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टूटी परंपरा, लगातार 10 मिनट पर्दे में रहे बांकेबिहारी
मुथुरा
Updated Thu, 25 May 2017 11:54 PM IST
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बांकेबिहारी मंदिर में गुरुवार को एक बार फिर परंपरा टूट गई। गेट नंबर एक पर भंडारा (प्रसाद वितरण) रुकवाने से व्यथित सेवायत ने दर्शन समय में ठाकुरजी के आगे दस मिनट तक पर्दा रखकर श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया। सेवायतों में इसकी चर्चा है, लेकिन खुलकर कोई नहीं बोल रहा। मंदिर प्रबंध कमेटी ने प्रसाद वितरण रोकने की बात तो स्वीकारी है, लेकिन सेवायत द्वारा दर्शन समय में पर्दा लगाए रखने की बात पर स्पष्ट कुछ कहने की जगह जांच की बात कही है। गुरुवार को शनि अमावस्या पर मंदिर में उमड़ी भीड़ के बावजूद मंदिर के सेवायत आनंद किशोर गोस्वामी ने गेट नंबर एक पर प्याऊ के समीप भंडारा लगाया गया। भंडारे में प्रसाद वितरण किया जा रहा था। इससे अफरा तफरी और अव्यवस्थाएं फैल गईं। मंदिर गेट पर दोना-पत्तल से गंदगी होने लगी। यह देख मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा ने अधीनस्थों को भंडारा रुकवाने को कहा। कर्मचारियों के आग्रह पर भी भंडारा नहीं रोका गया तो प्रबंधन पुलिस की मदद ली। भंडारा की प्रसाद सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया। सेवायतों और श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बात से नाराज सेवायत आनंद किशोर गोस्वामी ने अपनी सेवा के दौरान सुबह 10.20 से 10.30 तक दस मिनट के लिए ठाकुरजी का पर्दा लगातार लगाए रखा। मंदिर में भीड़ होने के कारण श्रद्धालुओं ने शोर कर दिया। इसके बाद सेवायत ने पर्दा खोला। शाम को मंदिर में यह चर्चा आम हो गई। मंदिर के प्रबंधक मुनीश शर्मा ने कहा कि मंदिर चबूतरे पर भंडारा रोके जाने की बात तो सही है, लेकिन इससे नाराज होकर सेवायत द्वारा पर्दा लगाने की सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। इधर सेवायत आनंद किशोर गोस्वामी ने इसे कोरी अफवाह बताते हुए अपने खिलाफ साजिश बताया है। कहा कि वह हर जांच के लिए तैयार हैं।
क्षण भर के लिए लगता है पर्दा
ठाकुर बांकेबिहारी की प्राचीन परंपरानुसार उनके विग्रह और भक्तों के बीच पर्दा कुछ क्षण के लिए ही लगाया जाता है। सेवायत प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि भक्त और ठाकुरजी के बीच दर्शनकाल में पर्दा लगाए जाने की यह परंपरा वर्षों पुरानी है।
पूर्व में भी टूट चुकी हैं परंपरा
जनवरी. 2015 सेवायत ने राजभोग दर्शनों में बनाया कृत्रिम फूल बंगला
जनवरी. 2015 श्रद्धालुओं को जगमोहन से दर्शन कराने के मामले में सेवायत से मांगा स्पष्टीकरण
जनवरी. 2015 श्रद्धालुओं को जगमोहन में लगे कठघरे के अंदर से दर्शन कराने पर मंदिर प्रबंधन ने सेवायत को नोटिस देकर लगाया दंड
अप्रैल 2016 - ठाकुर जी को कई दिन तक नहीं मिली कच्ची रसोई
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क्षण भर के लिए लगता है पर्दा
ठाकुर बांकेबिहारी की प्राचीन परंपरानुसार उनके विग्रह और भक्तों के बीच पर्दा कुछ क्षण के लिए ही लगाया जाता है। सेवायत प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि भक्त और ठाकुरजी के बीच दर्शनकाल में पर्दा लगाए जाने की यह परंपरा वर्षों पुरानी है।
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जनवरी. 2015 सेवायत ने राजभोग दर्शनों में बनाया कृत्रिम फूल बंगला
जनवरी. 2015 श्रद्धालुओं को जगमोहन से दर्शन कराने के मामले में सेवायत से मांगा स्पष्टीकरण
जनवरी. 2015 श्रद्धालुओं को जगमोहन में लगे कठघरे के अंदर से दर्शन कराने पर मंदिर प्रबंधन ने सेवायत को नोटिस देकर लगाया दंड
अप्रैल 2016 - ठाकुर जी को कई दिन तक नहीं मिली कच्ची रसोई