{"_id":"57b8a3164f1c1b363c6ec67e","slug":"cottan-left-in-stomach-during-operation","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑपरेशन के दौरान पेट में ही छोड़ दी कॉटन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ऑपरेशन के दौरान पेट में ही छोड़ दी कॉटन
अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 21 Aug 2016 12:09 AM IST
विज्ञापन
डॉक्टर
- फोटो : bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिकित्सक ने आपरेशन के दौरान मरीज के पेट में काटन का बड़ा हिस्सा छोड़ दिया। मरीज को परेशानी होने पर परिवारीजन उसे दिल्ली अस्पताल ले गए यहां इसकी जानकारी हुई। इलाज के दौरान ही मरीज की मौत हो गई। इसकी शिकायत मिलने पर सीएमओ कार्यालय के दो अफसरों ने मामले की जांच की और ऑपरेशन में डॉक्टर की घोर लापरवाही की रिपोर्ट भी सीएमओ को सौंप दी। इसे दो माह बीत गए, लेकिन अब तक दोषी डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रीति बिहार निवासी बिजेंद्र सिंह की बेटी को पेट में तकलीफ हुई। उन्होंने श्रीजी हॉस्पिटल में उसे दिखाया। बताए अनुसार चिकित्सक सत्यप्रकाश सिंह ने उसके पेट का ऑपरेशन किया। इसके बाद भी उसके पेट का दर्द ठीक न होने पर परिवारीजनों ने दिल्ली दिखाया। यहां जांच में बताया गया कि ऑपरेशन के दौरान मरीज के पेट में कॉटन का बड़ा हिस्सा छोड़ दिया गया है। 22 मार्च 2016 को मरीज ने दम तोड़ दिया।
हालांकि मौत का कारण क्या था, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से शिकायत की गई। इस पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सज्जन कुमार और डा. ब्रजेश खन्ना ने मामले जांच की। पड़ताल के बाद निष्कर्ष निकाला कि ऑपरेशन में घोर लापरवाही बरती गई। पेट में कॉटन का टुकड़ा छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय के अफसरों की जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी चिकित्सक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इधर, मृतका के पिता ने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया है।
इस मामले में चिकित्सक से बात की गई उन्होंने ऐसे किसी भी ऑपरेशन को करने से इंकार किया था। मामले में उन्होंने अपने बयान दर्ज नहीं कराए इसी के चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
- डा. विवेक मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मथुरा
विज्ञापन
प्रीति बिहार निवासी बिजेंद्र सिंह की बेटी को पेट में तकलीफ हुई। उन्होंने श्रीजी हॉस्पिटल में उसे दिखाया। बताए अनुसार चिकित्सक सत्यप्रकाश सिंह ने उसके पेट का ऑपरेशन किया। इसके बाद भी उसके पेट का दर्द ठीक न होने पर परिवारीजनों ने दिल्ली दिखाया। यहां जांच में बताया गया कि ऑपरेशन के दौरान मरीज के पेट में कॉटन का बड़ा हिस्सा छोड़ दिया गया है। 22 मार्च 2016 को मरीज ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
हालांकि मौत का कारण क्या था, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से शिकायत की गई। इस पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सज्जन कुमार और डा. ब्रजेश खन्ना ने मामले जांच की। पड़ताल के बाद निष्कर्ष निकाला कि ऑपरेशन में घोर लापरवाही बरती गई। पेट में कॉटन का टुकड़ा छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय के अफसरों की जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी चिकित्सक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इधर, मृतका के पिता ने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया है।
इस मामले में चिकित्सक से बात की गई उन्होंने ऐसे किसी भी ऑपरेशन को करने से इंकार किया था। मामले में उन्होंने अपने बयान दर्ज नहीं कराए इसी के चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
- डा. विवेक मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मथुरा