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बच्चे ने दबाया ट्रिगर, बहन घायल

Tue, 06 Sep 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Tue, 06 Sep 2016 11:52 PM IST
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girl injoured by gun shot
घायल बच्ची
गोविंदनगर सेक्टर एफ कालोनी में मंगलवार की शाम को बच्चे के हाथ लगा पिता का रिवाल्वर बड़ा खतरा बन गया। खेल-खेल में बच्चे ने ट्रिगर दबाया तो पड़ोस में बैठी चौदह वर्षीय बहन को गोली लग गई। परिवार वाले आनन-फानन में बेटी को अस्पताल ले गए। गोली हाथ में लगी इस कारण किशोरी खतरे से बाहर है। 
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घटना गोविंदनगर के सेक्टर एफ में सुशील कुमार शर्मा के घर हुई। मूल रूप से बलदेव के रहने वाले सुशील शर्मा यहां किराए का मकान लेकर रहते हैं। शाम को करीब पांच बजे उनके दस साल के बेटे के हाथ उनका लाइसेंसी रिवाल्वर लग गया।
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रिवाल्वर लोडेड था। खेल-खेल में बच्चे से ट्रिगर दब गया जिससे पड़ोस में बैठी बहन के हाथ में गोली लग गई। अचानक फायर की आवाज सुनकर परिवार वाले दौड़े तो किशोरी के हाथ से खून बह रहा था। घर वाले तत्काल उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां से किशोरी को आगरा रेफर कर दिया गया है। हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।  
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थाना गोविंदनगर प्रभारी इंद्रेश भदौरिया ने बताया कि सूचना पर पुलिस पहुंची थी। मगर उस वक्त घर पर कोई नहीं था। परिवार वाले बच्ची को इलाज के लिए ले गए हैं।   
  


यह खिलौना नहीं हथियार है जनाब
असलहों को ऐसे ही कहीं भी रख देंगे क्या। यह कोई खिलौना तो है नहीं जो ऐसे ही कहीं भी छोड़ दिया। यह तो बड़ी लापरवाही है। कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। तमाम घटनाएं लिखी और पढ़ी जाती हैं मगर लोग फिर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

गोविंदनगर में हुई यह घटना वार्कई बड़ी गंभीर है। एक ऐसे बच्चे के हाथ में रिवाल्वर आ गया जिसे शायद यह भी नहीं पता कि उससे क्या हो सकता है। उसने तो खिलौना समझा होगा और खेलने लगा। ट्रिगर पर उंगली चली गई और गोली चल गई। गनीमत रही कि गोली किशोरी के हाथ में ही लगी वरना बड़ी घटना हो सकती थी।

आमतौर पर देखने में आया है कि लाइसेंसी पिस्टल-रिवाल्वर रखने वाले लोग घर जाते ही यूं ही असलहे को कहीं भी पटक देते हैं। शायद उन्हें यह नहीं पता कि आत्मरक्षा के लिए लिया गया लाइसेंसी असलहा बड़ा खतरा साबित हो सकता है। सिटी मजिस्ट्रेट रामअरज यादव ने बताया कि बच्ची के हाथ में गोली लगी है। पुलिस से लाइसेंस सस्पेंड करने के लिए रिपोर्ट मांगी जाएगी।   

पापा का पिस्टल लेकर खेलने पहुंच गया था एक मासूम
शहर की एक पॉश कालोनी का ही वाकया बताया जाता है। एक आठ साल का बच्चा पापा का पिस्टल लेकर खेलने पहुंच गया था। गनीमत रही कि मुहल्ले के कुछ लोगों की नजर पड़ गई। तत्काल परिवार वालों को सूचना दी गई। इस प्रकार की कई घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन लोग फिर भी सावधानी नहीं बरत रहे हैं। घरों में भी आमतौर पर इस प्रकार के मामले सामने आ रहे हैं।

पिस्टल के साथ खिंचवा रहे बच्चों का फोटो
सोशल मीडिया पर भी इस तरह के मामले खूब वायरल हो रहे हैं। बच्चों के फोटो पिस्टल, रिवाल्वर और रायफल के साथ। एक फैशन मान लिया है लोगों ने। ऐसे ही बच्चों में असलहों के प्रति जिज्ञासा बढ़ जाती है।

वह कोशिश करते हैं कि किसी तरह से पापा का असलाह उनके हाथ लग जाए और उसे देखें। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि बच्चों के बाल मन में इस तरह की जिज्ञासाएं ज्यादा आती हैं। तरह तरह के विचार उनके दिमाग में आते हैं। कभी फिल्मों को देखकर तो कभी पापा को। लिहाजा कोशिश रहनी चाहिए कि बच्चों के सामने असलहों के बारे में कोई बातचीत नहीं की जाए।     

हो गई थी बच्चे की मौत
घरों में असलाह साफ करते वक्त भी हादसे हो रहे हैं। रिफाइनरी थाना क्षेत्र में बीते साल एक व्यक्ति अपनी रायफल को साफ कर रहा था। इसी दौरान गोली चलने से उनके दस साल के बेटे की मौत हो गई थी। बच्चा अपने पापा के पास ही सोफे पर बैठा था। अचानक गोली चल गई। मां बाप की आंखों के सामने ही मासूम ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया था। 

स्टेटस सिंबल बने हथियार
आजकल हथियार स्टेटस सिंबल बन गए हैं। मथुरा में करीब 20 हजार लाइसेंसी असलहे हैं। पांच हजार से भी ज्यादा लोग लाइसेंस के लिए लाइन में लगे हैं। कुछ आवेदन थानों में हैं तो कुछ असलाह आफिस में। जिसे जरूरत नहीं वह भी लाइसेंसी असलहे के लिए जोड़तोड़ करता है। कभी माननीयों की सिफारिश लगवाएगा तो कभी अफसरों की। पुरुष ही नहीं महिलाओं के नाम से भी लाइसेंसी असलहे मथुरा में लिए गए हैं।


हर्ष फायरिंग में बह रहा खून
शादी- विवाह या बर्थडे पार्टी में भी लाइसेंसी असलहों से फायरिंग के मामले सामने आ रहे हैं। अदालत से लेकर सरकार तक ने इस पर सख्त चेतावनी जारी कर रखी है लेकिन फिर भी लोग नहीं मान रहे हैं। शादी विवाह में तो लाइसेंसी असलहे के साथ जाना एक फैशन बन गया है।


लाइसेंसधारक बरतें सावधानी
- असलहों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें
- असलहे को लोड न रखें, अगर रखें तो लॉक लगाएं

- बच्चों के सामने लाइसेंसी असलहे को न निकालें
- कारतूस भी उनकी पहुंच से ही दूर रखा जाए
- अगर असलहा लेकर घर पहुंचे तो तत्काल सुरक्षित स्थान पर रखें
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