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भजन संध्या के साथ चैतन्य प्रेम मेले का समापन
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Sun, 29 Nov 2015 11:50 PM IST
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वृंदावन शोध संस्थान द्वारा अक्षय पात्र में चैतन्य महाप्रभु पंचशती समारोह के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे चैतन्य प्रेम मेले का रविवार को समापन हो गया। इस दौरान भजन संध्या के मध्य ब्रज के नृत्य और गायन की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
एकता अग्रवाल के राइजिंग स्टार ग्रुप की प्रस्तुति की दर्शकों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। लखनऊ की भजन गायिका प्रज्ञा पाठक ने ऐसा समां बांधा कि सारा वातावरण चैतन्यमय और कृष्णमय हो गया।
राइजिंग स्टार ने पंडाल में विभिन्न झांकियों के अंतर्गत श्रीनाथजी, अर्द्धनारीश्वर, भगवान राधाकृष्ण, कृष्ण-बलदाऊ आदि लीलाओं और स्वरूपों की डांडिया रास के साथ प्रस्तुति दी। वहीं नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मेले में जोकर, कठपुतली, मैजिक शो, मनोरंजक झूले और मिक्की माउस का आनंद लिया।
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चैतन्य प्रदर्शनी लोगों के आर्कषण का केंद्र बनी हुई थी। समारोह के मुख्य समन्वयक आदित्य चौधरी और संस्थान निदेशक डा. महेश नारायण शर्मा ने बताया कि चैतन्य महाप्रभु की रीतियों और नीतियों को लोगों को तक पहुंचाने के लिए वृंदावन से सचल प्रदर्शनी पूरे भारत में भ्रमण करेगी।
इससे समूचा भारत चैतन्य संस्कृति से साक्षात्कार कर सकेगा। इस अवसर पर लक्ष्मीनारायण तिवारी, डा. राजेश शर्मा, रामप्रताप, विनोद, रमेश चंद्र, महेंद्र सिंह, मुरारीलाल, विनोद प्रधान, विजय प्रताप सिंह, जुगल किशोर, मीनाक्षी खन्ना, त्रिशला खन्ना आदि उपस्थित थे।
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एकता अग्रवाल के राइजिंग स्टार ग्रुप की प्रस्तुति की दर्शकों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। लखनऊ की भजन गायिका प्रज्ञा पाठक ने ऐसा समां बांधा कि सारा वातावरण चैतन्यमय और कृष्णमय हो गया।
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राइजिंग स्टार ने पंडाल में विभिन्न झांकियों के अंतर्गत श्रीनाथजी, अर्द्धनारीश्वर, भगवान राधाकृष्ण, कृष्ण-बलदाऊ आदि लीलाओं और स्वरूपों की डांडिया रास के साथ प्रस्तुति दी। वहीं नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मेले में जोकर, कठपुतली, मैजिक शो, मनोरंजक झूले और मिक्की माउस का आनंद लिया।
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चैतन्य प्रदर्शनी लोगों के आर्कषण का केंद्र बनी हुई थी। समारोह के मुख्य समन्वयक आदित्य चौधरी और संस्थान निदेशक डा. महेश नारायण शर्मा ने बताया कि चैतन्य महाप्रभु की रीतियों और नीतियों को लोगों को तक पहुंचाने के लिए वृंदावन से सचल प्रदर्शनी पूरे भारत में भ्रमण करेगी।
इससे समूचा भारत चैतन्य संस्कृति से साक्षात्कार कर सकेगा। इस अवसर पर लक्ष्मीनारायण तिवारी, डा. राजेश शर्मा, रामप्रताप, विनोद, रमेश चंद्र, महेंद्र सिंह, मुरारीलाल, विनोद प्रधान, विजय प्रताप सिंह, जुगल किशोर, मीनाक्षी खन्ना, त्रिशला खन्ना आदि उपस्थित थे।