{"_id":"c91aff5c3be81fb562db72a4b58431c7","slug":"creaters-found-on-mathura-junction-station-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जंक्शन पर बोरी में बंद मिले 16 कछुए, 18 गोह","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जंक्शन पर बोरी में बंद मिले 16 कछुए, 18 गोह
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 08 Feb 2016 11:30 PM IST
विज्ञापन
जीआरपी-आरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई में जंक्शन रेलवे स्टेशन से दो युवकों को पकड़ा। इनके पास से मिली बोरियों में से कछुए और गोह बरामद हुए हैं। इन जंतुओं को युवक राजस्थान से दिल्ली बेचने के लिए ले जा रहे थे।
सोमवार को दोपहर में करीब 12:30 बजे आरपीएफ-जीआरपी संयुक्त रूप से जंक्शन रेलवे स्टेशन पर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान प्लेटफार्म नंबर चार-पांच पर दो युवकों को पकड़कर उनसे पूछताछ की गई। संदिग्ध मालूम होने पर दोनों को थाने लाया गया। यहां उनके सामान की तलाशी ली तो बोरियों में से 16 कछुए और 18 गोह बरामद हुए।
पकड़े गए युवकों ने अपना नाम विनोद और सुरेश निवासीगण रेड़ी नगर भरतपुर बताया है। युवकों ने कहा कि वे इन कछुओं और गोह को भरतपुर और अलवर के निकट नदबई के जंगलों से पकड़ते हैं।
विज्ञापन
फिलहाल इन्हें दिल्ली में बेचने के लिए जा रहे थे। आरपीएफ प्रभारी सतेंद्र यादव और जीआरपी प्रभारी पंकज लवानियां ने बताया कि दोनों युवक रिश्ते में जीजा-साले हैं। इनके पास से मिले कछुए और गोह वन विभाग को सौंप दिए गए हैं।
कीठम में छोड़े जाएंगे जंतु
आरपीएफ थाना पहुंचे वन विभाग के वन दरोगा ओमप्रकाश शर्मा और कैलाश चंद ने बताया कि बरामद वन्य जीवों को कीठम झील स्थित वाइल्ड लाइफ सेंटर पर छोड़ा जाएगा। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। पूरी कार्रवाई से आरपीएफ और जीआरपी को अवगत करा दिया है। दरोगा कैलाशचंद ने बताया कि कछुआ का प्रयोग भोजन, शक्तिवर्द्धक दवा बनाने और तंत्र क्रिया में भी होता है। गोह को खाने और शक्तिवर्द्धक दवा के लिए प्रयोग किया जाता है। इनकी मांग पश्चिम बंगाल में अधिक है।
विज्ञापन
सोमवार को दोपहर में करीब 12:30 बजे आरपीएफ-जीआरपी संयुक्त रूप से जंक्शन रेलवे स्टेशन पर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान प्लेटफार्म नंबर चार-पांच पर दो युवकों को पकड़कर उनसे पूछताछ की गई। संदिग्ध मालूम होने पर दोनों को थाने लाया गया। यहां उनके सामान की तलाशी ली तो बोरियों में से 16 कछुए और 18 गोह बरामद हुए।
विज्ञापन
पकड़े गए युवकों ने अपना नाम विनोद और सुरेश निवासीगण रेड़ी नगर भरतपुर बताया है। युवकों ने कहा कि वे इन कछुओं और गोह को भरतपुर और अलवर के निकट नदबई के जंगलों से पकड़ते हैं।
विज्ञापन
फिलहाल इन्हें दिल्ली में बेचने के लिए जा रहे थे। आरपीएफ प्रभारी सतेंद्र यादव और जीआरपी प्रभारी पंकज लवानियां ने बताया कि दोनों युवक रिश्ते में जीजा-साले हैं। इनके पास से मिले कछुए और गोह वन विभाग को सौंप दिए गए हैं।
कीठम में छोड़े जाएंगे जंतु
आरपीएफ थाना पहुंचे वन विभाग के वन दरोगा ओमप्रकाश शर्मा और कैलाश चंद ने बताया कि बरामद वन्य जीवों को कीठम झील स्थित वाइल्ड लाइफ सेंटर पर छोड़ा जाएगा। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। पूरी कार्रवाई से आरपीएफ और जीआरपी को अवगत करा दिया है। दरोगा कैलाशचंद ने बताया कि कछुआ का प्रयोग भोजन, शक्तिवर्द्धक दवा बनाने और तंत्र क्रिया में भी होता है। गोह को खाने और शक्तिवर्द्धक दवा के लिए प्रयोग किया जाता है। इनकी मांग पश्चिम बंगाल में अधिक है।