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‘जीरो लेवल डिस्चार्ज से चौपट हो जाएगा साड़ी उद्योग’

Thu, 11 Feb 2016 11:35 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Thu, 11 Feb 2016 11:35 PM IST
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cloth merchant in mathura
मंत्री जी! प्रदूषण बोर्ड ने साड़ी उद्योग को जीरो लेवल डिस्चार्ज (जेडएलडी) लागू करने का आदेश थमा दिया है। यह कारोबार पहले से ही प्रतिस्पर्धा के चलते चौपट होने के कगार है। उद्यमी दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। ऐसे में आप हमारी मदद कीजिए।
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नेशनल चैंबर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को साड़ी उद्योग की इस पीड़ा को फरह में केंद्रीय कपड़ा मंत्री संतोष गंगवार के सामने रखा। उद्यमियों की परेशानी पर गंभीर मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली बुलाया है।
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उद्यमियों ने बताया कि वर्तमान में उद्योगों में जेडएलडी में पानी को जलाना और नमक का निस्तारण संभव नहीं है। वहीं जेडएलडी परिवर्तन में 1.5 करोड़ का खर्चा आता है जो पहले से ही चरमरा रहे उद्योग के लिए संभव नहीं है। ईटीपी उच्चीकरण में अन्य राज्य सरकारें सब्सिडी दे रही हैं जबकि यूपी में ऐसा नहीं है।
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इसके चलते कारोबारी पलायन कर रहे हैं। छह सूत्रीय ज्ञापन पर गंभीर गंगवार ने उद्यमियों को दिल्ली बुलाया है। इस अवसर पर चैंबर के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, केडी अग्रवाल, प्रहलाद खंडेलवाल (पीडी), राजेश बजाज, संजय अग्रवाल, मुकेश, गोविंद मित्तल, नवीन मित्तल, राजीव अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

ये है सूरतेहाल
-मथुरा में हैं 50 से अधिक साड़ी औद्योगिक इकाइयां
-यहां उद्योगों को बमुश्किल 10 से 12 घंटे मिलती है बिजली
-खराब बिजली आपूर्ति के चलते बढ़ जाती है उत्पादन की लागत, पिछड़ रहा उद्योग
-ईटीपी उच्चीकरण में राज्य सरकार नहीं दे रही सब्सिडी, उद्योग पर पड़ रही मार
-जेडएलडी के आदेश के बाद प्रत्येक इकाई पर पड़ेगा से एक से डेढ़ करोड़ का भार
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