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तकनीकी ज्ञान से वेस्ट को वेल्थ में बदलें: गडकरी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 22 Dec 2015 11:45 PM IST
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जीएलए विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने छात्रों को रोजगार खोजने के स्थान पर रोजगार सृजन करने के लिए प्रेरित किया।
बतौर मुख्य अतिथि समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवा ज्ञान का सही दिशा में उपयोग करें। हम आंखें दान कर सकते हैं लेकिन दृष्टि नहीं। छात्रों को तकनीकी ज्ञान से वेस्ट को वेल्थ में बदलना होगा।
इसके लिए उन्होंने मथुरा के गंदे पानी का पुनर्चक्रण कर उसे रिफाइनरी को बेचने की योजना का उदाहरण भी दिया। मंगलवार को दीक्षांत समारोह में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की 1580 उपाधियां प्रदान की गईं। मेधावियों को 15 गोल्ड मेडल और 14 सिल्वर मेडल दिए गए।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जॉब ओरीएन्टेड और नॉलेज ओरीएन्टेड दोनों ही तरह के पाठ्यक्रमों का चयन करने की सलाह दी। जिससे रोजगार और रिसर्च के मौके नौजवानों को उपलब्ध हों। गडकरी बोले कि हम तकनीक के विभिन्न पहलुओं पर विचार कर नए-नए रोजगार स्थापित कर सकते हैं। बस अर्जित ज्ञान को सही सोच के साथ सही दिशा में उपयोग करना होगा और फिर अमीर भारत और गरीब भारत का भेद मिट जाएगा।
छात्रों के बीच वेस्ट को वेल्थ में बदलने का मंत्र देते हुए केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र की शुगर मिल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आज ब्राजील ने पूरी दुनिया को चीनी से पाट दिया है, इसीलिए विश्व बाजार में चीनी की कीमत कम हो गई है। हमारा देश आठ लाख करोड़ का कच्चा तेल खरीदता है, हम शुगर से निकलने वाले एथनॉल का ईंधन के रूप में प्रयोग करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र में टॉयलेट के गंदे पानी को 18 करोड़ में बेचने की बात बताई। जिसकी मेथेन गैस से बायो सीएनजी गैस बनाकर बस चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अब मथुरा के गंदे पानी को रिसाइकल कर रिफाइनरी को बेचने की योजना तैयार की जा रही है।
केंद्रीय परिवहन मंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए जल यातायात का प्रयोग करने पर जोर दिया। कहा कि विदेशों में 70 प्रतिशत आवाजाही जल पर होती है। हमारे देश में यह केवल दो प्रतिशत है। उन्होंने शीघ्र ही वाराणसी से जल यातायात, माल ढुलाई शुरू होने की बात कही।
समारोह में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर रनबीर सिंह ने कहा कि बड़ा कार्य एक्सट्रा ऑर्डिनरी व्यक्ति नहीं करता अपितु सामान्य व्यक्ति ही बड़े कार्यों को पूरा कर सकता है। पल्ला झाड़ने से काम नहीं चलेगा, हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जीएलए के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, कुलपति प्रोफेसर दुर्ग सिंह चौहान, सेक्रेटरी नीरज अग्रवाल, विवेक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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बतौर मुख्य अतिथि समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवा ज्ञान का सही दिशा में उपयोग करें। हम आंखें दान कर सकते हैं लेकिन दृष्टि नहीं। छात्रों को तकनीकी ज्ञान से वेस्ट को वेल्थ में बदलना होगा।
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इसके लिए उन्होंने मथुरा के गंदे पानी का पुनर्चक्रण कर उसे रिफाइनरी को बेचने की योजना का उदाहरण भी दिया। मंगलवार को दीक्षांत समारोह में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की 1580 उपाधियां प्रदान की गईं। मेधावियों को 15 गोल्ड मेडल और 14 सिल्वर मेडल दिए गए।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जॉब ओरीएन्टेड और नॉलेज ओरीएन्टेड दोनों ही तरह के पाठ्यक्रमों का चयन करने की सलाह दी। जिससे रोजगार और रिसर्च के मौके नौजवानों को उपलब्ध हों। गडकरी बोले कि हम तकनीक के विभिन्न पहलुओं पर विचार कर नए-नए रोजगार स्थापित कर सकते हैं। बस अर्जित ज्ञान को सही सोच के साथ सही दिशा में उपयोग करना होगा और फिर अमीर भारत और गरीब भारत का भेद मिट जाएगा।
छात्रों के बीच वेस्ट को वेल्थ में बदलने का मंत्र देते हुए केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र की शुगर मिल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आज ब्राजील ने पूरी दुनिया को चीनी से पाट दिया है, इसीलिए विश्व बाजार में चीनी की कीमत कम हो गई है। हमारा देश आठ लाख करोड़ का कच्चा तेल खरीदता है, हम शुगर से निकलने वाले एथनॉल का ईंधन के रूप में प्रयोग करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र में टॉयलेट के गंदे पानी को 18 करोड़ में बेचने की बात बताई। जिसकी मेथेन गैस से बायो सीएनजी गैस बनाकर बस चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अब मथुरा के गंदे पानी को रिसाइकल कर रिफाइनरी को बेचने की योजना तैयार की जा रही है।
केंद्रीय परिवहन मंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए जल यातायात का प्रयोग करने पर जोर दिया। कहा कि विदेशों में 70 प्रतिशत आवाजाही जल पर होती है। हमारे देश में यह केवल दो प्रतिशत है। उन्होंने शीघ्र ही वाराणसी से जल यातायात, माल ढुलाई शुरू होने की बात कही।
समारोह में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर रनबीर सिंह ने कहा कि बड़ा कार्य एक्सट्रा ऑर्डिनरी व्यक्ति नहीं करता अपितु सामान्य व्यक्ति ही बड़े कार्यों को पूरा कर सकता है। पल्ला झाड़ने से काम नहीं चलेगा, हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जीएलए के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, कुलपति प्रोफेसर दुर्ग सिंह चौहान, सेक्रेटरी नीरज अग्रवाल, विवेक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।