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मनरेगा की जांच को फिर पहुंची सीबीआई
अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 16 May 2016 11:45 PM IST
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सीबीआई
- फोटो : DEMO Pics
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एक बार फिर मनरेगा की जांच के लिए सीबीआई की टीम ने जनपद में डेरा डाल दिया है। सोमवार को सुधाकर सिंह के नेतृत्व में दो सदस्यीय दल मथुरा आया। यहां पहुंचकर टीम ने कागजों की जांच पड़ताल भी की।
सीबीआई एक बार फिर मथुरा में मनरेगा के अंतर्गत हुए कार्यों की जांच पड़ताल करने जा रही है। हालांकि मनरेगा के कार्यों की जांच पड़ताल का यह दौर पिछले दो साल से चल रहा है। यहां छाता तहसील के नंदगांव और छाता ब्लॉक के तीन गांव सीबीआई की जांच के दायरे में हैं।
इसमें पैलकू, शिवाल और अकबरपुर शामिल हैं। यहां 55.80 लाख रुपये से हुए सीसी सड़क निर्माण में ग्राम पंचायत की स्वीकृति नहीं ली गई थी। सीबीआई के डीएसपी जगदीश भारद्वाज यहां जांच के लिए जनवरी माह में आए थे। अब यह जांच एक बार फिर सुधारक सिंह को सौंपी गई है।
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सोमवार को उन्होंने मथुरा आकर संबंधित प्रकरण पर पत्रावलियों को देखा। हालांकि यहां से ज्यादातर पत्रावलियां सीबीआई पूर्व में अपने साथ ले जा चुकी है। इस पूरे मामले में तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश सरकार में तत्कालीन मंत्री लक्ष्मीनारायण, तत्कालीन डीएम एस श्रीवास्तव और तत्कालीन सीडीओ एनके पालीवाल भी आरोपों के घेरे में हैं।
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सीबीआई एक बार फिर मथुरा में मनरेगा के अंतर्गत हुए कार्यों की जांच पड़ताल करने जा रही है। हालांकि मनरेगा के कार्यों की जांच पड़ताल का यह दौर पिछले दो साल से चल रहा है। यहां छाता तहसील के नंदगांव और छाता ब्लॉक के तीन गांव सीबीआई की जांच के दायरे में हैं।
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इसमें पैलकू, शिवाल और अकबरपुर शामिल हैं। यहां 55.80 लाख रुपये से हुए सीसी सड़क निर्माण में ग्राम पंचायत की स्वीकृति नहीं ली गई थी। सीबीआई के डीएसपी जगदीश भारद्वाज यहां जांच के लिए जनवरी माह में आए थे। अब यह जांच एक बार फिर सुधारक सिंह को सौंपी गई है।
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सोमवार को उन्होंने मथुरा आकर संबंधित प्रकरण पर पत्रावलियों को देखा। हालांकि यहां से ज्यादातर पत्रावलियां सीबीआई पूर्व में अपने साथ ले जा चुकी है। इस पूरे मामले में तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश सरकार में तत्कालीन मंत्री लक्ष्मीनारायण, तत्कालीन डीएम एस श्रीवास्तव और तत्कालीन सीडीओ एनके पालीवाल भी आरोपों के घेरे में हैं।