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ब्रज में जन-जन के मध्य संगीत का वजूद - अनूप जलोटा
अमर उजाला वृंदावन
Updated Thu, 07 Jul 2016 12:06 AM IST
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अनूप जलोटा
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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ब्रज की पावन धरा पर सदैव भक्ति और संगीत का बोलबाला रहेगा। प्रेम की साक्षात प्रतिमूर्ति भगवान राधाकृष्ण की प्रेमभूमि और संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास की साधना स्थली पर कभी भी भक्ति और संगीत का प्रभाव कम नहीं हो सकता है। ये बात बुधवार को प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा ने कही। वे बरसाना स्थित श्रीजी मंदिर में प्रस्तुति देने के लिए ब्रजभूमि आए थे।
वृंदावन के सुनरख मार्ग स्थित आनंद कृष्णा वन में पत्रकार वार्ता के दौरान अनूप जलोटा ने कहा कि जहां स्वयं स्वामी हरिदास ने अपनी संगीत साधना के बल पर ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को प्रकट किया, वहां संगीत आज भी जन-जन के मध्य अपना वजूद रखता है।
बरसाना में प्रस्तुति की अनुमति न मिलने पर उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने ईद के कारण पुलिस बल उपलब्ध न होने के चलते बरसाना में आयोजन के अनुमति नहीं दी है। इसकी जानकारी स्वयं एसएसपी ने उन्हें फोनकर दी।
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भजन गायक ने कहा कि भगवान राधाकृष्ण की इच्छा के बिना उनकी लीला भूमि पर कोई आयोजन संभव नहीं है। इस अवसर पर आनंद कृष्णा वन के निदेशक गोर्वधन अग्रवान ने उनका दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया।
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वृंदावन के सुनरख मार्ग स्थित आनंद कृष्णा वन में पत्रकार वार्ता के दौरान अनूप जलोटा ने कहा कि जहां स्वयं स्वामी हरिदास ने अपनी संगीत साधना के बल पर ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को प्रकट किया, वहां संगीत आज भी जन-जन के मध्य अपना वजूद रखता है।
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बरसाना में प्रस्तुति की अनुमति न मिलने पर उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने ईद के कारण पुलिस बल उपलब्ध न होने के चलते बरसाना में आयोजन के अनुमति नहीं दी है। इसकी जानकारी स्वयं एसएसपी ने उन्हें फोनकर दी।
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भजन गायक ने कहा कि भगवान राधाकृष्ण की इच्छा के बिना उनकी लीला भूमि पर कोई आयोजन संभव नहीं है। इस अवसर पर आनंद कृष्णा वन के निदेशक गोर्वधन अग्रवान ने उनका दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया।