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21 जून को दीपावली, 28 को होली
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Thu, 11 Jun 2015 11:44 PM IST
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धर्मनगरी वृंदावन के मंदिरों में अधिक मास की तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा गया है। वर्षभर के सभी त्योहार इस एक माह में ही मनाए जाते हैं।
अधिक मास 17 जून से प्रारंभ होकर 17 जुलाई तक चलेगा। प्रतिदिन वृंदावन के ठाकुरजी विभिन्न रूप और वेश में भक्तों को दर्शन देकर अभिभूत करेंगे। इसके साथ ही श्रीमद्भागवत और रामायण आदि का पाठ किया जाएगा।
धार्मिक नगरी वृंदावन में यूं तो हर माह धार्मिक आयोजनों की धूम रहती है लेकिन हर तीन वर्ष में एक मास ऐसा भी आता है जिसमें वर्षभर के सभी त्योहार माह में पड़ने वाली तिथि अनुसार श्रद्धालुओं द्वारा मनाए जाते हैं। इस माह में श्रद्धालुओं की भक्ति, श्रद्धा और प्रभु के प्रति समर्पण का संगम सहज देखा जा सकता है।
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प्रात:काल से ही श्रद्धालु यमुना स्नान और पंचकोसीय परिक्रमा के बाद नगर के प्रमुख मंदिरों में जाकर अपने प्रभु की आराधना करते हैं।
अधिक मास के अवसर पर राधावल्लभ मंदिर में झूलनोत्सव, नौका विहार लीला, होली, दीवाली, अन्नकूट, छप्पन
भोग, वसंत और शरद पूर्णिमा के त्योहार समाज गायन के मध्य मनाए जाएंगे। टीकैत राधेश लाल गोस्वामी ने बताया कि 21 जून को दीपावली और 28 जून को होली उत्सव बड़ी धूमधाम मनाया जाएगा।
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अधिक मास 17 जून से प्रारंभ होकर 17 जुलाई तक चलेगा। प्रतिदिन वृंदावन के ठाकुरजी विभिन्न रूप और वेश में भक्तों को दर्शन देकर अभिभूत करेंगे। इसके साथ ही श्रीमद्भागवत और रामायण आदि का पाठ किया जाएगा।
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धार्मिक नगरी वृंदावन में यूं तो हर माह धार्मिक आयोजनों की धूम रहती है लेकिन हर तीन वर्ष में एक मास ऐसा भी आता है जिसमें वर्षभर के सभी त्योहार माह में पड़ने वाली तिथि अनुसार श्रद्धालुओं द्वारा मनाए जाते हैं। इस माह में श्रद्धालुओं की भक्ति, श्रद्धा और प्रभु के प्रति समर्पण का संगम सहज देखा जा सकता है।
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प्रात:काल से ही श्रद्धालु यमुना स्नान और पंचकोसीय परिक्रमा के बाद नगर के प्रमुख मंदिरों में जाकर अपने प्रभु की आराधना करते हैं।
अधिक मास के अवसर पर राधावल्लभ मंदिर में झूलनोत्सव, नौका विहार लीला, होली, दीवाली, अन्नकूट, छप्पन
भोग, वसंत और शरद पूर्णिमा के त्योहार समाज गायन के मध्य मनाए जाएंगे। टीकैत राधेश लाल गोस्वामी ने बताया कि 21 जून को दीपावली और 28 जून को होली उत्सव बड़ी धूमधाम मनाया जाएगा।