फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Ancient forests will be seen in mythological form

Mathura News: पौराणिक स्वरूप में नजर आएंगे प्राचीन वन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 May 2025 12:50 AM IST
विज्ञापन
Ancient forests will be seen in mythological form
मथुरा। ब्रज के 36 वनों को प्रचीन स्वरूप देने की कवायद शुरू हो गई है। मंगलवार को 119 एकड़ में फैले सुनरख वन में कृष्णकालीन पौधे लगाए गए। इन वनों में बबूल के स्थान पर कृष्णकालीन पौधे लगाने की योजना बनाई गई है।
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने मंगलवार से पौधरोपण की शुरूआत की है। उन्होंने वृंदावन स्थित सुनरख वन में पौधे लगाए। साथ ही कहा है कि ब्रज की पहचान वनों से है, जो अब नजर नहीं आते हैं। इसी पहचान को पुनर्जीवित करने की कवायद है। यह कवायद ब्रज के प्राचीन वनों की कल्पना साकार करेगी।
विज्ञापन


उन्होंने कहा ब्रज को सिंगापुर नहीं बनाना है, ब्रज को ब्रज बनाना है। वहीं सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने कहा है कि ब्रज के प्राकृतिक संसाधनों को पुनर्स्थापित करने का काम उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा किया जा रहा है। इस दौरान डीएफओ रजनीकांत मित्तल, अपर प्रमुख वन संरक्षक आगरा जोन भीमसेन, अनिल पटेल और सांसद प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन प्रजातियों के लगेंगे पौधे

कृष्ण कदंब, तमाल, बरगद (फिकस बेंघालेंसिस), पाकड़ (फिकस विरेंस), पीपल, पीलू, मौलश्री, खिरानी एएएम, बेल, आंवला, बहेड़ा, अर्जुन और पलास समेत अन्य प्रजातियां शामिल हैं।

तीन चरणों में होगा पौधारोपण
487 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले 36 वनों में तीन चरणों में पौधारोपण किया जाएगा। यह कार्य तीन सालों में पूरा होगा। पहले चरण में 150 हेक्टेयर, दूसरे चरण में 175 हेक्टेयर और अंतिम चरण में 162 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोण किया जाएगा


महत्वपूर्ण बिंदु
- पुराने धार्मिक ग्रंथ भत्क्ति वेदांत विलाम के अनुनार ब्रज क्षेत्र में अत्यंत धार्मिक महत्व के 137 पौराणिक वन थे।
-137 पौराणिक वनों में से 48 वन (12 वन, 12 उपवन, 12 प्रतिवन, 12 अधिवन) का वर्णन है।
-137 स्थलों में से 36 को यूपीबीटीवीपी ने उनके प्राचीन गौरव में पुनर्जीवित के लिए चिन्हित किया था। ये स्थल तीर्थयात्रियों के लिए पूज्यनीय हैं।

इन वनों में होगा पौधारोपण
वृंदावन (सुनरख), मथुरा (अहिल्यागंज), (धौरेरा), कराह वन (बरोठ बादर), फरह (अप्सरा वन), वृषभानुपुर (पीरपुर), शेरनगर (प्रेम वन), बराल (मयूर वन), रूपनगर (नंद प्राच्छन), अगरवाना (कृष्ण छीपन वन), नंदगांव (नंदगांव), कामर (बिहार वन), चटेन कलां (कोकिलावन), कोटवन (कोटवन), आजहाई (सुरभि वन), अजनौठी (शिक्षा वन), बनेड़ा (नारद बन), भदीश्वर (ललिता ग्राम), गाजीपुर (संकेत वन), कुरकंडा (गंधर्व), कोयला अलीपुर (ब्रह्म वन), जतीपुरा (विच्युवन), मकीतरा (चंद्रावनी यन), राधाकुंड (राधाकुंड), गोवर्धन गोरवा (गोवर्धन), मांट (भंडीर वन), मुबारकपुर (महावन), गोकुल (गोकुल), बरसाना (पदर वन), बड़हरा (बछवन माही), कमई (करहला व कमई), अजनोख (अजनोख), तारमी (तालवन), ऊंचागांव (कुमुदवन), सिहोरा (लोहवन), खेड़िया (खिदरबन)।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed