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Mathura News: संत प्रेमानंद महाराज की एकांतिक वार्ता एवं दर्शन के लिए टोकन व्यवस्था में बदलाव
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वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज के रमणरेती स्थित श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एकांतिक वार्ता एवं दर्शन की टोकन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था लागू करने के साथ ही आश्रम के बाहर परिक्रमा मार्ग में एक काउंटर खोला गया है। इससे श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में कम समय में दर्शन एवं वार्ता का अवसर मिल सकेगा। वहीं ब्रजवासियों के लिए अलग से गौतम ऋषि आश्रम के समीप टोकन काउंटर खोला गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार श्रद्धालुओं को आश्रम के बाहर बने काउंटर पर अब दिन में लाइन लगानी होगी। यहां से नंबर लिखी पर्ची मिलेगी। इसके बाद शाम के समय पहचान पत्र के साथ नंबर लिखी पर्ची लेकर श्रद्धालु अगले दिन सुबह 8़15 बजे गौतम ऋषि आश्रम पहुंचेंगे। यहां से एकांतिक वार्ता या एकांतिक दर्शन का टोकन प्राप्त होगा। वहीं जो भक्त बिना टोकन प्राप्त किए संत दर्शन करना चाहते हैं, वे सुबह छह बजे सौभरि वन में कर सकते हैं।
वहीं ब्रजवासियों के लिए टोकन व्यवस्था अलग है। वह गौतम ऋषि आश्रम के समीप बने काउंटर पर अपना पहचान पत्र दिखाकर दूसरे दिन का टोकन प्राप्त कर सकते हैं। सेवकों ने बताया कि एकांतिक वार्ता में लगभग 40 से 50 भक्त शामिल रहते हैं। पहले जहां एकांतिक वार्तालाप या दर्शन के लिए टोकन लेने में तीन दिन तक का समय लग जाता था, अब यह प्रक्रिया केवल दो दिन में पूरी हो जाएगी। इस बदलाव से दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।
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नई व्यवस्था के अनुसार श्रद्धालुओं को आश्रम के बाहर बने काउंटर पर अब दिन में लाइन लगानी होगी। यहां से नंबर लिखी पर्ची मिलेगी। इसके बाद शाम के समय पहचान पत्र के साथ नंबर लिखी पर्ची लेकर श्रद्धालु अगले दिन सुबह 8़15 बजे गौतम ऋषि आश्रम पहुंचेंगे। यहां से एकांतिक वार्ता या एकांतिक दर्शन का टोकन प्राप्त होगा। वहीं जो भक्त बिना टोकन प्राप्त किए संत दर्शन करना चाहते हैं, वे सुबह छह बजे सौभरि वन में कर सकते हैं।
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वहीं ब्रजवासियों के लिए टोकन व्यवस्था अलग है। वह गौतम ऋषि आश्रम के समीप बने काउंटर पर अपना पहचान पत्र दिखाकर दूसरे दिन का टोकन प्राप्त कर सकते हैं। सेवकों ने बताया कि एकांतिक वार्ता में लगभग 40 से 50 भक्त शामिल रहते हैं। पहले जहां एकांतिक वार्तालाप या दर्शन के लिए टोकन लेने में तीन दिन तक का समय लग जाता था, अब यह प्रक्रिया केवल दो दिन में पूरी हो जाएगी। इस बदलाव से दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।
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