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मथुरा: चतुर्वेदी समाज ने किया कंस वध लीला का आयोजन, निकाली गई शोभायात्रा, हुई आतिशबाजी
Sat, 13 Nov 2021 09:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 09:00 PM IST
सार
चतुर्वेदी समाज द्वारा आयोजित कंस वध लीला के दौरान लोगों में उत्साह देखने को मिला। छत्ता बाजार, होलीगेट, कंसटीला और रंगेश्वर तक संपूर्ण मार्ग को सजाया गया।
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कंस वध लीला का हुआ आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा में पारंपरिक वेश में सजधज कर इठलाते हुए कंस टीले पर पहुंचे चतुर्वेदी समाज के लोगों ने कंस के पुतले को लट्ठों से मार-मार कर झूरते हुए द्वापरयुग की लीला को जीवंत कर दिया। शनिवार को पुतले पर चमकते हुए लट्ठ उस वक्त तक बरसाए गए जब तक वह जमीन पर नहीं गिर गया। इसके बाद भी लाठियों के प्रहार जारी रहे।
पुतले के अंग-अंग को झूरने में जुटे रहे। फिर कोई कंस की दाढ़ी उखाड़कर ले भाग उठा तो किसी ने मूछें उखाड़ लीं। अनेक लोग उसकी भुजा लेकर भागने लगा। सड़क के नीचे पहुंचते ही लोग गाने लगे छज्जू लाये खाट के पाये, मार-मार लट्ठन झूर कर आये, याही कंसा की दाड़ी लाये, याही कंसा की मूंछें लाये, मार-मार लट्ठन झूर कर आए, कंसा के घर के घबराये। उधर, कंस वध के बाद समाज के लोगों ने विश्राम घाट जाकर आराम किया और यमुना के घाट पर कृष्ण-बलराम की आरती की।
चतुर्वेदी समाज द्वारा आयोजित मेला में कंस वध लीला के दौरान लोगों में उत्साह देखने को मिला। छत्ता बाजार, होलीगेट, कंसटीला और रंगेश्वर तक संपूर्ण मार्ग को सजाया गया। घोडे़ पर सवार कृष्ण-बलराम के स्वरूप की आभा भी देखते ही बन रही थी। शाम के वक्त कृष्ण-बलराम की झांकी के साथ हनुमान गली से शोभायात्रा कंस टीला पहुंची।
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झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र
इसमें गणेशजी, राधा-कृष्ण, शिव जी परिवार, यमुना मैया सहित विभिन्न देवताओं की झांकियों के साथ नृत्य की प्रस्तुति लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। माथुर चतुर्वेद परिषद के तत्वावधान में आयोजित शोभायात्रा के साथ चतुर्वेदी टोलियों में नजर आए। उनका पारंपरिक पहनावा आसपास के लोगों को आकर्षित कर रहा था। इत्र की खुशबू से संपूर्ण वातावरण भी महकता रहा।
लाठियों को हाथों में लेकर चतुर्वेदी समाज के लोगों के चलने के तौर तरीके भी कंस वध लीला की खुशी को जाहिर कर रहे थे। कंस टीला पर कंस का पुतला, ढोल-नगाड़ों के साथ झूरने में जुट गए। कार्यक्रम की शुरूआत श्रीमाथुर चतुर्वेद परिषद के मुख्य संरक्षक एवं अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक ने किया। परिषद के अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी, महामंत्री एड. राकेश तिवारी ने सभी का आभार जताया।
कवि सम्मेलन आयोजित
कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन
श्री माथुर चतुर्वेद परिषद के तत्वाधान में आयोजित चार दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत विश्राम घाट पर बालमुकुंद चतुर्वेदी की स्मृति में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। परिषद के मुख्य संरक्षक महेश पाठक ने दीप प्रज्ज्वलन कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। सभी कवियों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।
मंच संचालन करते हुए महामंत्री राकेश तिवारी एडवोकेट ने परिषद के संरक्षक गिरधारी लाल पाठक, नवीन नागर सहित सभी पदाधिकारियों का अभिवादन किया। कवि सम्मेलन में राम सरीन, श्वेता सिंह, स्वजन शीतल, सूर्यकांत चतुर्वेदी, राधेश्याम भारती, शिव सागर शर्मा जी ने कविता पाठ किया। संवाद
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पुतले के अंग-अंग को झूरने में जुटे रहे। फिर कोई कंस की दाढ़ी उखाड़कर ले भाग उठा तो किसी ने मूछें उखाड़ लीं। अनेक लोग उसकी भुजा लेकर भागने लगा। सड़क के नीचे पहुंचते ही लोग गाने लगे छज्जू लाये खाट के पाये, मार-मार लट्ठन झूर कर आये, याही कंसा की दाड़ी लाये, याही कंसा की मूंछें लाये, मार-मार लट्ठन झूर कर आए, कंसा के घर के घबराये। उधर, कंस वध के बाद समाज के लोगों ने विश्राम घाट जाकर आराम किया और यमुना के घाट पर कृष्ण-बलराम की आरती की।
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चतुर्वेदी समाज द्वारा आयोजित मेला में कंस वध लीला के दौरान लोगों में उत्साह देखने को मिला। छत्ता बाजार, होलीगेट, कंसटीला और रंगेश्वर तक संपूर्ण मार्ग को सजाया गया। घोडे़ पर सवार कृष्ण-बलराम के स्वरूप की आभा भी देखते ही बन रही थी। शाम के वक्त कृष्ण-बलराम की झांकी के साथ हनुमान गली से शोभायात्रा कंस टीला पहुंची।
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झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र
इसमें गणेशजी, राधा-कृष्ण, शिव जी परिवार, यमुना मैया सहित विभिन्न देवताओं की झांकियों के साथ नृत्य की प्रस्तुति लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। माथुर चतुर्वेद परिषद के तत्वावधान में आयोजित शोभायात्रा के साथ चतुर्वेदी टोलियों में नजर आए। उनका पारंपरिक पहनावा आसपास के लोगों को आकर्षित कर रहा था। इत्र की खुशबू से संपूर्ण वातावरण भी महकता रहा।
लाठियों को हाथों में लेकर चतुर्वेदी समाज के लोगों के चलने के तौर तरीके भी कंस वध लीला की खुशी को जाहिर कर रहे थे। कंस टीला पर कंस का पुतला, ढोल-नगाड़ों के साथ झूरने में जुट गए। कार्यक्रम की शुरूआत श्रीमाथुर चतुर्वेद परिषद के मुख्य संरक्षक एवं अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक ने किया। परिषद के अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी, महामंत्री एड. राकेश तिवारी ने सभी का आभार जताया।
कवि सम्मेलन आयोजित
कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन
श्री माथुर चतुर्वेद परिषद के तत्वाधान में आयोजित चार दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत विश्राम घाट पर बालमुकुंद चतुर्वेदी की स्मृति में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। परिषद के मुख्य संरक्षक महेश पाठक ने दीप प्रज्ज्वलन कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। सभी कवियों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।
मंच संचालन करते हुए महामंत्री राकेश तिवारी एडवोकेट ने परिषद के संरक्षक गिरधारी लाल पाठक, नवीन नागर सहित सभी पदाधिकारियों का अभिवादन किया। कवि सम्मेलन में राम सरीन, श्वेता सिंह, स्वजन शीतल, सूर्यकांत चतुर्वेदी, राधेश्याम भारती, शिव सागर शर्मा जी ने कविता पाठ किया। संवाद