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Mathura News: ऑटो, ई-रिक्शा चालक ओवरलोडिंग कर धड़ल्ले से दौड़ रहे
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वृंदावन। नगर में बेलगाम दौड़ रहे ई-रिक्शा और ऑटो चालक अधिक कमाई के लालच में श्रद्धालुओं की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। क्षमता से अधिक यात्रियों को वाहन में बैठा रहे हैं। ओवरलोड होने के कारण यात्री परेशानी के साथ दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। वहीं पुलिस एवं परिवहन विभाग बेबस है।
नगर निगम ने नगर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए 2700 ई रिक्शाओं का रजिस्ट्रेशन किया है। इसके लिए रूट और यात्री किराया भी निर्धारित किया गया लेकिन रजिस्ट्रेशन हुए एक वर्ष होने जा रहा है लेकिन नगर में निर्धारित रूट पर सीमित संख्या में ई रिक्शाओं का संचालन नहीं हो सका। पुलिस और नगर निगम ने योजना ठंडे बस्ते में डाल दी। नतीजा नगर में करीब सात हजार ई रिक्शाओं का संचालन किया जा रहा है। चार हजार से अधिक ई रिक्शा बिना नगर निगम के रजिस्ट्रेशन के नगर में दौड़ रहे हैं।
संभागीय परिवहन विभाग द्वारा ई-रिक्शा को सिर्फ चार सवारी और एक चालक का परमिट स्वीकृत है जबकि चालक अधिक कमाई के लालच में 10 से 13 यात्रियों को बैठाकर चला रहे हैं। चालक के दोनों ओर सवारी बैठाए जाने पर ई रिक्शा अनियंत्रित होकर आए दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। यही हाल ऑटो चालकों का है। ऑटो में चार और छह श्रद्धालुओं के स्थान पर 12 से 15 श्रद्धालुओं को बैठाया जा रहा है। नगर के तिराहे-चौराहों पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी ओवरलोड ई रिक्शा को देखकर भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वहीं एआरटीओ विभाग भी इस ओर से आंखें मूंदे हुए है। सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि ओवरलोड ई-रिक्शा एवं ऑटो के विरुद्ध चालान एवं सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। प्रयास किया जा रहा है कि निर्धारित रूट पर सीमित संख्या में ही ई रिक्शा एवं ऑटो संचालित हो सकें।
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नगर निगम ने नगर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए 2700 ई रिक्शाओं का रजिस्ट्रेशन किया है। इसके लिए रूट और यात्री किराया भी निर्धारित किया गया लेकिन रजिस्ट्रेशन हुए एक वर्ष होने जा रहा है लेकिन नगर में निर्धारित रूट पर सीमित संख्या में ई रिक्शाओं का संचालन नहीं हो सका। पुलिस और नगर निगम ने योजना ठंडे बस्ते में डाल दी। नतीजा नगर में करीब सात हजार ई रिक्शाओं का संचालन किया जा रहा है। चार हजार से अधिक ई रिक्शा बिना नगर निगम के रजिस्ट्रेशन के नगर में दौड़ रहे हैं।
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संभागीय परिवहन विभाग द्वारा ई-रिक्शा को सिर्फ चार सवारी और एक चालक का परमिट स्वीकृत है जबकि चालक अधिक कमाई के लालच में 10 से 13 यात्रियों को बैठाकर चला रहे हैं। चालक के दोनों ओर सवारी बैठाए जाने पर ई रिक्शा अनियंत्रित होकर आए दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। यही हाल ऑटो चालकों का है। ऑटो में चार और छह श्रद्धालुओं के स्थान पर 12 से 15 श्रद्धालुओं को बैठाया जा रहा है। नगर के तिराहे-चौराहों पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी ओवरलोड ई रिक्शा को देखकर भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वहीं एआरटीओ विभाग भी इस ओर से आंखें मूंदे हुए है। सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि ओवरलोड ई-रिक्शा एवं ऑटो के विरुद्ध चालान एवं सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। प्रयास किया जा रहा है कि निर्धारित रूट पर सीमित संख्या में ही ई रिक्शा एवं ऑटो संचालित हो सकें।
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