{"_id":"69f0f8a77b01d3b6e80831a1","slug":"boat-bookings-to-go-online-50-licenses-issued-mathura-news-c-29-1-mtr1022-549004-2026-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: ऑनलाइन होगी नावों की बुकिंग, 50 को दिए गए लाइसेंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: ऑनलाइन होगी नावों की बुकिंग, 50 को दिए गए लाइसेंस
विज्ञापन
मथुरा-वृंदावन। मथुरा- वृंदावन नाव में नाव-मोटरबोट संचालन के लिए मॉडल व्यवस्था की जा रही है। इसमें श्रद्धालुओं को नाव व मोटरबोट में सवारी के लिए ऑन लाइन बुकिंग करानी होगी। इसके बाद घाटों के हिसाब से नाव या मोटरबोट मिल सकेगी। इसमें लाइफ जैकेट सहित अन्य सुरक्षा उपकरण होंगे। मथुरा में नाव संचालन का जो मॉडल तैयार होगा उसी तर्ज पर प्रदेश में नावों का संचालन किया जाएगा।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि पिछले दिनों नाव डूबने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने नाव संचालन की नियमावली बनाई है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नाव का संचालन किया जाए। नाविकों का बीमा कराया जाए। नाव में निर्धारित संख्या में यात्री बैठे सभी लाइव जैकेट पहनें यह सुनिश्चित किया जा रहा है। यात्री नाव में ऑनलाइन बुक कराकर ही बैंठे, ऐसी व्यवस्था मथुरा-वृंदावन के घाटों पर की जा रही है। इस पर कार्य चल रहा है। मथुरा में नाव संचालन और व्यवस्था का जो मॉडल तैयार होगा, उसे अन्य स्थानों पर भी लागू किया जाएगा।
रजिस्ट्रेशन शुल्क को लेकर विचार किया जाएगा। वाराणसी का मॉडल पुराना है। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने बताया कि 250 से ज्यादा आवेदन आए हैं। 50 नाविकों को दो दिन में लाइसेंस दिए जा चुके हैं। मोटरबोट का मुआयना एआरटीओ करेंगे, तब ही उन्हें संचालन की अनुमति दी जाएगी। जुगाड़ वाली नावों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। चप्पू वाली नाव को भी निरीक्षण करने के बाद ही लाइसेंस दिए जा रहे हैं। एक सप्ताह में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि पिछले दिनों नाव डूबने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने नाव संचालन की नियमावली बनाई है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नाव का संचालन किया जाए। नाविकों का बीमा कराया जाए। नाव में निर्धारित संख्या में यात्री बैठे सभी लाइव जैकेट पहनें यह सुनिश्चित किया जा रहा है। यात्री नाव में ऑनलाइन बुक कराकर ही बैंठे, ऐसी व्यवस्था मथुरा-वृंदावन के घाटों पर की जा रही है। इस पर कार्य चल रहा है। मथुरा में नाव संचालन और व्यवस्था का जो मॉडल तैयार होगा, उसे अन्य स्थानों पर भी लागू किया जाएगा।
विज्ञापन
रजिस्ट्रेशन शुल्क को लेकर विचार किया जाएगा। वाराणसी का मॉडल पुराना है। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने बताया कि 250 से ज्यादा आवेदन आए हैं। 50 नाविकों को दो दिन में लाइसेंस दिए जा चुके हैं। मोटरबोट का मुआयना एआरटीओ करेंगे, तब ही उन्हें संचालन की अनुमति दी जाएगी। जुगाड़ वाली नावों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। चप्पू वाली नाव को भी निरीक्षण करने के बाद ही लाइसेंस दिए जा रहे हैं। एक सप्ताह में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
विज्ञापन