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Mathura News: बाजारों में खपाया जा रहा था दूषित पानी
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मथुरा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने ऐसे चार वाटर प्लांटों के खिलाफ कार्रवाई की है, जो पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के मानकों को ताक पर रखकर दूषित पानी को बाजारों में खपा रहे थे। परीक्षण में चारों प्लांटों के नमूने फेल हो गए हैं। शासन ने इन प्लांटों को सील करने के साथ 14 दिन के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शासन के निर्देश पर 9 जनवरी को शहर के विभिन्न इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित वाटर प्लांटों से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के एक दर्जन से अधिक नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। शनिवार को पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है। परीक्षण में चार प्रमुख प्लांटों के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। नमूनों में हानिकारक बैक्टीरिया और अशुद्धियां पाई गई हैं, जो सीधे तौर पर मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। इस पानी का सेवन करने से टाइफाइड, पीलिया और पेट संबंधी गंभीर बीमारियां होने की आशंका जताई गई है।
हैरानी की बात यह है कि ये प्लांट बिना किसी पुख्ता शुद्धिकरण प्रक्रिया के ही पानी को ब्रांडेड बोतलों और प्लास्टिक थैली में भरकर बाजारों में खपा रहे थे। मानकों के विपरीत आई जांच रिपोर्ट के बाद शासन ने खाद्य सुरक्षा विभाग को कोसीकलां में स्थित गौरी एक्वा, छाता में स्थित कैंपा सियोर, बजाज लाइफ और तारष वाटर प्लांट को सील करने के निर्देश दिए हैं। सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासनादेश के अनुसार चारों प्लांटों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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अन्य प्लांटों के पानी की भी होगी जांच
जिले में ऐसे करीब 20 वाटर प्लांट हैं, जो पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर सप्लाई करते हैं। अधिकारियों का कहना कि जनता की सेहत से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अन्य प्लांटों की भी सघन जांच जारी रहेगी और यदि कोई भी मानक के विरुद्ध कार्य करता पाया गया, तो उसका प्लांट स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शासन के निर्देश पर 9 जनवरी को शहर के विभिन्न इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित वाटर प्लांटों से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के एक दर्जन से अधिक नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। शनिवार को पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है। परीक्षण में चार प्रमुख प्लांटों के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। नमूनों में हानिकारक बैक्टीरिया और अशुद्धियां पाई गई हैं, जो सीधे तौर पर मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। इस पानी का सेवन करने से टाइफाइड, पीलिया और पेट संबंधी गंभीर बीमारियां होने की आशंका जताई गई है।
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हैरानी की बात यह है कि ये प्लांट बिना किसी पुख्ता शुद्धिकरण प्रक्रिया के ही पानी को ब्रांडेड बोतलों और प्लास्टिक थैली में भरकर बाजारों में खपा रहे थे। मानकों के विपरीत आई जांच रिपोर्ट के बाद शासन ने खाद्य सुरक्षा विभाग को कोसीकलां में स्थित गौरी एक्वा, छाता में स्थित कैंपा सियोर, बजाज लाइफ और तारष वाटर प्लांट को सील करने के निर्देश दिए हैं। सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासनादेश के अनुसार चारों प्लांटों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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अन्य प्लांटों के पानी की भी होगी जांच
जिले में ऐसे करीब 20 वाटर प्लांट हैं, जो पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर सप्लाई करते हैं। अधिकारियों का कहना कि जनता की सेहत से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अन्य प्लांटों की भी सघन जांच जारी रहेगी और यदि कोई भी मानक के विरुद्ध कार्य करता पाया गया, तो उसका प्लांट स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा।