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पोषाहार से रेसिपी बनाना सिखा रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
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मथुरा। जनपद के 2363 आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक जुलाई से दो अक्टूबर तक विशेष संभव पोषण संर्वधन की ओर एक कदम अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 9 से 11 महीने के बच्चे वाले परिवार में जा रही हैं। वहां वे बच्चे को आयरन सिरप और विटामिन ए की दवा पिलाने के फायदे बताने के साथ घर में पोषाहार की रेसिपी भी बता रहीं हैं।
अपर जिला कार्यक्रम अधिकारी (एडीपीओ) अशोक कुमार ने बताया कि पिछले दिनों वजन सप्ताह में गंभीर अल्प वजन, अति कुपोषित बच्चों (सैम) और मध्यम कुपोषित (मैम) बच्चे चिह्नित किए गये। इनके लिए दो अक्टूबर तक विशेष अभियान संभव चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पोषण स्तर में सुधार के लिए कुपोषण की सही समय से पहचान एवं प्रबंधन पोषण अभियान के तहत महत्वपूर्ण रणनीति है।
कुपोषित बच्चों में बाल्यावस्था की बीमारियां एवं उनसे होने वाली मृत्यु का खतरा अधिक बढ़ जाता है। गंभीर अल्प वजन के बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें चिकित्सीय उपचार, परामर्श तथा गृह आधारित देखभाल के माध्यम से स्वस्थ व पोषित बनाना बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का संयुक्त प्रयास है।
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अपर जिला कार्यक्रम अधिकारी (एडीपीओ) अशोक कुमार ने बताया कि पिछले दिनों वजन सप्ताह में गंभीर अल्प वजन, अति कुपोषित बच्चों (सैम) और मध्यम कुपोषित (मैम) बच्चे चिह्नित किए गये। इनके लिए दो अक्टूबर तक विशेष अभियान संभव चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पोषण स्तर में सुधार के लिए कुपोषण की सही समय से पहचान एवं प्रबंधन पोषण अभियान के तहत महत्वपूर्ण रणनीति है।
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कुपोषित बच्चों में बाल्यावस्था की बीमारियां एवं उनसे होने वाली मृत्यु का खतरा अधिक बढ़ जाता है। गंभीर अल्प वजन के बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें चिकित्सीय उपचार, परामर्श तथा गृह आधारित देखभाल के माध्यम से स्वस्थ व पोषित बनाना बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का संयुक्त प्रयास है।
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