों से कानून व्यवस्था का हवाला देकर रिपोर्ट जल्द देने का भी आग्रह किया जा रहा है।