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राधे श्याम के नाम से ‘पल्लवित’ हुआ गहवर वन
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 25 Oct 2015 11:46 PM IST
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यूं तो ब्रज के कण-कण का महत्व है, लेकिन यहां आने वाला कोई भी श्रद्धालु उस कण भर से तृप्त न होकर ब्रजरज के महासागर में डुबकी लगाना चाहता है। एक कण को पाने के बाद ब्रज के हर एक कण से उसका लगाव बढ़ता जाता है। कुछ यही हाल संत रमेश बाबा के सानिध्य में शुरू हुई ब्रज 84 कोस पदयात्रा में शामिल हो रहे हर श्रद्धालु में नजर आ रहा है।
ब्रज के विरक्त संत और मानमंदिर के महंत संत रमेश बाबा के सानिध्य में देश-विदेश से आए करीब 12000 हजार यात्रियों ने रविवार को सुबह छह बजे माताजी गौशाला के प्रांगण में मानबिहारी लाल के दर्शन कर 84 कोसीय यात्रा का संकल्प लिया।
इस मौके पर रविवार सुबह श्यामाजू का परमप्रिय क्रीड़ास्थल गहवर वन संकीर्तन की धुन से गुंजायमान हो उठा। राधे श्याम, राधे श्याम की ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो गया।
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त्रयोदशी को बरसाना के पड़ाव स्थल से रविवार को शुरू हुई ब्रजयात्रा माताजी गौशाला में संकल्प के साथ सूर्यकुंड, नौबारी चौबारी, रत्न कुंड, श्याम शिला, नई गौशाला के दर्शन कर बरसाना के पड़ाव स्थल पहुंची।
स्वयं श्रीजी करती हैं ब्रजयात्रा का संचालन: रमेश बाबा
पड़ाव स्थल पर ब्रज के नि:स्पृह संत रमेश बाबा ने कहा कि ब्रज यात्रा को हम लोगों द्वारा नहीं चलाया जाता, इस यात्रा का संचालन स्वयं श्रीजी करती हैं।
केवल राधा रानी ही सर्व समर्थ कल्याणकारक हैं। हम उनकी लीला का मर्म नहीं समझ पाते, लेकिन वह जो भी करती हैं उसमें जीव की भलाई निहित होती है।
उन्होंने कहा कि यात्रा के विभिन्न पड़ावों के दौरान यमुना शुद्धीकरण के साथ ही ब्रज और गाय के संरक्षण पर भी भक्तों को प्रेरित किया जाएगा।
बनाए पांच सेक्टर, अस्पताल की भी व्यवस्था
राधा रानी ब्रज 84 कोस यात्रा को पांच सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में अलग-अलग तरह के तंबू लगाए गए हैं। मानमंदिर के अध्यक्ष रामजीलाल शास्त्री, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री, सचिव सुनील सिंह, ब्रजशरण बाबा आदि को प्रमुख रूप से यात्रा का नेतृत्व सौंपा गया है।
ब्रजयात्रा के दौरान कोई यात्री बीमार हो जाता है तो उसके उपचार हेतु एक निशुल्क अस्पताल भी पड़ाव स्थल पर मौजूद रहेगा।
रमेश बाबा के स्वास्थ्य को लेकर अनुयायी चिंतित
ब्रज के नि:स्पृह संत रमेश बाबा के स्वास्थ्य खराब होने की वजह से पिछले वर्ष की भांति बाबा गाड़ी से ही ब्रज यात्रा करेंगे। बाबा के स्वास्थ्य को लेकर उनके अनुयायी चिंतित हैं।
15000 हजार लोगों का होगा पंजीकरण
राधारानी ब्रजयात्रा में अब तक करीब 12 हजार लोगों का पंजीकरण हो चुका है जबकि तीन हजार लोगों का पंजीकरण होना अभी बाकी है।
1988 से हुई शुरुआत
प्रथम ब्रजयात्रा वर्ष 1988 में, द्वितीय 1991, तृतीय 1993, चतुर्थ 1995, पंचम 1996 में बाबा के सानिध्य में शुरू की गई। इसके बाद यात्रा का संचालन प्रतिवर्ष किया जा रहा है।
आज सोमवार के दर्शनीय स्थल
मानगढ़, दानगढ़, श्रीजीमंदिर, मयूरकुटी, सांकरी खोर, विलासगढ़, महेश्वरी सर, दोहनी कुंड के दर्शन कर बरसाना स्थित पड़ाव स्थल पर पहुंचकर यात्रा विश्राम करेगी।
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ब्रज के विरक्त संत और मानमंदिर के महंत संत रमेश बाबा के सानिध्य में देश-विदेश से आए करीब 12000 हजार यात्रियों ने रविवार को सुबह छह बजे माताजी गौशाला के प्रांगण में मानबिहारी लाल के दर्शन कर 84 कोसीय यात्रा का संकल्प लिया।
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इस मौके पर रविवार सुबह श्यामाजू का परमप्रिय क्रीड़ास्थल गहवर वन संकीर्तन की धुन से गुंजायमान हो उठा। राधे श्याम, राधे श्याम की ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो गया।
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त्रयोदशी को बरसाना के पड़ाव स्थल से रविवार को शुरू हुई ब्रजयात्रा माताजी गौशाला में संकल्प के साथ सूर्यकुंड, नौबारी चौबारी, रत्न कुंड, श्याम शिला, नई गौशाला के दर्शन कर बरसाना के पड़ाव स्थल पहुंची।
स्वयं श्रीजी करती हैं ब्रजयात्रा का संचालन: रमेश बाबा
पड़ाव स्थल पर ब्रज के नि:स्पृह संत रमेश बाबा ने कहा कि ब्रज यात्रा को हम लोगों द्वारा नहीं चलाया जाता, इस यात्रा का संचालन स्वयं श्रीजी करती हैं।
केवल राधा रानी ही सर्व समर्थ कल्याणकारक हैं। हम उनकी लीला का मर्म नहीं समझ पाते, लेकिन वह जो भी करती हैं उसमें जीव की भलाई निहित होती है।
उन्होंने कहा कि यात्रा के विभिन्न पड़ावों के दौरान यमुना शुद्धीकरण के साथ ही ब्रज और गाय के संरक्षण पर भी भक्तों को प्रेरित किया जाएगा।
बनाए पांच सेक्टर, अस्पताल की भी व्यवस्था
राधा रानी ब्रज 84 कोस यात्रा को पांच सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में अलग-अलग तरह के तंबू लगाए गए हैं। मानमंदिर के अध्यक्ष रामजीलाल शास्त्री, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री, सचिव सुनील सिंह, ब्रजशरण बाबा आदि को प्रमुख रूप से यात्रा का नेतृत्व सौंपा गया है।
ब्रजयात्रा के दौरान कोई यात्री बीमार हो जाता है तो उसके उपचार हेतु एक निशुल्क अस्पताल भी पड़ाव स्थल पर मौजूद रहेगा।
रमेश बाबा के स्वास्थ्य को लेकर अनुयायी चिंतित
ब्रज के नि:स्पृह संत रमेश बाबा के स्वास्थ्य खराब होने की वजह से पिछले वर्ष की भांति बाबा गाड़ी से ही ब्रज यात्रा करेंगे। बाबा के स्वास्थ्य को लेकर उनके अनुयायी चिंतित हैं।
15000 हजार लोगों का होगा पंजीकरण
राधारानी ब्रजयात्रा में अब तक करीब 12 हजार लोगों का पंजीकरण हो चुका है जबकि तीन हजार लोगों का पंजीकरण होना अभी बाकी है।
1988 से हुई शुरुआत
प्रथम ब्रजयात्रा वर्ष 1988 में, द्वितीय 1991, तृतीय 1993, चतुर्थ 1995, पंचम 1996 में बाबा के सानिध्य में शुरू की गई। इसके बाद यात्रा का संचालन प्रतिवर्ष किया जा रहा है।
आज सोमवार के दर्शनीय स्थल
मानगढ़, दानगढ़, श्रीजीमंदिर, मयूरकुटी, सांकरी खोर, विलासगढ़, महेश्वरी सर, दोहनी कुंड के दर्शन कर बरसाना स्थित पड़ाव स्थल पर पहुंचकर यात्रा विश्राम करेगी।