फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   campaign to demolish dilapidated houses in Vrindavan has remained limited to papers

Mathura: वृंदावन में हादसे के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार, कागजों में सिमटा जर्जर मकानों को तोड़ने का अभियान

Mon, 18 Sep 2023 10:36 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 18 Sep 2023 10:36 PM IST
सार

मथुरा के वृंदावन में हादसे के बाद भी जिम्मेदार नहीं जागे। जर्जर मकानों को तोड़ने का अभियान कागजों में सिमटकर रह गया है। 

विज्ञापन
campaign to demolish dilapidated houses in Vrindavan has remained limited to papers
Mathura: शहर के बीचो-बीच विकास बाजार स्थित घर की जर्जर छत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन स्थित बांकेबिहारी मंदिर मार्ग स्थित जर्जर मकान का हिस्सा धराशायी होने से पांच श्रद्धालुओं की मौत के बाद भी क्षेत्र में जिम्मेदार जागे नहीं हैं। मंदिर क्षेत्र में ही अनेक मकान गिरासू हालत में हैं, जो कभी बड़े हादसे का सबब बन सकते है। नगर निगम महज नोटिस जारी कर रहा है और मकान मालिक हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

विज्ञापन


वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर, मदनमोहन मंदिर, शाहजी मंदिर, जुगलकिशोर मंदिर एवं पुराने शहर में दो दर्जन से अधिक मकान ऐसे हैं जो गिरासू हालत में हैं। कई मकान मंदिर को जाने वाले मार्गों पर स्थित है, जिनके गिरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन मकान मालिक इसकी अनदेखी कर रहे हैं। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ेंः- सुसाइड नोट पर छलका दर्द: 'भाई मेरी जानू को मेरी मौत की खबर जरूर देना', युवक ने लिखीं दिल दहलाने वाली बातें
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं नगर निगम की कार्रवाई भी जर्जर मकानों को चिह्नित करने और नोटिस देने तक सीमित हैं। बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र निवासी महाराम सिंह का कहना है कि मंदिरों के आसपास कई मकान पुराने होने के कारण कमजोर हो गए हैं। कभी भी गिर सकते हैं और हादसा हो सकता है, लेकिन उन मकानों का गिरासू हिस्सा हटाया नहीं जा रहा है। 

यह भी पढ़ेंः- VIDEO हवसी दरोगा: घर में घुसकर युवती से दरिंदगी, रंगे हाथ ग्रामीणों ने पकड़ा...खौल उठा खून; बरसने लगे लात-जूते

जंगलकट्टी क्षेत्र निवासी पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि नगर निगम जर्जर मकानों को लेकर गंभीर नहीं है। मंदिर और प्रमुख मार्गों के आसपास कई मकान गिरासू हैं, लेकिन हटाए नहीं जा रहे हैं। नगर निगम निर्माण विभाग के जेई अरुण कुमार ने बताया कि अभी तक 33 जर्जर मकान मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। मकान गिरने से हादसा होता है, मकान मालिक ही जिम्मेदार होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed