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Mathura News: करंट लगने से संविदा बिजली कर्मी की मौत, साथियों ने किया कार्य बहिष्कार
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मथुरा। सीएमओ कार्यालय के सामने मंगलवार सुबह कार्य के दौरान करंट लगने से एक संविदा बिजली कर्मी की मौत हो गई। हादसे के बाद विद्युत निगम के संविदा कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में कर्मचारी कैंट सब स्टेशन पहुंच गए और शव रखकर प्रदर्शन किया। सड़क जाम करने का प्रयास करते हुए जनपद में कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी। अधिकारियों और पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया।
दामोदरपुरा निवासी दीपक (23) मंगलवार सुबह सीएमओ कार्यालय के पास 33 केवी लाइन पर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। साथी कर्मचारी उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। निजी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दीपक की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही संविदा कर्मचारी आक्रोशित हो उठे और कैंट सब स्टेशन पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों ने आगरा-मथुरा मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर स्थिति नियंत्रित की। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष पंकज शर्मा और गणेश तोमर ने आरोप लगाया कि संविदा कर्मचारियों से सुरक्षा उपकरणों के बिना जोखिम भरे कार्य कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि मात्र नौ से दस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय पर कर्मचारी लंबे समय से काम कर रहे हैं जबकि बाइक, पेट्रोल और मोबाइल का खर्च भी उन्हें स्वयं वहन करना पड़ता है। उनका आरोप है कि सुरक्षा संसाधनों की कमी के कारण पहले भी कई कर्मचारी हादसों का शिकार हो चुके हैं।
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कर्मचारी नेताओं ने मृतक के परिजन को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और सभी संविदा कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है। कर्मचारी नेता मानसिंह ने बताया कि मांगें पूरी होने तक जनपद के सभी संविदा कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया है। उधर, विद्युत निगम के अधिकारी कर्मचारियों से वार्ता कर समझौते के प्रयास में जुटे हैं।
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दामोदरपुरा निवासी दीपक (23) मंगलवार सुबह सीएमओ कार्यालय के पास 33 केवी लाइन पर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। साथी कर्मचारी उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। निजी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दीपक की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही संविदा कर्मचारी आक्रोशित हो उठे और कैंट सब स्टेशन पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों ने आगरा-मथुरा मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर स्थिति नियंत्रित की। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष पंकज शर्मा और गणेश तोमर ने आरोप लगाया कि संविदा कर्मचारियों से सुरक्षा उपकरणों के बिना जोखिम भरे कार्य कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि मात्र नौ से दस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय पर कर्मचारी लंबे समय से काम कर रहे हैं जबकि बाइक, पेट्रोल और मोबाइल का खर्च भी उन्हें स्वयं वहन करना पड़ता है। उनका आरोप है कि सुरक्षा संसाधनों की कमी के कारण पहले भी कई कर्मचारी हादसों का शिकार हो चुके हैं।
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कर्मचारी नेताओं ने मृतक के परिजन को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और सभी संविदा कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है। कर्मचारी नेता मानसिंह ने बताया कि मांगें पूरी होने तक जनपद के सभी संविदा कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया है। उधर, विद्युत निगम के अधिकारी कर्मचारियों से वार्ता कर समझौते के प्रयास में जुटे हैं।