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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Banke Bihari temple corridor necessary an accident happened during Mangala Aarti then its foundation laid

Vrindavan: बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर क्यों जरूरी... मंगला आरती पर हुआ था हादसा, तब रखी गई इसकी नींव

Fri, 16 May 2025 01:12 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 16 May 2025 01:12 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने बांकेबिहारी कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। बांकेबिहारी कॉरिडोर क्यों जरूरी है और इसकी नींव कब रखी गई, ऐसे तमाम सवाल हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से...
 

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Banke Bihari temple corridor necessary an accident happened during Mangala Aarti then its foundation laid
बांकेबिहारी मंदिर - फोटो : mathura

विस्तार

2022 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर वृंदावन के श्रीबांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती के दौरान भगदड़ में दो की मौत के बाद कॉरीडोर की नींव रखी गई थी। ताकि भविष्य में ऐसा हादसा न हो सके।
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हादसे की जांच के लिए योगी सरकार ने तेज तर्रार आईएएस अधिकारी गौरव दयाल और पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में हादसे का मर्म भीड़ का दवाब और वर्तमान परिसर में क्षमता से अधिक श्रद्धालु मौजूद होना पाया गया था। इस पर कमेटी ने कॉरिडोर बनाने की सिफारिश करते हुए सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी। राज्य सरकार ने गौरव दयाल कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकार किया था।
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इसके बाद वृंदावन में कॉरिडोर निर्माण का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि स्थानीय लोगों ने सरकार पर वृंदावन के मूल स्वरूप के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया था कुछ लोग इसके खिलाफ हाईकोर्ट चले गए। सरकार की ओर से जिला प्रशासन ने एक साल हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी। तमाम कॉरिडोर के समर्थन में दिए। दूसरी ओर से भी तमाम तर्क अपनी याचिका के संबंध में दिए गए। मंदिर प्रबंधन ने मंदिर कोष से कॉरिडोर निर्माण के लिए पैसे देने से इन्कार कर दिया था। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुना और एक साल बाद कॉरिडोर को श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन की व्यवस्था के पक्ष में मानते हुए अपना फैसला दिया। इसपर राज्य सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई। बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया है।

 

वर्तमान में एक साथ एक हजार भक्त ही कर सकते हैं दर्शन
वर्ष 1864 में स्थापित श्रीबांके बिहारी मंदिर में वर्तमान में हर रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करते हैं। शनिवार और रविवार को यह संख्या एक लाख के पार होती है। विशेष त्योहारों पर तो आठ लाख से अधिक श्रद्धालु एक दिन में यहां आ जाते हैं। मंदिर परिसर के भीतर चौक का एरिया 48 वाई 48 फुट का है, जिसमें एक समय में महज एक हजार के करीब लोग ही आ पाते हैं। ऐसे में पुलिस-प्रशासन के सामने भीड़ नियंत्रण बड़ी चुनौती साबित होती है।

 
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याची ने ब्रज के मंदिरों की सुरक्षा-रखरखाव की मांगी थी जानकारी
स्थानीय निवासी अनंत शर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ब्रज के मंदिरों में सुरक्षा-रखरखाव समेत अन्य स्थितियों के बारें जानकारी मांगी थी। इसपर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया था। सरकार ने उस समय हाईकोर्ट से बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए कॉरिडोर निर्माण की बात कही थी।

 
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