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हाईवे पर ढाबे में चल रहा था हुक्का बार
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 09 Mar 2017 12:39 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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वृंदावन कोतवाली के जैंत चौकी इलाके में दिल्ली-आगरा हाईवे पर सीताराम ढाबे में हुक्का बार चल रहा था। पुलिस ने छापा मारकर यहां से ढाबा मालिक और उसके नौकर को गिरफ्तार कर लिया है। मौके से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया है। फरार लोगों की तलाश की जा रही है।
सीताराम ढाबे में नशे के कारोबार की सूचनाएं अरसे से मिल रही थीं। इनके आधार पर स्वाट टीम और कोतवाली वृंदावन पुलिस ने ढाबे पर छापा मारा तो हुक्का बार में बड़ी संख्या में नौजवान थे। पुलिस को देख भगदड़ मच गई। ढाबे की दीवार लांघकर लोग भाग गए। ढाबा संचालक चौमुंहा निवासी सीताराम और उसका नौकर शाहजहांपुर निवासी विकास गिरफ्तार कर लिया गया है। जब ढाबे की तलाशी ली गई तो बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ है।
पुलिस का कहना है कि इस ढाबे पर नशे का बड़ा कारोबार हो रहा था। इस कारोबार में लिप्त श्याम और कलुआ फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। कोतवाली वृंदावन प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक और स्वाट टीम प्रभारी हरीशवर्धन सिंह ने बताया कि राजस्थान और उड़ीसा से गांजा लाकर ढाबे पर हुक्का बार में युवाओं को परोसा जाता था।
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80 से 250 रुपये थी फीस
मथुरा। हाईवे पर बने सीताराम ढाबे में करीब सात-आठ कमरे बने हुए हैं। इनमें आने वाले युवाओं को शिफ्ट के हिसाब से अंदर भेजा जाता था। 10-10 के युवाओं को ग्रुप बनाकर प्रवेश दिया जाता था। ढाबा संचालक गांजा 80 रुपये और स्मैक के लिए 250 रुपये वसूलता था।
हाईवे पर हुक्का बार, कॉलगर्ल रैकेट हो रहे संचालित
मथुरा। कोटवन से रैपुराजाट तक के 90 किलोमीटर के हाईवे पर न जाने कितने हुक्का बार और कॉलगर्ल रैकेट संचालित हो रहे हैं, लेकिन आज तक इन पर छापामार कार्रवाई करने की हिमाकत पुलिस ने नहीं उठाई। कहा जा रहा है कि यह सभी पुलिस की मिलीभगत से बेखौफ चल रहे हैं। एक ढाबे पर पुलिस ने खुलासा करके हकीकत से पर्दा जरूर हटा दिया है।
चौकी प्रभारी समेत चार पर गिरी गाज
सीताराम ढाबे पर हुक्का बार का खुलासा होने के बाद एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से जैंत चौकी प्रभारी सुबोध कुमार सिंह, चौमुंहा हलका इंचार्ज ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा, मुख्य आरक्षी रतेंद्रपाल और आरक्षी हरीशंकर को निलंबित कर दिया। पुलिस अफसरों का मानना है कि हाईवे पर नशे का कारोबार बगैर पुलिस की मिलीभगत के नहीं हो सकता। चौकी का बाकी स्टाफ भी जांच के घेरे में आ गया है। इसके अलावा एसएसपी ने डीसीआरबी (जिला कंट्रोल रिकार्ड ब्यूरो) में तैनात एसआई रतन मलिक को लापरवाही पर निलंबित कर दिया। निलबंन की वजह डीआईजी के लिए भेजे गए पत्र में त्रुटि छोड़ना है। वहीं एचसीपी बच्चू सिंह का स्थानांतरण थाना शेरगढ़ किया है। एसएसपी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
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सीताराम ढाबे में नशे के कारोबार की सूचनाएं अरसे से मिल रही थीं। इनके आधार पर स्वाट टीम और कोतवाली वृंदावन पुलिस ने ढाबे पर छापा मारा तो हुक्का बार में बड़ी संख्या में नौजवान थे। पुलिस को देख भगदड़ मच गई। ढाबे की दीवार लांघकर लोग भाग गए। ढाबा संचालक चौमुंहा निवासी सीताराम और उसका नौकर शाहजहांपुर निवासी विकास गिरफ्तार कर लिया गया है। जब ढाबे की तलाशी ली गई तो बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ है।
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पुलिस का कहना है कि इस ढाबे पर नशे का बड़ा कारोबार हो रहा था। इस कारोबार में लिप्त श्याम और कलुआ फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। कोतवाली वृंदावन प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक और स्वाट टीम प्रभारी हरीशवर्धन सिंह ने बताया कि राजस्थान और उड़ीसा से गांजा लाकर ढाबे पर हुक्का बार में युवाओं को परोसा जाता था।
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80 से 250 रुपये थी फीस
मथुरा। हाईवे पर बने सीताराम ढाबे में करीब सात-आठ कमरे बने हुए हैं। इनमें आने वाले युवाओं को शिफ्ट के हिसाब से अंदर भेजा जाता था। 10-10 के युवाओं को ग्रुप बनाकर प्रवेश दिया जाता था। ढाबा संचालक गांजा 80 रुपये और स्मैक के लिए 250 रुपये वसूलता था।
हाईवे पर हुक्का बार, कॉलगर्ल रैकेट हो रहे संचालित
मथुरा। कोटवन से रैपुराजाट तक के 90 किलोमीटर के हाईवे पर न जाने कितने हुक्का बार और कॉलगर्ल रैकेट संचालित हो रहे हैं, लेकिन आज तक इन पर छापामार कार्रवाई करने की हिमाकत पुलिस ने नहीं उठाई। कहा जा रहा है कि यह सभी पुलिस की मिलीभगत से बेखौफ चल रहे हैं। एक ढाबे पर पुलिस ने खुलासा करके हकीकत से पर्दा जरूर हटा दिया है।
चौकी प्रभारी समेत चार पर गिरी गाज
सीताराम ढाबे पर हुक्का बार का खुलासा होने के बाद एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से जैंत चौकी प्रभारी सुबोध कुमार सिंह, चौमुंहा हलका इंचार्ज ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा, मुख्य आरक्षी रतेंद्रपाल और आरक्षी हरीशंकर को निलंबित कर दिया। पुलिस अफसरों का मानना है कि हाईवे पर नशे का कारोबार बगैर पुलिस की मिलीभगत के नहीं हो सकता। चौकी का बाकी स्टाफ भी जांच के घेरे में आ गया है। इसके अलावा एसएसपी ने डीसीआरबी (जिला कंट्रोल रिकार्ड ब्यूरो) में तैनात एसआई रतन मलिक को लापरवाही पर निलंबित कर दिया। निलबंन की वजह डीआईजी के लिए भेजे गए पत्र में त्रुटि छोड़ना है। वहीं एचसीपी बच्चू सिंह का स्थानांतरण थाना शेरगढ़ किया है। एसएसपी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।