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फसलों के मुआवजे के लिए किसानों ने किया प्रदर्शन, पुलिस से झड़प
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मथुरा। ओलावृष्टि मुआवजा की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में प्रदर्शन करते किसा
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। जिले में ओलावृष्टि और बारिश से फसल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसानों को देख प्रशासनिक अफसरों के हाथ पैर फूल गए। किसानों के कलक्ट्रेट पहुंचने से पहले ही उन्हें रोक दिया। इस दौरान किसानों की पुलिस से झड़प भी हुई। यहां ज्ञापन लेते हुए अफसरों ने भरोसा दिया कि 25 मार्च से पहले मुआवजा किसानों के बैंक खातों में पहुंचा दिया जाएगा।
फरवरी के अंतिम सप्ताह और मार्च के प्रथम सप्ताह में कई दिन हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से जनपद में फसल को बड़ा नुकसान हुआ है। इसके दृष्टिगत दैवी आपदा का मुआवजा जल्द किसानों को देने की मांग को लेकर प्रदर्शन का एलान भारतीय किसान यूनियन ने कर दिया था। किसान यूनियन के पूर्व प्रदर्शनों को देखते हुए कलक्ट्रेट पर पुलिस बढ़ा दी गई। दोपहर एक बजे गोकुल बैराज से पैदल मार्च करते हुए किसानों ने बैनर-झंडों के साथ कलक्ट्रेट के लिए चले। किसानों के काफिले को देख प्रशासनिक अधिकारियों में के माथे पर चिंता की लकीर खिंच गईं। तत्काल ही किसानों के काफिले को रोकने की प्रक्रिया शुरू हो गई। कई स्थानों पर पुलिस ने किसानों को रोकने की कोशिश की। इससे किसान नेताओं की पुलिस बल के झड़प भी हो गई।
सदर तहसील से पहले एडीएम वित्त ब्रजेश कुमार ने यूनियन के जिलाध्यक्ष राजकुमार तोमर की डीएम से वार्ता फोन पर कराई। डीएम ने भरोसा दिया कि 25 मार्च से पहले मुआवजा किसानों को मिल जाएगा। फसल सर्वे का काम लगभग पूरा हो गया है। इसके बाद मंडल अध्यक्ष बुद्धासिंह प्रधान, जिलाध्यक्ष राजकुमार तोमर, महेंद्र सिंह चारोली, सुधीर रावत, गजेंद्र परिहर, डॉ. चेतन, देवेंद्र रघुवंशी, रणवीर प्रधान, विक्की मधुर, चंद्रपाल सिकरवार, सत्यवीर मुनीम, ललित शर्मा, रामवीर सिंह, मनीराम तोमर, उदयवीर पहलवान, मीना ठाकुर ने एडीएम को ज्ञापन सौंप दिया। इसमें नलकूपों के कनेक्शन न काटते, किसानों पर लगे मुकदमा वापस लेने की भी मांग की गई है। यहां से किसान वापस लौट आए।
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फरवरी के अंतिम सप्ताह और मार्च के प्रथम सप्ताह में कई दिन हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से जनपद में फसल को बड़ा नुकसान हुआ है। इसके दृष्टिगत दैवी आपदा का मुआवजा जल्द किसानों को देने की मांग को लेकर प्रदर्शन का एलान भारतीय किसान यूनियन ने कर दिया था। किसान यूनियन के पूर्व प्रदर्शनों को देखते हुए कलक्ट्रेट पर पुलिस बढ़ा दी गई। दोपहर एक बजे गोकुल बैराज से पैदल मार्च करते हुए किसानों ने बैनर-झंडों के साथ कलक्ट्रेट के लिए चले। किसानों के काफिले को देख प्रशासनिक अधिकारियों में के माथे पर चिंता की लकीर खिंच गईं। तत्काल ही किसानों के काफिले को रोकने की प्रक्रिया शुरू हो गई। कई स्थानों पर पुलिस ने किसानों को रोकने की कोशिश की। इससे किसान नेताओं की पुलिस बल के झड़प भी हो गई।
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सदर तहसील से पहले एडीएम वित्त ब्रजेश कुमार ने यूनियन के जिलाध्यक्ष राजकुमार तोमर की डीएम से वार्ता फोन पर कराई। डीएम ने भरोसा दिया कि 25 मार्च से पहले मुआवजा किसानों को मिल जाएगा। फसल सर्वे का काम लगभग पूरा हो गया है। इसके बाद मंडल अध्यक्ष बुद्धासिंह प्रधान, जिलाध्यक्ष राजकुमार तोमर, महेंद्र सिंह चारोली, सुधीर रावत, गजेंद्र परिहर, डॉ. चेतन, देवेंद्र रघुवंशी, रणवीर प्रधान, विक्की मधुर, चंद्रपाल सिकरवार, सत्यवीर मुनीम, ललित शर्मा, रामवीर सिंह, मनीराम तोमर, उदयवीर पहलवान, मीना ठाकुर ने एडीएम को ज्ञापन सौंप दिया। इसमें नलकूपों के कनेक्शन न काटते, किसानों पर लगे मुकदमा वापस लेने की भी मांग की गई है। यहां से किसान वापस लौट आए।
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