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मुख्यमंत्री कर सकते हैं जवाहर बाग के नये स्वरूप का उद्घाटन
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जवाहर बाग के मुख्य द्वार पर होता निर्माण।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। एएसपी और एसआई सहित दो पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद सुर्खियों में रहे जवाहर बाग के सौंदर्यीकरण और आम जन के लिए उपयोगी बनाने के प्रदेश सरकार के 15 करोड़ के प्रोजेक्ट की कार्य योजना का उद्घाटन मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की ओर से किया जा सकता है । जवाहर बाग में करने वाले कार्यों को 31 दिसंबर तक पूर्ण किया जाना है। इसे लेकर जल निगम द्वारा दिन रात कार्य किया जा रहा है।
उद्यान विभाग की 153 एकड़ जमीन पर फैले जवाहर बाग में 15 करोड़ से सूर्य नमस्कार (योग करने का स्थान), सेंटल स्क्वॉयर, पाथ वे, फव्वारा के अलावा पांच बोरिंग भी की जानी है। जिनसे वहां पर लगे करीब दो हजार पेड़ों को पानी दिया जाएगा। जवाहर बाग के गेट को स्पेशल लुक देकर उस पर टिकट काउंटर भी बनाया जा रहा है।
शुरूआत में इसका कार्य राज्य निर्माण निगम को दिया गया परंतु इसे जल निगम की निर्माण इकाई सीएनडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) जल निगम को दिया गया है। इसे पूरा करने का टारगेट 31 दिसंबर तक दिया गया है। इसके चलते जल निगम द्वारा दिन रात काम किया जा रहा है। जल निगम के परियोजना प्रबंधक छत्तर सिंह ने बताया कि वह 31 दिसंबर तक कार्य पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं।
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370 लाख में नहीं बन सके पाथ-वे
जल निगम से पूर्व राज्य निर्माण निगम द्वारा जवाहरबाग के निर्माण का कार्य किया जा रहा था। उसने 370 लाख में सिर्फ पाथ वे का अधूरा निर्माण किया। उससे असंतुष्ट जिम्मेदार अधिकारियों ने निर्माण की जिम्मेदारी अब जल निगम को दे दी है। इसके चलते अधिकारियों द्वारा निर्माण संबंधी कार्यों पर सख्ती से नजर रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि पूर्व निर्माण एजेंसी की जांच में हीला हवाली की जा रही है।
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उद्यान विभाग की 153 एकड़ जमीन पर फैले जवाहर बाग में 15 करोड़ से सूर्य नमस्कार (योग करने का स्थान), सेंटल स्क्वॉयर, पाथ वे, फव्वारा के अलावा पांच बोरिंग भी की जानी है। जिनसे वहां पर लगे करीब दो हजार पेड़ों को पानी दिया जाएगा। जवाहर बाग के गेट को स्पेशल लुक देकर उस पर टिकट काउंटर भी बनाया जा रहा है।
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शुरूआत में इसका कार्य राज्य निर्माण निगम को दिया गया परंतु इसे जल निगम की निर्माण इकाई सीएनडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) जल निगम को दिया गया है। इसे पूरा करने का टारगेट 31 दिसंबर तक दिया गया है। इसके चलते जल निगम द्वारा दिन रात काम किया जा रहा है। जल निगम के परियोजना प्रबंधक छत्तर सिंह ने बताया कि वह 31 दिसंबर तक कार्य पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं।
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370 लाख में नहीं बन सके पाथ-वे
जल निगम से पूर्व राज्य निर्माण निगम द्वारा जवाहरबाग के निर्माण का कार्य किया जा रहा था। उसने 370 लाख में सिर्फ पाथ वे का अधूरा निर्माण किया। उससे असंतुष्ट जिम्मेदार अधिकारियों ने निर्माण की जिम्मेदारी अब जल निगम को दे दी है। इसके चलते अधिकारियों द्वारा निर्माण संबंधी कार्यों पर सख्ती से नजर रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि पूर्व निर्माण एजेंसी की जांच में हीला हवाली की जा रही है।