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झुग्गी-झोपड़ियों में आग से सबकुछ राख
अमर उजाला ब्यूरो मथुरा
Updated Thu, 04 May 2017 12:17 AM IST
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झोपड़ियों में लगी आग
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बुधवार को रांची बांगर स्थित एक दर्जन से अधिक झुग्गी-झोपड़ियों में आग लग गई। सीआरपीएफ के जवानों ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक झोपड़ियां राख हो चुकी थीं। सीआरपीएफ की 16 वी वाहिनी के मुख्यालय के सामने झुग्गी-झोपड़ियों में मध्य-प्रदेश के मजूदर रहते हैं।
बुधवार को प्रतिदिन की तरह सभी अपने -अपने काम पर चले गए। सुबह 11 बजे ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन के तार आपस में टकरा गए। इससे निकली चिंगारी ने एक के बाद एक कई झोपड़ियों को अपनी लपटों में ले लिया। सीआरपीएफ के जवानों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। जवान आग बुझाने में जुट गए। आग इतनी भीषण थी कि दमकल पहुंचने से पहले ही सबकुछ राख हो चुका था। मजूदरों का का रो-रोकर बुरा हाल है।
खाने को मोहताज हो गए मजदूर
झोपड़ियों में लगी आग में मजूदरों की नगदी, रोजमर्रा का सामान एवं खाने-पीने का सामान जलकर राख हो गया। बुधवार की सायं सभी मजदूरों को खाने को मोहताज हो गया। इन मजूदरों का कहना है कि बड़ी मेहनत से सबकुछ कई सालों में एकत्रित किया था।
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इनका सामान जलकर हुआ स्वाहा
रानी पुत्र लोटन, अच्छेलाल पुत्र बिहारी लाल, मिजाजी लाल पुत्र अच्छेलाल, नोने पुत्र अच्छे लाल, गंगाराम पुत्र भवानीदीन, संतू पुत्र प्यारेलाल, ठाकुरदीन पुत्र भूरा, चैनू पुत्र झूडा, कल्लू पुत्र लोटन, बाबू पुत्र लोटन, मंतू पुत्र प्यारे लाल, गजराज पुत्र गुन्ना, अनेक पुत्र कलुआ, बंटू, गंगाराम, राममिलन,
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बुधवार को प्रतिदिन की तरह सभी अपने -अपने काम पर चले गए। सुबह 11 बजे ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन के तार आपस में टकरा गए। इससे निकली चिंगारी ने एक के बाद एक कई झोपड़ियों को अपनी लपटों में ले लिया। सीआरपीएफ के जवानों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। जवान आग बुझाने में जुट गए। आग इतनी भीषण थी कि दमकल पहुंचने से पहले ही सबकुछ राख हो चुका था। मजूदरों का का रो-रोकर बुरा हाल है।
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खाने को मोहताज हो गए मजदूर
झोपड़ियों में लगी आग में मजूदरों की नगदी, रोजमर्रा का सामान एवं खाने-पीने का सामान जलकर राख हो गया। बुधवार की सायं सभी मजदूरों को खाने को मोहताज हो गया। इन मजूदरों का कहना है कि बड़ी मेहनत से सबकुछ कई सालों में एकत्रित किया था।
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