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डाकघर के घपले में नौ बाबू और निलंबित

Sat, 06 Aug 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला
ब्यूरो अमर उजाला Updated Sat, 06 Aug 2016 12:33 AM IST
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fraud in dakghar of mathura
Fraud
कृष्णानगर डाकघर में हुए 76.08 लाख के घपले में अब नौ बाबू सस्पेंड कर दिए गए हैं। विभागीय जांच में कहीं न कहीं इनकी भी लापरवाही सामने आई है। इस बड़ी कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।  
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घपले में प्रवर डाक अधीक्षक  (एसएसपी) आरएन यादव को हटाने के बाद शुक्रवार को डाकघर के नौ बाबू भी सस्पेंड कर दिए गए। आगरा परिक्षेत्र की पोस्टमास्टर जनरल और जांच अधिकारी मनीषा सिन्हा ने दिनभर डाकघर का रिकार्ड खंगाला। लिपिक सचिन अग्रवाल ने जिन खातों से 76.8 लाख रुपये निकाले हैं उनकी निगहबानी ही नहीं की गई थी।
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सस्पेंड किए गए ये नौ बाबू भी इसके लिए जिम्मेदार माने गए हैं। बताया गया कि पैसा वृंदावन, मुख्य डाकघर, कृष्णानगर, छाता और सदर बाजार के खातों से निकाला गया। लिपिक ने इन डाकघरों में अपने सेविंग एकाउंट खुलवा रखे थे। वह पैसा ट्रांसफर करता रहा मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया।     
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इनको किया गया निलंबित
पुनीत पाठक मुख्य डाकघर, तिलक्ष्य स्वामी मुख्य डाकघर, नगेंद्र राणा कृष्णानगर डाकघर, मोहन लाल सैनी, ममता अग्रवाल मुख्य डाकघर, केके उपाध्याय वृंदावन डाकघर, राजेंद्र मुख्य डाकघर, रेनू सिंह मुख्य डाकघर, ताराचंद मुख्य डाकघर

पूर्व में तीन पर गिर चुकी है गाज
76.08 लाख के घपले में पोस्ट मास्टर जयपाल सिंह, लिपिक सचिन अग्रवाल का पहले ही दिन निलंबन कर दिया गया था, वहीं दूसरे दिन लापरवाही में मथुरा के मुख्य डाकघर का अतिरिक्त कार्य देख रहे प्रवर डाक अधीक्षक आरएन यादव को तत्काल प्रभाव हटा दिया गया था। 

अभी कई ओर रडार पर
 मामले में सिस्टम मैनेजर के अलावा कई अन्य पर भी शनिवार को गाज गिर सकती है। ऐसे संकेत डाकघर के सूत्रों से मिल रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि दिल्ली की टीम भी यहां जल्द आकर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दे सकती है।


लिपिक सचिन पकड़ से है दूर
76.08 लाख की मोटी रकम को लेकर फरार हो चुके लिपिक सचिन अग्रवाल का सुराग नहीं लग सका है। अभी तक लिपिक न तो विभाग के हत्थे चढ़ सका है और न ही पुलिस के हाथ आया है।
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