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वन विभाग की लापरवाही से चार घंटे तड़पता रहा बारहसिंघा
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नंदगांव रोड पर घायलावस्था में बैठा बारहसिंघा।
- फोटो : MATHURA
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नंदगांव (मथुरा)। वन विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण एक घायल बारहसिंघा घंटों रोड पर तड़पता रहा। प्रत्यक्षदर्शी नंदगांव निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि नंदगांव-कोसीकलां रोड पर गांव जाब के निकट कुत्तों ने हमला बोल कर एक बारहसिंघा को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी।
वन विभाग से एक कर्मचारी सुबह 10 बजे मौके पर पहुंचा और बारहसिंघा को उपचार के लिए एक टेंपो में लाद कर ले जाने लगा। थोड़ी दूर चल कर टेंपो खराब हो गया। दो घंटे तक बारहसिंघा तड़पता रहा। कर्मचारी ने घायल बारहसिंघा को दूसरे टेंपो में ले जाना मुनासिब नहीं समझा।
घायल बारहसिंघा को रोड पर ही पटक दिया। दोपहर 12 बजे बाइक से कोसीकलां जा रहे नंदगांव निवासी मुकेश व हरकेश ने जब बारहसिंघा को तड़पता देखा तो उन्होंने दूसरा टेंपो बुक कर उसे अस्पताल के लिए भिजवाया। इस संबंध में फोरेस्ट रेंजर मेघराज शर्मा से संपर्क किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। कर्मचारी की लापरवाही के चलते बारहसिंघा को दो घंटे तक तड़पना पड़ा।
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वन विभाग से एक कर्मचारी सुबह 10 बजे मौके पर पहुंचा और बारहसिंघा को उपचार के लिए एक टेंपो में लाद कर ले जाने लगा। थोड़ी दूर चल कर टेंपो खराब हो गया। दो घंटे तक बारहसिंघा तड़पता रहा। कर्मचारी ने घायल बारहसिंघा को दूसरे टेंपो में ले जाना मुनासिब नहीं समझा।
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घायल बारहसिंघा को रोड पर ही पटक दिया। दोपहर 12 बजे बाइक से कोसीकलां जा रहे नंदगांव निवासी मुकेश व हरकेश ने जब बारहसिंघा को तड़पता देखा तो उन्होंने दूसरा टेंपो बुक कर उसे अस्पताल के लिए भिजवाया। इस संबंध में फोरेस्ट रेंजर मेघराज शर्मा से संपर्क किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। कर्मचारी की लापरवाही के चलते बारहसिंघा को दो घंटे तक तड़पना पड़ा।
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