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बंद हुआ बाजार, चौराहे पर दो घंटे जंगलराज
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 17 Oct 2016 12:04 AM IST
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गोवर्धन चौराहे पर दो घंटे जंगलराज रहा। दहशत के मारे सारा बाजार बंद हो गया। पुलिस तो फेल साबित हुई। भीड़ ने जो चाहा वह किया। जाम में फंसे लोगों ने निकलने की कोशिश की तो उन्हें पीटा गया। दहशत का आलम ये था कि महिलाएं और बच्चे रो पड़े।
रविवार की शाम को गोवर्धन चौराहे पर जो भी हुआ उसके लिए केवल पुलिस जिम्मेदार है। महिला की मौत के लिए वरदी वाले कम दोषी नहीं। अगर कार्रवाई की गई होती तो गोवर्धन चौराहे से डग्गामार बसों का संचालन धड़ल्ले के साथ न होता।
महिला की मौत पर लोगों में जो उबाल था उसकी वजह भी पुलिस ही बनी। शुरुआत में पुलिस ने कोई एक्शन ही नहीं लिया। पुलिसकर्मी केवल मूकदर्शक बनकर तमाशा देखते रहे। जबकि भीड़ मनमानी पर उतारू थी। जब बवाल बड़ा तो दहशत दूर तक फैल गई।
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गोवर्धन चौराहे पर दुकानों के शटर गिरते चले गए। जिस चौराहे पर रात को नौ बजे तक रौनक रहती थी वहां पांच बजे ही सन्नाटा दिख रहा था। इतना ही नहीं जाम में फंसे लोग भी बेचैन थे। अगर किसी ने निकलने की कोशिश की तो भीड़ का शिकार बना। आटो और कार के भी शीशे तोड़ दिए गए थे।
हजारों लोगों को हाईवे पर ही हो गई रात
थाना हाईवे क्षेत्र के गोवर्धन चौराहे पर हादसे में महिला की मौत के बाद हाईवे से लेकर शहर के हर मार्ग पर जाम के हालत बन गए। जिधर चले जाओ, उधर जाम ही जाम दिखाई दे रहा था। जाम में फंसे वाहन चालक पुलिस एवं यातायात पुलिस की व्यवस्था को कोसते नजर आ रहे थे।
शहर केे कृष्णानगर, मंडी समिति चौराहा, सौंख रोड, भरतपुरगेट, भूतेश्वर तिराहा, नया बस अड्डा, जन्मभूमि, डीगगेट, गोकुल रेस्टोरेंट, मसानी चौराहा, अमरनाथ विद्या आश्रम, केआर डिग्री मार्ग, पुराना बस अड्डा आदि मार्गों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। हाईवे पर भी दूर तक वाहन थे। हाईवे से भीड़ भले ही सात बजे हट गई थी लेकिन थमे ट्रैफिक को रफ्तार पकड़ने में आठ बज गए।
लाठीचार्ज के बाद हाईवे पर दौड़े वाहन
हादसे के बाद दिल्ली-आगरा हाईवे पर मृतक महिला का शव रखकर परिजनों एवं रिश्तेदारों ने जाम लगा दिया। हादसे के बाद पहुंचे एसपी (सिटी) आलोक प्रियदर्शी, एसपी (देहात) अरुण कुमार सिंह, एसपी (यातायात) आशुतोष द्विवेदी, सीओ (रिफाइनरी) आइपीएस अनुपम सिंह, सीओ (सिटी) चक्रपाणि त्रिपाठी समेत करीब 12 थानों का फोर्स गोवर्धन चौराहे पर पहुंच गया। यहां पर एसपी सिटी ने जाम लगा रहे परिवारीजनों को काफी समझाया, लेकिन कोई भी सुनने के लिए तैयार नहीं हुआ। हाईवे पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगने लगीं। शाम पांच बजे का लगा जाम सात बजे लाठीचार्ज के बाद खुल सका।
दौड़ा-दौड़ाकर पीटे यातायात सिपाही
गोवर्धन चौराहे पर हादसे के बाद जाम लगा रहे लोगों को जैसे ही यातायात पुलिसकर्मियों की जीप दिखी तो उन पर हमला कर दिया। भीड़ को देखते ही यातायात पुलिसकर्मी दौड़े तो भी उनको भीड़ ने नहीं बख्शा। दौड़ा-दौड़ाकर यातायात पुलिसकर्मियों को पीटा।
कई वाहनों के शीशे तोड़े
गोवर्धन चौराहे पर जाम में फंसे वाहन भी आक्रोशित भीड़ के निशाने पर रहे। कई वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए गए। कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त होने पर भी पुलिस बवालियों को रोक नहीं पाई।
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रविवार की शाम को गोवर्धन चौराहे पर जो भी हुआ उसके लिए केवल पुलिस जिम्मेदार है। महिला की मौत के लिए वरदी वाले कम दोषी नहीं। अगर कार्रवाई की गई होती तो गोवर्धन चौराहे से डग्गामार बसों का संचालन धड़ल्ले के साथ न होता।
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महिला की मौत पर लोगों में जो उबाल था उसकी वजह भी पुलिस ही बनी। शुरुआत में पुलिस ने कोई एक्शन ही नहीं लिया। पुलिसकर्मी केवल मूकदर्शक बनकर तमाशा देखते रहे। जबकि भीड़ मनमानी पर उतारू थी। जब बवाल बड़ा तो दहशत दूर तक फैल गई।
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गोवर्धन चौराहे पर दुकानों के शटर गिरते चले गए। जिस चौराहे पर रात को नौ बजे तक रौनक रहती थी वहां पांच बजे ही सन्नाटा दिख रहा था। इतना ही नहीं जाम में फंसे लोग भी बेचैन थे। अगर किसी ने निकलने की कोशिश की तो भीड़ का शिकार बना। आटो और कार के भी शीशे तोड़ दिए गए थे।
हजारों लोगों को हाईवे पर ही हो गई रात
थाना हाईवे क्षेत्र के गोवर्धन चौराहे पर हादसे में महिला की मौत के बाद हाईवे से लेकर शहर के हर मार्ग पर जाम के हालत बन गए। जिधर चले जाओ, उधर जाम ही जाम दिखाई दे रहा था। जाम में फंसे वाहन चालक पुलिस एवं यातायात पुलिस की व्यवस्था को कोसते नजर आ रहे थे।
शहर केे कृष्णानगर, मंडी समिति चौराहा, सौंख रोड, भरतपुरगेट, भूतेश्वर तिराहा, नया बस अड्डा, जन्मभूमि, डीगगेट, गोकुल रेस्टोरेंट, मसानी चौराहा, अमरनाथ विद्या आश्रम, केआर डिग्री मार्ग, पुराना बस अड्डा आदि मार्गों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। हाईवे पर भी दूर तक वाहन थे। हाईवे से भीड़ भले ही सात बजे हट गई थी लेकिन थमे ट्रैफिक को रफ्तार पकड़ने में आठ बज गए।
लाठीचार्ज के बाद हाईवे पर दौड़े वाहन
हादसे के बाद दिल्ली-आगरा हाईवे पर मृतक महिला का शव रखकर परिजनों एवं रिश्तेदारों ने जाम लगा दिया। हादसे के बाद पहुंचे एसपी (सिटी) आलोक प्रियदर्शी, एसपी (देहात) अरुण कुमार सिंह, एसपी (यातायात) आशुतोष द्विवेदी, सीओ (रिफाइनरी) आइपीएस अनुपम सिंह, सीओ (सिटी) चक्रपाणि त्रिपाठी समेत करीब 12 थानों का फोर्स गोवर्धन चौराहे पर पहुंच गया। यहां पर एसपी सिटी ने जाम लगा रहे परिवारीजनों को काफी समझाया, लेकिन कोई भी सुनने के लिए तैयार नहीं हुआ। हाईवे पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगने लगीं। शाम पांच बजे का लगा जाम सात बजे लाठीचार्ज के बाद खुल सका।
दौड़ा-दौड़ाकर पीटे यातायात सिपाही
गोवर्धन चौराहे पर हादसे के बाद जाम लगा रहे लोगों को जैसे ही यातायात पुलिसकर्मियों की जीप दिखी तो उन पर हमला कर दिया। भीड़ को देखते ही यातायात पुलिसकर्मी दौड़े तो भी उनको भीड़ ने नहीं बख्शा। दौड़ा-दौड़ाकर यातायात पुलिसकर्मियों को पीटा।
कई वाहनों के शीशे तोड़े
गोवर्धन चौराहे पर जाम में फंसे वाहन भी आक्रोशित भीड़ के निशाने पर रहे। कई वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए गए। कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त होने पर भी पुलिस बवालियों को रोक नहीं पाई।