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रामताल कुंड पर खोदाई कार्य शुरू
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 25 Feb 2016 12:01 AM IST
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने बुधवार को गांव सुनरख मार्ग पर स्थित प्राचीन रामताल कुंड की खोदाई का कार्य शुरू करा दिया। खोदाई के लिए तय दो हफ्तों तक 12 श्रमिक इसमें कार्य करेंगे।
एएसआई आगरा मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद डा. भुवन विक्रम ने बताया कि दो सप्ताह तक खोदाई के बाद कुंड से जो भी अवशेष प्राप्त होंगे, उन्हें सुरक्षित रखते हुए परीक्षण के लिए लैब भेजा जाएगा। इससे अवशेषों का कालक्रम पता चल सके। खोदाई के दौरान निकलने वाली मिट्टी को कुंड के चारों ओर ही डाला जा रहा है।
इधर रामताल कुंड की खोदाई का कार्य शुरू होने से कालोनाइजरों में हड़कंप है। वृंदावन और आसपास क्षेत्र में जमीन के दाम काफी बढ़ने के कारण ये कालोनाइजर सुनरख, रामताल, देवी आटस, गोंदा आटस, कीकी का नगला आदि गांवों में जमीन खरीद चुके हैं। अब इन कालोनाइजरों को डर है कि यदि रामताल कुंड और आसपास क्षेत्र से अवशेष मिलते हैं तो कहीं उनकी जमीन अधिगृहीत न कर ली जाए।
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डा. भुवन विक्रम ने इसके संकेत भी दिए कि दो सप्ताह के खोदाई कार्य में महत्वपूर्ण अवशेष प्राप्त होते हैं तो खोदाई कार्य जारी रखा जाएगा। उनका कहना है केंद्र सरकार को भी पत्र लिखकर क्षेत्र की वास्तविकता से अवगत कराकर रामताल कुंड के आसपास इलाके में भी खोदाई कराने के प्रयास किए जाएंगे।
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एएसआई आगरा मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद डा. भुवन विक्रम ने बताया कि दो सप्ताह तक खोदाई के बाद कुंड से जो भी अवशेष प्राप्त होंगे, उन्हें सुरक्षित रखते हुए परीक्षण के लिए लैब भेजा जाएगा। इससे अवशेषों का कालक्रम पता चल सके। खोदाई के दौरान निकलने वाली मिट्टी को कुंड के चारों ओर ही डाला जा रहा है।
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इधर रामताल कुंड की खोदाई का कार्य शुरू होने से कालोनाइजरों में हड़कंप है। वृंदावन और आसपास क्षेत्र में जमीन के दाम काफी बढ़ने के कारण ये कालोनाइजर सुनरख, रामताल, देवी आटस, गोंदा आटस, कीकी का नगला आदि गांवों में जमीन खरीद चुके हैं। अब इन कालोनाइजरों को डर है कि यदि रामताल कुंड और आसपास क्षेत्र से अवशेष मिलते हैं तो कहीं उनकी जमीन अधिगृहीत न कर ली जाए।
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डा. भुवन विक्रम ने इसके संकेत भी दिए कि दो सप्ताह के खोदाई कार्य में महत्वपूर्ण अवशेष प्राप्त होते हैं तो खोदाई कार्य जारी रखा जाएगा। उनका कहना है केंद्र सरकार को भी पत्र लिखकर क्षेत्र की वास्तविकता से अवगत कराकर रामताल कुंड के आसपास इलाके में भी खोदाई कराने के प्रयास किए जाएंगे।