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जवाहरबाग से भागे पुलिसवालों को दे दी क्लीन चिट

पुनीत शर्मा, राजेश भाटिया, अमर उजाला मथुरा Updated Wed, 08 Mar 2017 11:56 PM IST
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जवाहर बाग कांड
जवाहर बाग कांड - फोटो : amarujala
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उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी हिंसा के दोषियों को बचाने में पुलिस अफसरों ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। जांच अधिकारी ने एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी को जवाहरबाग में छोड़कर भागे सभी पुलिस कर्मियों को क्लीन चिट दे दी है। एसपी सिटी के हमराह भी खामोशी के साथ बहाल कर दिए गए हैं। खास बात यह है कि एक दरोगा और पांच सिपाही की बहाली को पुलिस अधिकारी छुपाए रहे। अब जब सीबीआई जांच शुरू हुई तो बहाली की बात निकलकर सामने आई है।
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यूपी को हिलाकर रख देने वाली यह घटना 2 जून 2016 को घटित हुई थी। एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर जवाहरबाग खाली कराने पहुंचे थे। अभी उन्होंने बाग के भीतर दाखिल होने के लिए जेसीबी से दीवार को तुड़वाना ही शुरू किया था कि भीड़ ने हमला बोल दिया।


उस वक्त एसपी सिटी अपने हमराह और दूसरे पुलिस वालों के साथ थे। भीड़ को देख यहां मौजूद पुलिसवालों के पैर उखड़ गए और सभी भाग खड़े हुए। एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी अपने हमराह और पुलिस अफसरों को पुकारते रहे लेकिन कोई उनकी मदद को नहीं गया।

जवाहरबाग पर कब्जा करने वाले रामवृक्ष यादव के गुर्गों ने एसपी सिटी पर हमला कर दिया और उनकी जान ले ली। काफी देर बाद पुलिस वाले पहुंचे थे। एसपी सिटी को जवाहरबाग में छोड़कर भागने का मामला शासन तक गूंजा था। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने भी मुकुल की पत्नी, पिता और मां ने यह बात उठाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि भागने वाले सभी बर्खास्त होंगे। 

तत्कालीन एसएसपी बबलू कुमार ने जांच के बाद 11 जुलाई को एचसीपी भूपेंद्र सिंह, सिपाही कौशलेंद्र कुमार, सिपाही प्रदीप कुमार, राय सिंह और लालता प्रसाद को निलंबित कर दिया था। कई सीओ और थानाध्यक्ष भी उस वक्त एसपी सिटी के साथ मौजूद थे लिहाजा उस मामले में जांच शुरू करा दी थी। लेकिन जांच करने वालों ने सभी को क्लीन चिट दे दी है। एसपी सिटी के सभी हमराह भी बहाल कर दिए गए हैं।

कार्रवाई के नाम पर कोरी नौटंकी हुई: प्रफुल्ल द्विवेदी
एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के भाई प्रफुल्ल द्विवेदी का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर दिखावा किया गया था। जिस वक्त हम लोग मथुरा में थे उस समय पुलिस कप्तान ने कहा था कि हमने हमराह सस्पेंड कर दिए हैं। बर्खास्तगी की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अब सभी को बहाल कर दिया है।

मुकुल द्विवेदी के साथ तो कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी गए थे। किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। हमने सीबीआई में दाखिल अर्जी में भी इसका उल्लेख किया था। लेकिन अब सीबीआई जांच में यह सभी फंसेंगे।

आगरा में डीजीपी ने कहा था कि सभी बर्खास्त होंगे
पिछले दिनों डीजीपी जब आगरा आए थे तब उन्होंने कहा था कि अधिकारियों को जवाहरबाग में छोड़कर भागने वाले पुलिसवालों को बर्खास्त किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है। लेकिन यहां तो सभी को बहाल कर दिया गया है।

एसपी सिटी के साथ यह अधिकारी थे
- तीन पुलिस क्षेत्राधिकारी थे पुलिस बल के साथ।
- प्रशासनिक अधिकारी भी थे हमराह के साथ।

- पांच इंस्पेक्टर अपने थानों की फोर्स के साथ।
- चार थानाध्यक्ष भी अपने थानों की फोर्स के साथ।
- एसपी सिटी के सशस्त्र हमराह साथ में थे। 

जवाहरबाग हिंसा में तत्कालीन एसपी सिटी के एस्कार्ट में निलंबित पांच पुलिसकर्मी मेरे आने से पहले ही सस्पेंड हुए थे और बहाल भी हो गए हैं। दिखवाएंगे कि किस ग्राउंड पर बहाल किए गए हैं।
- महेश मिश्रा, डीआईजी
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