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Mathura News: नंदभवन में रोज गूंज रहीं जन्मोत्सव की बधाइयां
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नंदगांव। दुनिया में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का इंतजार भले ही जन्माष्टमी की तारीख तक होता हो, लेकिन नंदबाबा के गांव नंदगांव में कान्हा के जन्म की खुशियां मनाने का क्रम उससे काफी पहले शुरू हो जाता है। यहां सावन पूर्णिमा की रात से ही नंदभवन में कृष्ण जन्म की बधाइयां गूंजने लगती हैं। नंदीश्वर पहाड़ी स्थित नंदबाबा मंदिर इन दिनों बधाई गायन चल रहा है।
सावन पूर्णिमा की रात जैसे ही नंदभवन में समाज गायन शुरू हुआ, वातावरण में ब्रज की पारंपरिक बधाइयों की मिठास घुल गई। बोलो री, नाहिंन की बिटिया नगर बुलावौ देय और आज बधायौ ब्रजराज कें, रानी जायौ मोहन पूत जैसे पदों ने ऐसा माहौल बनाया मानो नंद के आंगन में कान्हा का जन्म हो चुका हो। मंदिर में बैठे श्रद्धालु भी इन पदों के साथ कृष्ण जन्म की कल्पना में डूबते नजर आए। नंदभवन में शुरू हुआ यह बधाई गायन कोई एक-दो दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि ब्रज की पुरानी परंपरा का हिस्सा है। नंदबाबा मंदिर के सेवायत दीपक गोस्वामी ने बताया कि सावन पूर्णिमा से शुरू हुआ समाज गायन कृष्ण पक्ष नवमी तक चलेगा। पूर्णिमा से द्वितीया तक रात आठ से साढ़े नौ बजे तक गायन होगा। इसके बाद प्रतिदिन दो बार दोपहर 12 बजे और रात 8:30 बजे बधाई गायन किया जाएगा। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु नंदभवन में बैठकर इन पारंपरिक पदों को सुनकर आनंद ले रहे हैं।
पांच को मनाई जाएगी जन्माष्टमी, छह को नंदोत्सव
नंदगांव की जन्माष्टमी की परंपरा अन्य स्थानों से अलग है। यहां कृष्ण जन्म से जुड़े रीति-रिवाजों के साथ खुर गिनती की विशेष परंपरा भी निभाई जाती है। इस बार नंदभवन में 5 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और 6 सितंबर को नंदोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। नंदोत्सव में पारंपरिक झांकियां, सामूहिक बधाई गायन, मल्लयुद्ध और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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सावन पूर्णिमा की रात जैसे ही नंदभवन में समाज गायन शुरू हुआ, वातावरण में ब्रज की पारंपरिक बधाइयों की मिठास घुल गई। बोलो री, नाहिंन की बिटिया नगर बुलावौ देय और आज बधायौ ब्रजराज कें, रानी जायौ मोहन पूत जैसे पदों ने ऐसा माहौल बनाया मानो नंद के आंगन में कान्हा का जन्म हो चुका हो। मंदिर में बैठे श्रद्धालु भी इन पदों के साथ कृष्ण जन्म की कल्पना में डूबते नजर आए। नंदभवन में शुरू हुआ यह बधाई गायन कोई एक-दो दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि ब्रज की पुरानी परंपरा का हिस्सा है। नंदबाबा मंदिर के सेवायत दीपक गोस्वामी ने बताया कि सावन पूर्णिमा से शुरू हुआ समाज गायन कृष्ण पक्ष नवमी तक चलेगा। पूर्णिमा से द्वितीया तक रात आठ से साढ़े नौ बजे तक गायन होगा। इसके बाद प्रतिदिन दो बार दोपहर 12 बजे और रात 8:30 बजे बधाई गायन किया जाएगा। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु नंदभवन में बैठकर इन पारंपरिक पदों को सुनकर आनंद ले रहे हैं।
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पांच को मनाई जाएगी जन्माष्टमी, छह को नंदोत्सव
नंदगांव की जन्माष्टमी की परंपरा अन्य स्थानों से अलग है। यहां कृष्ण जन्म से जुड़े रीति-रिवाजों के साथ खुर गिनती की विशेष परंपरा भी निभाई जाती है। इस बार नंदभवन में 5 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और 6 सितंबर को नंदोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। नंदोत्सव में पारंपरिक झांकियां, सामूहिक बधाई गायन, मल्लयुद्ध और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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