छाता। छाता चीनी मिल आंदोलन में शुक्रवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब मंच पर स्वामी सच्चिदानंद महाराज पहुंचे। कुछ युवकों ने राधारानी के खिलाफ पूर्व में दिए गए उनके बयानों का हवाला देते हुए विरोध किया। विरोध इतना उग्र हो गया कि स्वामी सच्चिदानंद को मंच छोड़कर जाना पड़ा।
घटना के बाद देर शाम स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज ने अपने आवास पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। उन्होंने इस पूरी घटना को एक सोची-समझी साजिश करार दिया। स्वामी जी ने कहा, आज के धरना-प्रदर्शन में मुझे विशेष रूप से जातिगत रूप से टारगेट किया गया। कहा कि अभी दो दिन पहले ही वह योग गुरु बाबा रामदेव के साथ कथाकार प्रदीप मिश्रा की कथा में गए थे। जहां लाखों की संख्या में भीड़ थी, लेकिन वहां किसी ने कोई विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता और प्रभाव को देखकर कुछ लोगों की धरती हिलने लगी है, इसलिए धरना-प्रदर्शन को बिगाड़ने के लिए यह षड्यंत्र रचा गया। मंच से जाने के सवाल पर स्पष्टीकरण देते हुए स्वामी ने कहा, जो लोग यह कह रहे हैं कि मैं वहां से भागा हूं, वे गलत कह रहे हैं। मैं भागा नहीं था, बल्कि आंदोलन और धरना खराब न हो, इसलिए मंच से साइड होकर पीछे के रास्ते से वापस आ गया। उन्होंने अंत में कहा, यह मेरी जन्मभूमि है। अगर मैं अपनी जन्मभूमि में नहीं आऊंगा, तो कहां जाऊंगा? यदि वे लोग समर्थवान हैं, तो सामने आकर सीधी वार्ता करें।