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Mathura News: स्ट्रेचर पर मरीज लेकर खुद ही घूमा तीमारदार, एक्सरे देख डाॅक्टर ने लिख दी दवाई
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वृंदावन। न तो स्ट्रेचर पर ले जाने के लिए कोई कर्मचारी। खुद ही स्ट्रेचर पर लेकर तीमारदार मरीज को इधर-उधर लेकर हॉस्पिटल में घूमे। चिकित्सक ने भी मर्ज देखा नहीं, केवल एक्सरे देखकर दवाई लिखकर इतिश्री कर डाली। यह हाल है वृंदावन के संयुक्त जिला चिकित्सालय (सौ शैय्या) का।
एक तरफ तो योगी सरकार मरीजों को हरसंभव इलाज का दावा करती है, वहीं सरकार के नुमाइंदे सरकार के दावों को खोखला साबित करते दिख रहे हैं। ऐसा ही मामला मंगलवार को सौ शैय्या अस्पताल में देखने को मिला। तीमारदार शकील गोरानगर निवासी शरीफ (40) पुत्र शुबराती को घायल हो जाने पर लाए थे। हॉस्पिटल में खुद ही शकील स्ट्रेचर लेकर आए। उन्हें कोई कर्मचारी नहीं मिला, जो कि उनके घायल मरीज को लेकर हॉस्पिटल की इमरजेंसी तक ले जाए।
इसके बाद मरीज को स्ट्रेचर पर लेकर शकील खुद ही हॉस्पिटल में इधर-उधर घूमते रहे। हद तो तब हो गई, जब वह मरीज को डॉक्टर के पास दिखाने ले गए। यहां डॉक्टर ने मरीज को देखना भी मुनासिब नहीं समझा। केवल एक्सरे देखकर ही दवा और इंजेक्शन लिख दे दिया। यह एक बानगी मात्र है। प्रतिदिन न जाने कितने मरीज आते होंगे, जिनके साथ ऐसा ही हाल होता होगा। सीएमएस विनीत यादव ने बताया कि हर समय स्ट्रेचर के लिए कर्मचारी रहता है। तीमारदारों ने बताया नहीं होगा। एक्सरे मरीज का है तो काफी है दवाई लिखकर दी जा सकती है।
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एक तरफ तो योगी सरकार मरीजों को हरसंभव इलाज का दावा करती है, वहीं सरकार के नुमाइंदे सरकार के दावों को खोखला साबित करते दिख रहे हैं। ऐसा ही मामला मंगलवार को सौ शैय्या अस्पताल में देखने को मिला। तीमारदार शकील गोरानगर निवासी शरीफ (40) पुत्र शुबराती को घायल हो जाने पर लाए थे। हॉस्पिटल में खुद ही शकील स्ट्रेचर लेकर आए। उन्हें कोई कर्मचारी नहीं मिला, जो कि उनके घायल मरीज को लेकर हॉस्पिटल की इमरजेंसी तक ले जाए।
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इसके बाद मरीज को स्ट्रेचर पर लेकर शकील खुद ही हॉस्पिटल में इधर-उधर घूमते रहे। हद तो तब हो गई, जब वह मरीज को डॉक्टर के पास दिखाने ले गए। यहां डॉक्टर ने मरीज को देखना भी मुनासिब नहीं समझा। केवल एक्सरे देखकर ही दवा और इंजेक्शन लिख दे दिया। यह एक बानगी मात्र है। प्रतिदिन न जाने कितने मरीज आते होंगे, जिनके साथ ऐसा ही हाल होता होगा। सीएमएस विनीत यादव ने बताया कि हर समय स्ट्रेचर के लिए कर्मचारी रहता है। तीमारदारों ने बताया नहीं होगा। एक्सरे मरीज का है तो काफी है दवाई लिखकर दी जा सकती है।
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