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दो से तीन टैंकर बिटुमिन रोज करते थे चोरी
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Wed, 14 Oct 2015 07:52 PM IST
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रिफाइनरी के बिटुमिन प्लांट से 250 टैंकर बिटुमिन चोरी के मामले में राया के अशोक अग्रवाल का टैंकर ही नहीं, बल्कि छह टैंकर संचालकों की गाड़ियां चोरी का बिटुमिन ढोने में शामिल की गईं थीं। सीबीआई को छह टैंकर संचालकों से चोरी का बिटुमिन ढोने के बारे में सुराग मिले हैं।
दो साल पहले तक रिफाइनरी के बिटुमिन प्लांट से प्लांट कर्मियों की मिली भगत से रोजाना दो से तीन टैंकर बिटुमिन चोरी कराया जाता था। इसमें पुष्पांजलि कालोनी, माधवपुरी कालोनी निवासी दो तेल माफिया ने अपने ग्रुप के टैंकर संचालकों से टैंकर भाड़े पर लेकर चोरी के बिटुमिन की ढुलाई कराई। इस मामले में सीसीटीवी के इंटरनेट से मिले वीडियो फुटेज के अनुसार राया के सादाबाद रोड निवासी अशोक अग्रवाल के टैंकर का नंबर मिलने पर सीबीआई की जांच आगे बढ़ रही है।
रिफाइनरी सूत्रों के अनुसार बिटुमिन प्लांट से रोजाना रात दो से तीन बजे के बीच दो से तीन टैंकर चोरी किए जाते थे। टैंकर चालक से की गई पूछताछ में पता चला कि टाउनशिप रांची बांगर निवासी एक टैंकर संचालक जूते की दुकान करता था। तेल माफिया के संपर्क में आने पर उसने टैंकर बनाया और चोरी का बिटुमिन ढोया।
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दो साल में आठ टैंकरों का मालिक बन गया। सदर बाजार निवासी टैंकर मालिक के दो टैंकर और दो तेल माफिया के तारकोल टैंकरों के बारे में भी सीबीआई अधिकारियों को जानकारी मिली है। पूछताछ में यह भी बताया कि चोरी का बिटुमिन मथुरा, आगरा, अलीगढ़ और हाथरस के पीडब्लूडी, आरईएस और निजी कालोनियों में सड़क बनाने वाले ठेकेदारों को सस्ती दरों पर बेचा गया। सीबीआई को यहां तक जानकारी दी गई।
टैंकर संचालक ने कराई कर्मचारी से माफिया की मुलाकात
टैंकर संचालक ने रांची बांगर इलाके में रह रहे बिटुमिन प्लांट के कर्मचारी की मुलाकात तेल माफिया से कराई थी। वहीं से तेल माफिया और कर्मचारी की बिटुमिन चोरी की जुगलबंदी शुरू हो गई। इसमें एक टैंकर संचालक कर्मचारी की कालोनी में रांची बांगर में ही रहता था।
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दो साल पहले तक रिफाइनरी के बिटुमिन प्लांट से प्लांट कर्मियों की मिली भगत से रोजाना दो से तीन टैंकर बिटुमिन चोरी कराया जाता था। इसमें पुष्पांजलि कालोनी, माधवपुरी कालोनी निवासी दो तेल माफिया ने अपने ग्रुप के टैंकर संचालकों से टैंकर भाड़े पर लेकर चोरी के बिटुमिन की ढुलाई कराई। इस मामले में सीसीटीवी के इंटरनेट से मिले वीडियो फुटेज के अनुसार राया के सादाबाद रोड निवासी अशोक अग्रवाल के टैंकर का नंबर मिलने पर सीबीआई की जांच आगे बढ़ रही है।
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रिफाइनरी सूत्रों के अनुसार बिटुमिन प्लांट से रोजाना रात दो से तीन बजे के बीच दो से तीन टैंकर चोरी किए जाते थे। टैंकर चालक से की गई पूछताछ में पता चला कि टाउनशिप रांची बांगर निवासी एक टैंकर संचालक जूते की दुकान करता था। तेल माफिया के संपर्क में आने पर उसने टैंकर बनाया और चोरी का बिटुमिन ढोया।
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दो साल में आठ टैंकरों का मालिक बन गया। सदर बाजार निवासी टैंकर मालिक के दो टैंकर और दो तेल माफिया के तारकोल टैंकरों के बारे में भी सीबीआई अधिकारियों को जानकारी मिली है। पूछताछ में यह भी बताया कि चोरी का बिटुमिन मथुरा, आगरा, अलीगढ़ और हाथरस के पीडब्लूडी, आरईएस और निजी कालोनियों में सड़क बनाने वाले ठेकेदारों को सस्ती दरों पर बेचा गया। सीबीआई को यहां तक जानकारी दी गई।
टैंकर संचालक ने कराई कर्मचारी से माफिया की मुलाकात
टैंकर संचालक ने रांची बांगर इलाके में रह रहे बिटुमिन प्लांट के कर्मचारी की मुलाकात तेल माफिया से कराई थी। वहीं से तेल माफिया और कर्मचारी की बिटुमिन चोरी की जुगलबंदी शुरू हो गई। इसमें एक टैंकर संचालक कर्मचारी की कालोनी में रांची बांगर में ही रहता था।