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Mathura News: फिटनेस में भी फिट है एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों का खेल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Feb 2025 12:47 AM IST
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ARTO office employees are also fit in fitness game
मथुरा। एआरटीओ कार्यालय में केवल ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में ही दलाल खेल नहीं कर रहे हैं, बल्कि हर काम में जनता की जेब काटी जा रही है। वाहनों की फिटनेस में भी कार्यालय के कर्मचारियों ने अपना खेल फिट कर रखा है। फिटनेस के लिए वाहनों पर लगाए जाने वाले रिफ्लेक्टर टेप की आड़ में वाहन मालिकों से मोटी रकम वसूली जा रही है। डंके की चोट पर ये खेल चल रहा है, लेकिन आज तक अधिकारियों ने इस तरफ नजर नहीं की।
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टैक्सी परमिट कारों के साथ ही अन्य व्यावसायिक वाहन जैसे पिकअप, बस, ट्रक, डंपर समेत सभी वाहनों की फिटनेस कराना अनिवार्य है। फिटनेस का प्रमाण पत्र एआरटीओ कार्यालय से जारी किया जाता है। इसके लिए वाहन को एआरटीओ कार्यालय लेकर जाना पड़ता है। अधिकारी देखने के बाद ही वाहन की फिटनेस प्रमाणित करते हैं। आठ साल तक पुराने वाहनों की प्रति दो वर्ष पर और इससे अधिक पुराने वाहनों की प्रत्येक वर्ष फिटनेस करानी होती है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद एआरटीओ कार्यालय में वाहन मालिक को अपना वाहन लेकर पहुंचना पड़ता है।
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यहां फिटनेस में भी कर्मचारियों ने अपना पूरा खेल फिट कर रखा है। यहां आने वाले वाहन स्वामियों को रिफ्लेक्टर टेप लगवाने के लिए बाध्य किया जाता है। इसके लिए एक व्यक्ति हाथ में रिफ्लेक्टर टेप लिया एआरटीओ कार्यालय के फिटनेस जांच स्थल पर तैयार रहता है।
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रिफ्लेक्टर टेप लगाने के बाद युवक इसका भुगतान नहीं लेता। क्योंकि चंद रुपयों के रिफ्लेक्टर टेप के लिए कार्यालय के फिटनेस काम से जुड़े कर्मचारी ही मोटा रुपया वसूलते हैं। 200 से 300 रुपये के इस टेप के लिए दो हजार रुपये तक वसूल किए जाते हैं। ये खेल डंके की चोट पर दिन भर एआरटीओ कार्यालय में होता है, लेकिन आज तक न तो फिटनेस के लिए वाहन जांचने वाले संभागीय निरीक्षक प्राविधिक को ये नजर आया और न ही एआरटीओ को। या यूं कहें कि सब जान बूझकर आंखें मूंदकर बैठे हैं। इसका खामियाजा वाहन स्वामियों को अपनी जेब कटवाकर भुगतना पड़ रहा है।
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पुराना रिफ्लेक्टर टेप लगा है तो भी पास नहीं होगा वाहन
अगर किसी वाहन पर पहले से ही रिफ्लेक्टर टेप लगा है या फिर बाहर से लगवा लिया गया है तो उसे पास नहीं किया जाता है। दोबारा से उसे कार्यालय में रिफ्लेक्टर टेप जरूर लगवाना होगा। इसके लिए उसे रुपये भी अतिरिक्त देने होंगे। इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन और पूरी प्रक्रिया में दलाल भी वाहन स्वामी से धनराशि वसूल करते हैं। बिना दलाल के एक भी वाहन फिटनेस की फाइल कार्यालय में प्रस्तुत नहीं की जाती है। दिन भर फिटनेस स्थल पर दलालों का हाथ में फाइल लिए जमावड़ा लगा रहता है।
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कर्मचारी बोला मैं तो मजदूरी पर कर रहा हूं काम
शुक्रवार को वाहन पर रिफ्लेक्टर लगाने वाले युवक से जब बात की गई तो उसने पूरी कहानी बताई। उसने बताया कि वह तो दैनिक मजदूरी पर अपना काम करता है। रिफ्लेक्टर टेप का रुपया तो कार्यालय के कर्मचारी ही लेते हैं। इससे उनका कोई वास्ता नहीं है। रिफ्लेक्टर टेप व अन्य सामान भी उनके द्वारा ही उपलब्ध कराया जाता है।


चाहे ड्राइविंग लाइसेंस हो या फिर फिटनेस किसी भी काम के लिए वाहन स्वामी या आवेदक से अतिरिक्त धनराशि की मांग नहीं की जा सकती है। मैं स्वयं एआरटीओ कार्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखूंगा। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी कार्रवाई की जाएगी।
- चंद्र प्रकाश सिंह, डीएम मथुरा
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