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Mathura News: कोचिंग सेंटरों पर सील लगाई, अधर में लटकी छात्रों की पढ़ाई
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मथुरा। कोचिंग व लाइब्रेरियों पर कार्रवाई के दौरान उन हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य पर गहरा संकट मंडराने लगा है जो इन संस्थानों में मोटी फीस देकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
इस औचक कार्रवाई से छात्रों की नियमित पढ़ाई ठप हो गई है। सबसे कोचिंग संचालकों ने छात्रों को पूरी तरह अंधेरे में रखा है। न तो उन्हें आगामी कक्षाओं के बारे में कोई जानकारी दी जा है और न ही आगे की पढ़ाई का कोई वैकल्पिक रास्ता ( ऑनलाइन क्लास ) बताया जा रहा है। विद्यार्थी एक-दूसरे को फोन करके पूछ रहे हैं और कोचिंग सेंटरों के चक्कर काट रहे हैं।
कृष्णा नगर निवासी आयुषी ने बताया कि पढ़ाई का एक-एक दिन कीमती है। चंदनवन निवासी कौशल ने बताया कि उनके अभिभावकों ने पढ़ाई के लिए लाखों रुपये की फीस भरी है। अब संस्थान सील होने के बाद संचालक न तो फीस वापस करने की बात कर रहे हैं और न ही कोई उचित जानकारी रहे हैं।
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कार्रवाई के डर से कोचिंगें बंद करके भागे संचालक
कार्रवाई के डर से कोचिंग व लाइब्रेरी संचालक रातों-रात सेंटरों को बंद करके भाग गए। तालाबंदी के कारण सुबह कोचिंग पहुंचे छात्रों को बैरंग लौटना पड़ा। संस्थानों के मुख्य गेट पर ताले लटके देख और संचालकों के फोन बंद मिलने से विद्यार्थी परेशान रहे।
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छात्रों के हितों की रक्षा भी हमारी प्राथमिकता है। जिन कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा और अन्य मानक पूरे नहीं हैं, उन पर कार्रवाई जारी रहेगी। फीस लेकर ताला लगाने वाले या बिना सूचना गायब होने वाले कोचिंग संचालकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -राघवेंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
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इस औचक कार्रवाई से छात्रों की नियमित पढ़ाई ठप हो गई है। सबसे कोचिंग संचालकों ने छात्रों को पूरी तरह अंधेरे में रखा है। न तो उन्हें आगामी कक्षाओं के बारे में कोई जानकारी दी जा है और न ही आगे की पढ़ाई का कोई वैकल्पिक रास्ता ( ऑनलाइन क्लास ) बताया जा रहा है। विद्यार्थी एक-दूसरे को फोन करके पूछ रहे हैं और कोचिंग सेंटरों के चक्कर काट रहे हैं।
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कृष्णा नगर निवासी आयुषी ने बताया कि पढ़ाई का एक-एक दिन कीमती है। चंदनवन निवासी कौशल ने बताया कि उनके अभिभावकों ने पढ़ाई के लिए लाखों रुपये की फीस भरी है। अब संस्थान सील होने के बाद संचालक न तो फीस वापस करने की बात कर रहे हैं और न ही कोई उचित जानकारी रहे हैं।
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कार्रवाई के डर से कोचिंगें बंद करके भागे संचालक
कार्रवाई के डर से कोचिंग व लाइब्रेरी संचालक रातों-रात सेंटरों को बंद करके भाग गए। तालाबंदी के कारण सुबह कोचिंग पहुंचे छात्रों को बैरंग लौटना पड़ा। संस्थानों के मुख्य गेट पर ताले लटके देख और संचालकों के फोन बंद मिलने से विद्यार्थी परेशान रहे।
छात्रों के हितों की रक्षा भी हमारी प्राथमिकता है। जिन कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा और अन्य मानक पूरे नहीं हैं, उन पर कार्रवाई जारी रहेगी। फीस लेकर ताला लगाने वाले या बिना सूचना गायब होने वाले कोचिंग संचालकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -राघवेंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक