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Mathura News: ब्रजरत्न रामशरण शास्त्री के निधन पर शोक
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राम शरण शास्त्री
नंदगांव। नंदबाबा मंदिर के वरिष्ठ सेवायत, परम भागवत भक्त और संस्कृत विद्वान राम शरण शास्त्री का 99 वर्ष की आयु में 5 जनवरी को निधन हो गया। उनके निधन से नंदगांव ही नहीं, बल्कि पूरे ब्रज क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रामशरण नंदबाबा मंदिर की वैष्णव परंपराओं के सशक्त संवाहक माने जाते थे। रविवार को उनके मूल आवास पर शोकसभा आयोजित की गई।
स्वर्गीय शास्त्री जी जीवनपर्यंत साधना, सेवा और शास्त्र-अध्ययन में लीन रहे। वे बिना चश्मे के प्रतिदिन श्रीमद्भागवत जी का अध्ययन करते थे और करीब दस घंटे भजन-स्मरण में व्यतीत करते थे। श्रीमद्भागवत महापुराण और रामायण उन्हें कंठस्थ थी। त्रिकाल संध्या, अनुशासित दिनचर्या और गहन वैदिक ज्ञान उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान रही। ब्रज संस्कृति के प्रति उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें ब्रजरत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
भगवत गोस्वामी उर्फ भगत जी ने बताया कि नंदगांव के पौराणिक इतिहास पर शोध करने वाले अनेक कथाकारों और इतिहासकारों ने समय-समय पर उनसे मार्गदर्शन प्राप्त किया। नंदगांव समाज शृंखला पुस्तक के प्रकाशन में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। उनके निधन पर कृष्ण कुमार शर्मा (पूर्व डीसीएफ संघ चेयरमैन), कृष्ण कुमार मुन्ना, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुधा शर्मा, भागवताचार्य कृष्ण मुरारी शास्त्री, डॉ. मनोज मोहन शास्त्री सहित अनेक गणमान्यों ने शोक व्यक्त किया। उनका अंतिम संस्कार ज्येष्ठ पुत्र जय गोविंद गोस्वामी द्वारा सम्पन्न हुआ। वे अपने पीछे चार पुत्र और दो पुत्रियां छोड़ गए हैं।
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स्वर्गीय शास्त्री जी जीवनपर्यंत साधना, सेवा और शास्त्र-अध्ययन में लीन रहे। वे बिना चश्मे के प्रतिदिन श्रीमद्भागवत जी का अध्ययन करते थे और करीब दस घंटे भजन-स्मरण में व्यतीत करते थे। श्रीमद्भागवत महापुराण और रामायण उन्हें कंठस्थ थी। त्रिकाल संध्या, अनुशासित दिनचर्या और गहन वैदिक ज्ञान उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान रही। ब्रज संस्कृति के प्रति उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें ब्रजरत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
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भगवत गोस्वामी उर्फ भगत जी ने बताया कि नंदगांव के पौराणिक इतिहास पर शोध करने वाले अनेक कथाकारों और इतिहासकारों ने समय-समय पर उनसे मार्गदर्शन प्राप्त किया। नंदगांव समाज शृंखला पुस्तक के प्रकाशन में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। उनके निधन पर कृष्ण कुमार शर्मा (पूर्व डीसीएफ संघ चेयरमैन), कृष्ण कुमार मुन्ना, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुधा शर्मा, भागवताचार्य कृष्ण मुरारी शास्त्री, डॉ. मनोज मोहन शास्त्री सहित अनेक गणमान्यों ने शोक व्यक्त किया। उनका अंतिम संस्कार ज्येष्ठ पुत्र जय गोविंद गोस्वामी द्वारा सम्पन्न हुआ। वे अपने पीछे चार पुत्र और दो पुत्रियां छोड़ गए हैं।
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