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जवाहरबाग हिंसा की जांच करने पहुंची सीबीआई टीम

Sat, 04 Mar 2017 12:21 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला
ब्यूरो अमर उजाला Updated Sat, 04 Mar 2017 12:21 AM IST
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cbi team reached mathura for investigation
सीबीअाई टीम मथ्ुरा में
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने जवाहरबाग हिंसा की जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को दो अफसरों की टीम मथुरा पहुंची। उन्होंने रामवृक्ष और दूसरे कब्जाधारियों पर दर्ज मुकदमों की कॉपी थानों से ली। जवाहरबाग का दौरा किया। एसएसपी और एसपी क्राइम से भी मुलाकात की गई। 
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हाईकोर्ट ने दो मार्च को जवाहरबाग हिंसा की जांच सीबीआई को सौंपी थी। आदेश के अगले ही दिन सीबीआई अधिकारी मथुरा पहुंच गए। दो अफसरों की टीम ने एसएसपी मोहित गुप्ता से मुलाकात कर केस के संबंध में जानकारी ली। एसएसपी ने बताया कि दो अधिकारी आए थे। जो भी रिकार्ड उन्होंने मांगा है वह उपलब्ध करा दिया गया है।
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सदर थाने में दर्ज जवाहरबाग हिंसा के मुकदमों से संबंधित रिकार्ड भी लिया। थाने से मुकदमे की प्रमाणित कापी ली गई है। अधिकारियों ने क्राइम ब्रांच की टीम के साथ जवाहरबाग का भी दौरा किया। जिस स्थान पर पुलिस ने एंट्री के लिए दीवार को तुड़वाया था, उसे भी देखा गया। किस प्वाइंट पर रामवृक्ष के समर्थक पहरा लगाए बैठे रहते थे, उसे भी चेक किया गया। जो लोग उस वक्त तैनात रहे थे, उनसे घटना के संबंध में जानकारी की गई है।
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अफसरों में बढ़ी घबराहट, तलाशे जा रहे रिकार्ड
सीबीआई की जांच शुरू होते ही अफसरों की घबराहट बढ़ गई है। वह अधिकारी ज्यादा परेशान हैं जो जवाहरबाग हिंसा के वक्त भी तैनात थे और अब भी यहीं हैं। जवाहरबाग में 2 जून, 2016 को हुई हिंसा में दो पुलिस अधिकारियों समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। उस वक्त तैनात रहे अधिकारियों पर आरोप लगे थे। इनमें कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आज भी यहीं तैनात हैं। अब जबकि सीबीआई जांच शुरू हो रही है तो इन अफसरों की घबराहट बढ़ गई है। एजेंसी क्या रिकार्ड मांग ले, उसे लेकर पहले से ही तैयारियां की जा रही हैं। कलक्ट्रेट में भी सारा दिन दस्तावेज तलाशे जाते रहे। अगर जवाहरबाग में सत्याग्रह को अनुमति ली गई थी तो इसके लिए दिए गए आवेदन की कापी कहां है। अधिकारी तो पहले से ही मना करते रहे हैं कि उनके पास इस संबंध में कोई कापी आई ही नहीं थी। वहीं, कई संगठनों ने कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई को पत्र भेजे थे, उन्हें भी अब तलाशा जा रहा है।

 
सीएम ने सुबूत मिटाने का काम किया: श्रीकांत शर्मा
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा का कहना है कि जवाहरबाग हिंसा के लिए पूरी तरह से प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिम्मेदार हैं। जब लगातार खुफिया इनपुट मिल रहा था तो कब्जाधारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। खुफिया रिपोर्ट में यहां तक था कि भीड़ में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हो गए हैं, जिनके पास असलहे हैं। फिर भी सरकार खामोश रही। किसी बड़ी एजेंसी से जांच तक नहीं कराई गई। घटना से संबंधित जो साक्ष्य थे, मुख्यमंत्री ने उन्हें खत्म करा दिया ताकि वह और उनके मंत्रिमंडल में शामिल लोग बच सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के कई मंत्री रामवृक्ष से मिलने के लिए जवाहरबाग में आते थे। अब सीबीआई जांच से पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।
 
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