फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   cabinate minister suggested a formula for clean yamuna

‘इजराइल फार्मूला’ से अविरल होगी यमुना

Mon, 16 Mar 2015 11:34 PM IST
नवीन गोयल
नवीन गोयल Updated Mon, 16 Mar 2015 11:34 PM IST
विज्ञापन
cabinate minister suggested a formula for clean yamuna
यमुनोत्री से इलाहाबाद तक यमुना में जल के अविरल प्रवाह के लिए ‘इजराइल फार्मूला’ अपनाने की बात सरकार कर रही है। यमुना मुक्ति के लिए दिल्ली की बढ़ रहे हजारों पदयात्रियों के बीच सोमवार को पहुंचीं केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को कृषि के लिए कम पानी की आवश्यकता होगी और यमुना में जल का प्रवाह निरंतर बना रहेगा। ऊर्जा, पर्यावरण और जल संसाधन मंत्रालय मिलकर देश में ‘इजरायल फार्मूला’ को अंजाम देने में जुटे हैं।
विज्ञापन


गौरतलब है कि ब्रज में यमुना के शुद्ध जल प्रवाह के लिए ब्रजवासी कई वर्षों से आंदोलित हैं। बताया जाता है कि हरियाणा में हथिनीकुंड तक यमुना में शुद्ध जल प्रवाहित होता है। इसे यहां बैराज बनाकर कृषि आदि के लिए रोक लिया गया है। पानी की मात्रा क्षमता से अधिक होने पर ही बैराज से जल छोड़ा जाता है। अन्य दिनों में यमुना में दिल्ली से गिरने वाले नाले ही प्रवाहित होते हैं जिससे ब्रज में बह रही यमुना का जल प्रदूषित हो गया है और किसान, आमजन, श्रद्धालु सब प्रभावित हैं।
विज्ञापन


एक बार फिर हथिनीकुंड से यमुना की मुक्ति के लिए यमुना मुक्तिकरण अभियान के अंतर्गत कोसी से दिल्ली तक पदयात्रा निकाली जा रही है। जिसने अब आंदोलन का रूप ले लिया है। पदयात्रियों को मनाने पहुंची केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती उन्हें यमुना में जल प्रवाह नियमित बनाए रखने की योजना बताई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यमुना का जल बहुतायत में कृषि के लिए प्रयोग में लाया जाता है जिस कारण नदी में जल प्रवाह कम रहता है। इसके समाधान के तौर पर यमुना किनारे के क्षेत्रों में इजराइल की कृषि प्रणाली अपनाने की योजना है। इसमें किसानों को सिंचाई में कम जल के प्रयोग से उन्नत पैदावार करना सिखाया जाएगा। एआईजीटी (ऑटोमेटिव इनोवेशन ग्रोथ टीम) इसमें सहयोग करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


जल संसाधन मंत्री ने कहा कि टपक सिंचाई आधारित इस तकनीकी के इस्तेमाल के जल की मात्रा का सिंचाई के रकबे पर असर नहीं होगा। सरकार ने इसके लिए प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। बिजली की समस्या को नियंत्रण में लाने के लिए ऊर्जा मंत्रालय ने करीब सवा लाख सोलर सिस्टम आवंटित किए हैं। मंत्री ने बताया कि गुजरात में परखी इस योजना से यमुना जल की बर्बादी घटेगी और मांग भी कम होकर नदी में मुख्य धारा प्रवाहित हो सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed