{"_id":"58b470154f1c1bec27830e75","slug":"blueprints-for-oil-theft-is-prepared-in-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेल कीचोरी रोकने को दिल्ली में तैयार हुआ ब्लूप्रिंट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तेल कीचोरी रोकने को दिल्ली में तैयार हुआ ब्लूप्रिंट
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 27 Feb 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
पेट्रोल और डीजल
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाइप लाइन से पेट्रोल और डीजल की चोरी रोकने के लिए दिल्ली में ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है। फाइबर आप्टिक तकनीक से पाइप लाइनों को जोड़ा जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के इंजीनियरों द्वारा विकसित इस तकनीक से तेल चोरी वाले प्वाइंट को आसानी से पता किया जा सकेगा। पाइप लाइन में लीकेज होते ही कंट्रोल रूम को जानकारी में मामला आ जाएगा। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसका उपयोग दस रिफाइनरियों से निकलने वाली पाइप लाइन में प्रयोग किया जा रहा है।
देश में 19 रिफाइनरी हैं। इनमें सरकारी कंट्रोल में आईओसी की 10, बीपीसीएल चार और एचपीसीएल की दो रिफाइनरी हैं। इनमें पेट्रोल-डीजल तैयार कर देश के विभिन्न हिस्सों को सप्लाई किया जाता है। पिछले दिनों मथुरा की जालंधर पाइप लाइन से सेंधमारी करके 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का तेल चोरी किया गया है। तेल चोरी की इस घटना ने पेट्रोलियम मंत्रालय को भी हिलाकर रख दिया है।
बताया जाता है कि दूसरी रिफाइनरी की पाइप लाइनों से भी तेल चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय में एडवाइजर सिक्योरिटी बीके रवि ने बताया कि पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में फाइबर आप्टिक तकनीक शुरू की जा रही है। इसके माध्यम से ऐसा सिस्टम तैयार हो रहा है जो पाइप लाइन में कहीं भी सेंधमारी होते ही कंट्रोल रूम को जानकारी हो जाएगी। वह क्षेत्र भी पता चल जाएगा जहां चोरी हो रही होगी।
विज्ञापन
अभी तक पाइप लाइन से होने वाला हल्का फुल्का लीकेज पता नहीं चल पाता है। पहले चरण में इस पायलेट प्रोजेक्ट को आईओसी की सभी 10 रिफाइनरियों से निकलने वाली पाइप लाइनों पर प्रयोग किया जा रहा है। मथुरा रिफाइनरी से निकलने वाली सभी पाइप लाइन में भी इस तकनीक को इस्तेमाल किया जाएगा। 2018 तक इसे लागू कर दिए जाने की संभावना है।
पेट्रोलिंग टीमों की संख्या भी बढ़ेगी
सिक्योरिटी गार्र्डों की संख्या भी बढ़ाने की तैयारी है। पेट्रोलिंग एरिया भी बढ़ाया जाएगा। अफसरों की जिम्मेदारी तय कर दी जाएगी। सिक्योरिटी से जुड़े अफसरों का एक क्षेत्र तय कर दिया जाएगा। अगर उतने इलाके में चोरी होगी तो उनकी जिम्मेदारी रहेगी। हर पंद्रह दिन की रिपोर्ट इन लोगों को देनी होगी।
माफिया के पंपों पर तेल बिक्री का रिकार्ड मांगा
100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की तेल चोरी में गिरफ्तार किए गए रामहरी प्रधान और आगरा के पेट्रोल पंप मालिक तरविंदर जीत सिंह समेत चार अभियुक्तों से पुलिस रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस को पता चला कि आगरा, अलीगढ़ और हाथरस के लोग भी इस तेल चोरी में शामिल हैं।
पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि मनोज व तरविंदर के पेट्रोल पंपों पर चोरी का तेल बेचा गया है। सुजीत के पंप पर भी तेल की बिक्री की गई है। नोटबंदी के दौरान इन लोगों ने आसपास के जिलों को भी तेल सप्लाई किया गया।
एएसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि इनके बैंक खातों को चेक किया जाएगा। साथ ही जिनके पेट्रोल पंप हैं, वहां पेट्रोल व डीजल की बिक्री का रिकार्ड चेक किया जा रहा है। कितना तेल खरीदा गया और कितना बेचा गया इसकी पूरी डिटेल मांगी जा रही है।
विज्ञापन
देश में 19 रिफाइनरी हैं। इनमें सरकारी कंट्रोल में आईओसी की 10, बीपीसीएल चार और एचपीसीएल की दो रिफाइनरी हैं। इनमें पेट्रोल-डीजल तैयार कर देश के विभिन्न हिस्सों को सप्लाई किया जाता है। पिछले दिनों मथुरा की जालंधर पाइप लाइन से सेंधमारी करके 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का तेल चोरी किया गया है। तेल चोरी की इस घटना ने पेट्रोलियम मंत्रालय को भी हिलाकर रख दिया है।
विज्ञापन
बताया जाता है कि दूसरी रिफाइनरी की पाइप लाइनों से भी तेल चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय में एडवाइजर सिक्योरिटी बीके रवि ने बताया कि पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में फाइबर आप्टिक तकनीक शुरू की जा रही है। इसके माध्यम से ऐसा सिस्टम तैयार हो रहा है जो पाइप लाइन में कहीं भी सेंधमारी होते ही कंट्रोल रूम को जानकारी हो जाएगी। वह क्षेत्र भी पता चल जाएगा जहां चोरी हो रही होगी।
विज्ञापन
अभी तक पाइप लाइन से होने वाला हल्का फुल्का लीकेज पता नहीं चल पाता है। पहले चरण में इस पायलेट प्रोजेक्ट को आईओसी की सभी 10 रिफाइनरियों से निकलने वाली पाइप लाइनों पर प्रयोग किया जा रहा है। मथुरा रिफाइनरी से निकलने वाली सभी पाइप लाइन में भी इस तकनीक को इस्तेमाल किया जाएगा। 2018 तक इसे लागू कर दिए जाने की संभावना है।
पेट्रोलिंग टीमों की संख्या भी बढ़ेगी
सिक्योरिटी गार्र्डों की संख्या भी बढ़ाने की तैयारी है। पेट्रोलिंग एरिया भी बढ़ाया जाएगा। अफसरों की जिम्मेदारी तय कर दी जाएगी। सिक्योरिटी से जुड़े अफसरों का एक क्षेत्र तय कर दिया जाएगा। अगर उतने इलाके में चोरी होगी तो उनकी जिम्मेदारी रहेगी। हर पंद्रह दिन की रिपोर्ट इन लोगों को देनी होगी।
माफिया के पंपों पर तेल बिक्री का रिकार्ड मांगा
100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की तेल चोरी में गिरफ्तार किए गए रामहरी प्रधान और आगरा के पेट्रोल पंप मालिक तरविंदर जीत सिंह समेत चार अभियुक्तों से पुलिस रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस को पता चला कि आगरा, अलीगढ़ और हाथरस के लोग भी इस तेल चोरी में शामिल हैं।
पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि मनोज व तरविंदर के पेट्रोल पंपों पर चोरी का तेल बेचा गया है। सुजीत के पंप पर भी तेल की बिक्री की गई है। नोटबंदी के दौरान इन लोगों ने आसपास के जिलों को भी तेल सप्लाई किया गया।
एएसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि इनके बैंक खातों को चेक किया जाएगा। साथ ही जिनके पेट्रोल पंप हैं, वहां पेट्रोल व डीजल की बिक्री का रिकार्ड चेक किया जा रहा है। कितना तेल खरीदा गया और कितना बेचा गया इसकी पूरी डिटेल मांगी जा रही है।