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Mathura News: पैसों से तंग भाई ने की भाई की हत्या, शव ठिकाने लगाया
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मथुरा। पुलिस के साथ खड़े पकड़े गए आरोपी।
- फोटो : mathura
मथुरा। घर से चोरी की साजिश रचने के बाद चचेरे भाई ने साथियों के साथ मिलकर भाई को घर से बुलाकर पहले अपहरण किया, फिर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगा दिया। यहीं नहीं फिर भाई के मोबाइल से भाभी को फोन कर घर के बाहर बुलाया और उनका भी अपहरण कर लिया। इसके बाद अधमरा करके फरह स्थिति झांड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। होश में आने के बाद पीड़िता ने पुलिस को पूरा प्रकरण बताया। सदर बाजार पुलिस ने वारदात के चार दिन बाद आरोपी भाई समेत पांच को गिरफ्तार किया है।
शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में सीओ सिटी आशना चौधरी ने बताया कि सदर बाजार क्षेत्र के औरंगाबाद के कृष्णा कुंज कॉलोनी निवासी संजू ने इस संबंध में दो सितंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तार के लिए सर्विलांस और सदर थाने की पुलिस टीम लगाई गईं।
वारदात के चार दिन बाद शनिवार दोपहर दो बजे पुलिस ने रामलीला ग्राउंड के निकट एनसीसी तिराहे के पास से आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान औरंगाबाद के जाटव मोहल्ला निवासी चचेरा भाई आदि उर्फ आदित्य, गौरव, रिफाइनरी के कदंब विहार निवासी अंकित, गोपाल पुरा निवासी विवेक बघेल और गोविंद नगर के मेवाती मोहल्ला निवासी फैजान शामिल है।
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पुलिस ने आरोपियों के पास से नकदी, तमंचा और जेवरात भी बरामद किए हैं। पूछताछ में मुख्य आरोपी आदि ने बताया कि वह बीते दिनों से पैसों की तंगी से परेशान था। इसी कारण उसने तहेरे भाई आनंद के घर पर चोरी की साजिश रची थी। आनंद ई-रिक्शा चलाता था। आनंद को भाड़े पर ई-रिक्शा ले जाने के बहाने कदंब बिहार ले गए। यहां उसकी हत्या कर दी। इसके बाद लक्ष्मीनगर पुल से शव यमुना में फेंक दिया। फिर आनंद के फोन से उनकी पत्नी संजू को फोन कर घर से बाहर बुलाया और अपहरण कर लिया। मारपीट करने के बाद संजू को मरा हुआ समझकर फरह की झांड़ियों में फेंक दिया। इसके संजू के पास से घर की चाबी लेकर उनके घर में रखे दो लाख रुपये और जेवरात चोरी कर लिए।
सीओ ने बताया है कि आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। साथ ही चोरी का अधिकतर सामान बरामद कर लिया है।
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ये सामान किया बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से इको कार, जेवरात, एक मोबाइल, ई-रिक्शा, 33500 रुपये, दो तमंचा बरामद हुआ है।
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शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में सीओ सिटी आशना चौधरी ने बताया कि सदर बाजार क्षेत्र के औरंगाबाद के कृष्णा कुंज कॉलोनी निवासी संजू ने इस संबंध में दो सितंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तार के लिए सर्विलांस और सदर थाने की पुलिस टीम लगाई गईं।
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वारदात के चार दिन बाद शनिवार दोपहर दो बजे पुलिस ने रामलीला ग्राउंड के निकट एनसीसी तिराहे के पास से आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान औरंगाबाद के जाटव मोहल्ला निवासी चचेरा भाई आदि उर्फ आदित्य, गौरव, रिफाइनरी के कदंब विहार निवासी अंकित, गोपाल पुरा निवासी विवेक बघेल और गोविंद नगर के मेवाती मोहल्ला निवासी फैजान शामिल है।
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पुलिस ने आरोपियों के पास से नकदी, तमंचा और जेवरात भी बरामद किए हैं। पूछताछ में मुख्य आरोपी आदि ने बताया कि वह बीते दिनों से पैसों की तंगी से परेशान था। इसी कारण उसने तहेरे भाई आनंद के घर पर चोरी की साजिश रची थी। आनंद ई-रिक्शा चलाता था। आनंद को भाड़े पर ई-रिक्शा ले जाने के बहाने कदंब बिहार ले गए। यहां उसकी हत्या कर दी। इसके बाद लक्ष्मीनगर पुल से शव यमुना में फेंक दिया। फिर आनंद के फोन से उनकी पत्नी संजू को फोन कर घर से बाहर बुलाया और अपहरण कर लिया। मारपीट करने के बाद संजू को मरा हुआ समझकर फरह की झांड़ियों में फेंक दिया। इसके संजू के पास से घर की चाबी लेकर उनके घर में रखे दो लाख रुपये और जेवरात चोरी कर लिए।
सीओ ने बताया है कि आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। साथ ही चोरी का अधिकतर सामान बरामद कर लिया है।
ये सामान किया बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से इको कार, जेवरात, एक मोबाइल, ई-रिक्शा, 33500 रुपये, दो तमंचा बरामद हुआ है।