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बांकेबिहारी की कच्ची रसोई के लिए तैयार नहीं सेवायत
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 04 May 2016 11:44 PM IST
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बांकेबिहारी मंदिर
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ठाकुर बांकेबिहारी को कई दिनों से कच्चे भोग की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। ठाकुरजी को बड़ी हवेली से आने वाला पक्का प्रसाद ही निवेदित किया जा रहा है।
ठाकुरजी की कच्ची रसोई के निर्माण के लिए सेवायत तैयार नहीं हो रहे हैं। कमेटी के आग्रह, मुनादी और नोटिस चस्पा करने के बाद भी बुधवार को किसी सेवायत ने ठाकुरजी की कच्ची रसोई की व्यवस्था के लिए पहल नहीं की।
बताया जा रहा है कि बांकेबिहारी मंदिर के शयनभोग सेवायत और राजभोग सेवायतों में आपसी सामंजस्य न बैठ पाने के कारण यह समस्या आ रही है। मंदिर सेवायतों में यदि जल्द सामंजस्य नहीं बैठ सका तो मंदिर प्रबंध कमेटी विकल्प तलाश रही है। मंदिर प्रबंधन कच्ची रसोई के निर्माण के लिए जल्द ही कोई निर्णय ले सकता है। बुधवार को ठाकुरजी को दूध भात का भोग लगाया गया। राज भोग और शयन भोग की सेवा में बड़ी हवेली से पक्के प्रसाद की व्यवस्था की गई।
बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष नंद किशोर उपमन्यु ने कहा कि किसी भी गोस्वामी परिवार ने ठाकुरजी के लिए कच्ची रसोई बनाने में रुचि नहीं दिखाई है। उन्होंने मंदिर के समस्त सेवायत गोस्वामियों को इसके लिए आमंत्रित किया, इसके लिए इश्तिहार भी दिए। उन्होंने कहा कि ठाकुरजी को भूखा नहीं रख सकते, यदि प्रबंधन द्वारा तय की गई समय सीमा में सेवायतों ने कोई निर्णय नहीं लिया तो प्रबंधन कंठी धारण सारस्वत ब्राह्मण भंडारी से ही प्रसाद तैयार कराने को बाध्य होगा।
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ठाकुरजी की कच्ची रसोई के निर्माण के लिए सेवायत तैयार नहीं हो रहे हैं। कमेटी के आग्रह, मुनादी और नोटिस चस्पा करने के बाद भी बुधवार को किसी सेवायत ने ठाकुरजी की कच्ची रसोई की व्यवस्था के लिए पहल नहीं की।
बताया जा रहा है कि बांकेबिहारी मंदिर के शयनभोग सेवायत और राजभोग सेवायतों में आपसी सामंजस्य न बैठ पाने के कारण यह समस्या आ रही है। मंदिर सेवायतों में यदि जल्द सामंजस्य नहीं बैठ सका तो मंदिर प्रबंध कमेटी विकल्प तलाश रही है। मंदिर प्रबंधन कच्ची रसोई के निर्माण के लिए जल्द ही कोई निर्णय ले सकता है। बुधवार को ठाकुरजी को दूध भात का भोग लगाया गया। राज भोग और शयन भोग की सेवा में बड़ी हवेली से पक्के प्रसाद की व्यवस्था की गई।
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बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष नंद किशोर उपमन्यु ने कहा कि किसी भी गोस्वामी परिवार ने ठाकुरजी के लिए कच्ची रसोई बनाने में रुचि नहीं दिखाई है। उन्होंने मंदिर के समस्त सेवायत गोस्वामियों को इसके लिए आमंत्रित किया, इसके लिए इश्तिहार भी दिए। उन्होंने कहा कि ठाकुरजी को भूखा नहीं रख सकते, यदि प्रबंधन द्वारा तय की गई समय सीमा में सेवायतों ने कोई निर्णय नहीं लिया तो प्रबंधन कंठी धारण सारस्वत ब्राह्मण भंडारी से ही प्रसाद तैयार कराने को बाध्य होगा।
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