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मोनी बाबा के सिलीगुडी आश्रम पर कब्जे को लेकर विवाद, पुलिस पहुंच
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वृंदावन (मथुरा)। श्रीबांकेबिहारी की भूमि वृंदावन में एक और प्रख्यात संत मोनी बाबा के सिलीगुडी आश्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यह विवाद आश्रम और इससे जुड़ी अन्य बेशकीमती जमीनों को कब्जाने का है। इसमें आरोप भी वृंदावन के ही संतों पर लग रहा है। इसे लेकर परिक्रमा मार्ग में बृहस्पतिवार की शाम संतों की बैठक हुई।
सिलीगुडी आश्रम वृंदावन परिक्रमा मार्ग में रेलवे फाटक के निकट स्थित है। इसे यहां के प्रख्यात संत मोनी बाबा ने तैयार किया था। इसके साथ ही आनंद वन और बिहारीपुरा में जमीन स्थित है। वर्तमान में आश्रम में रासबिहारी दास मंदिर की सेवा पूजा कर रहे हैं। उनके आह्वान पर बृहस्पतिवार को आश्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्मा एकत्रित हुए।
इस दौरान महंत रासबिहारी दास ने बताया कि मोनी बाबा ने इस आश्रम की जमीन उनके नाम वसीयत की थी। लेकिन अब उन्हें जानकारी मिली है कि इस आश्रम को कुछ अन्य लोग कथित कागजातों के आधार पर अपने नाम कराने की कोशिश कर रहे हैं। महंत रासबिहारी दास ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले दिनों आश्रम के मुख्य गेट पर कुछ लोग उन्हें भयभीत करने की दृष्टि से फायरिंग भी कर गए हैं। उन्होंने आश्रम को कब्जाने के लिए हो रहे प्रयासों की जानकारी एसएसपी को भी दी है।
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सभी संतों ने एक बार फिर आश्रम में महंताई का प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति प्रदान की। महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज, महंत हरिशंकर दास नागा, महंत श्याम सुंदर दास भक्त माली, किशोरी शरण महाराज, वैराग स्वरूप महाराज, हेमकांत शरण महाराज आदि साधु-संत मौजूद रहे।
इधर, आश्रम को कब्जाए जाने के मुद्दे को लेकर संतों की बैठक की जानकारी मिलते ही श्रीबांकेबिहारी पुलिस चौकी से पुलिस बल भी आश्रम पहुंच गया। यहां चौकी प्रभारी शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि कोतवाली के दिशानिर्देश पर संतों की बैठक की सूचना पर पुलिस बल के साथ आश्रम आए हुए हैं।
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सिलीगुडी आश्रम वृंदावन परिक्रमा मार्ग में रेलवे फाटक के निकट स्थित है। इसे यहां के प्रख्यात संत मोनी बाबा ने तैयार किया था। इसके साथ ही आनंद वन और बिहारीपुरा में जमीन स्थित है। वर्तमान में आश्रम में रासबिहारी दास मंदिर की सेवा पूजा कर रहे हैं। उनके आह्वान पर बृहस्पतिवार को आश्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्मा एकत्रित हुए।
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इस दौरान महंत रासबिहारी दास ने बताया कि मोनी बाबा ने इस आश्रम की जमीन उनके नाम वसीयत की थी। लेकिन अब उन्हें जानकारी मिली है कि इस आश्रम को कुछ अन्य लोग कथित कागजातों के आधार पर अपने नाम कराने की कोशिश कर रहे हैं। महंत रासबिहारी दास ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले दिनों आश्रम के मुख्य गेट पर कुछ लोग उन्हें भयभीत करने की दृष्टि से फायरिंग भी कर गए हैं। उन्होंने आश्रम को कब्जाने के लिए हो रहे प्रयासों की जानकारी एसएसपी को भी दी है।
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सभी संतों ने एक बार फिर आश्रम में महंताई का प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति प्रदान की। महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज, महंत हरिशंकर दास नागा, महंत श्याम सुंदर दास भक्त माली, किशोरी शरण महाराज, वैराग स्वरूप महाराज, हेमकांत शरण महाराज आदि साधु-संत मौजूद रहे।
इधर, आश्रम को कब्जाए जाने के मुद्दे को लेकर संतों की बैठक की जानकारी मिलते ही श्रीबांकेबिहारी पुलिस चौकी से पुलिस बल भी आश्रम पहुंच गया। यहां चौकी प्रभारी शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि कोतवाली के दिशानिर्देश पर संतों की बैठक की सूचना पर पुलिस बल के साथ आश्रम आए हुए हैं।